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डीसी दरबार पहुंचा मामला, सीआईडी भी पड़ताल में जुटी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 14 Nov 2015 01:50 AM IST
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श्री वैश्य व्यायाम एवं गौशाला में गायों की मौत का मामला डीसी दरबार में पहुंच गया है।
आरएसओ सदस्य हैप्पी जांगड़ा और अन्य समाजसेवियों ने डीसी डीके बेहेरा को ज्ञापन देकर गौशाला की दयनीय हालत से वाकिफ कराया।
इधर, खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस तंत्र भी सक्रिय हो गया और सीआईडी के जवानों ने गौशाला और आसपास के क्षेत्र में जाकर गौशाला की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
कुछ महिलाओं ने गौशाला की शिकायत भी की है।
ध्यान रहे कि बृहस्पतिवार सुबह जनता कॉलोनी स्थिति वैश्य गौशाला में गायों के शव सड़ी हुई हालत में मिले थे। सूत्रों की मानें तो गायों की मौत भूखे रहने के कारण चार-पांच दिन पहले ही हो गई थी लेकिन प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। हालांकि सूचना मिलते ही लावारिस पीड़ित पशु सेवा संस्थान के संचालक सहित कई समाजसेवी संगठन मौके पर पहुंचे और शवों को उठवाया।
अन्य बीमार गायों को इलाज के लिए भेजा गया। गायों की मौत के बाद से ही गौशाला में वर्चस्व की लड़ाई भी सामने आई थी।
शुक्रवार को आरएसओ प्रवक्ता हैप्पी जांगड़ा, महासचिव डॉ. बिजेंद्र सिंह, अशोक गुलिया और जसबीर सिंह ने एक शिकायत पत्र और अखबारों में प्रकाशित खबर की कटिंग भी डीसी डीके बेहेरा को सौंपी।
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उन्होंने बताया कि वैश्य गौशाला में लापरवाही चरम पर है। प्रशासन को इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए। हैप्पी जांगड़ा ने बताया की डीसी से मांग की गई है कि वैश्य गौशाला में एक वेटेनरी सर्जन की जिम्मेदारी तय की जाए। अब इस मामले में शनिवार को आईजी श्रीकांत जाधव से भी मुलाकात की जाएगी।
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आरएसओ सदस्य हैप्पी जांगड़ा और अन्य समाजसेवियों ने डीसी डीके बेहेरा को ज्ञापन देकर गौशाला की दयनीय हालत से वाकिफ कराया।
इधर, खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस तंत्र भी सक्रिय हो गया और सीआईडी के जवानों ने गौशाला और आसपास के क्षेत्र में जाकर गौशाला की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
कुछ महिलाओं ने गौशाला की शिकायत भी की है।
ध्यान रहे कि बृहस्पतिवार सुबह जनता कॉलोनी स्थिति वैश्य गौशाला में गायों के शव सड़ी हुई हालत में मिले थे। सूत्रों की मानें तो गायों की मौत भूखे रहने के कारण चार-पांच दिन पहले ही हो गई थी लेकिन प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। हालांकि सूचना मिलते ही लावारिस पीड़ित पशु सेवा संस्थान के संचालक सहित कई समाजसेवी संगठन मौके पर पहुंचे और शवों को उठवाया।
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अन्य बीमार गायों को इलाज के लिए भेजा गया। गायों की मौत के बाद से ही गौशाला में वर्चस्व की लड़ाई भी सामने आई थी।
शुक्रवार को आरएसओ प्रवक्ता हैप्पी जांगड़ा, महासचिव डॉ. बिजेंद्र सिंह, अशोक गुलिया और जसबीर सिंह ने एक शिकायत पत्र और अखबारों में प्रकाशित खबर की कटिंग भी डीसी डीके बेहेरा को सौंपी।
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उन्होंने बताया कि वैश्य गौशाला में लापरवाही चरम पर है। प्रशासन को इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए। हैप्पी जांगड़ा ने बताया की डीसी से मांग की गई है कि वैश्य गौशाला में एक वेटेनरी सर्जन की जिम्मेदारी तय की जाए। अब इस मामले में शनिवार को आईजी श्रीकांत जाधव से भी मुलाकात की जाएगी।