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Rohtak News: समगोत्र, गांव व गुहांड में विवाह को कानूनी अपराध घोषित किया जाए
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18सीटीके04-मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते सर्व जातीय सर्व खाप के प्रतिनिधि। स्रोत : खाप
सर्वजातीय सर्वखाप हरियाणा ने हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी को शुक्रवार को चंडीगढ़ में ज्ञापन सौंपा। खाप पंचायतें व विभिन्न सामाजिक संगठनों ने समाज के आधारभूत ढांचे को बचाने की गुहार लगाई। सर्वजातीय सर्वखाप के सदस्यों ने कहा कि समाज की श्रेष्ठ मान्यताओं, सामाजिक सुरक्षा व हमारी पहचान के संरक्षण के लिए हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन हो। इसमें समगोत्र, गांव व गुहांड में विवाह करने पर उसे अवैध करार दिया जाए। ऐसा करना कानूनी अपराध घोषित किया।
अखिल भारतीय देशवाल खाप के प्रधान संजय देशवाल ने कहा कि विवाह जैसे महान संस्कार के संरक्षण के लिए हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की अति आवश्यकता है। परिवार की संरचना विवाह संस्कार से आरंभ होती है। स्वतंत्रता के बाद अनेक कानून बने। इनमें से एक हिंदू विवाह अधिनियम 1955 भी है। दुर्भाग्य से हिंदू विवाह अधिनियम बनने के समय हमारे क्षेत्र विशेष तौर पर उत्तर भारत के हिंदुओं की मान्यताओं व प्रथाओं की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। इससे विवाह से संबंधित कुरीतियां आने लगी व सामाजिक मूल्यों का पतन होने लगा।
सर्वजातीय सर्वखाप के सदस्यों ने कहा कि हाल में हिंदू विवाह की वैधता बहुत सीमित रिश्तों की परिभाषाओं में है। हमारी परंपराओं में गोत्र, गांव व गुहांड यानी सीमावर्ती गांव बड़े परिवार के रूप में मान्य हैं। इनके सदस्यों के बीच आपस में वैवाहिक मान्यता नहीं है, लेकिन विवाह अधिनियम में हमारी मान्यताओं व परंपराओं के विपरीत वैधता प्रदान की गई है। यह हमारी जीवनशैली व प्रथाओं को समाप्त करने का षड्यंत्र है। हमारे संविधान में भी अपनी मान्यताओं व प्रथाओं के संरक्षण को मूल अधिकार माना गया है। लिव इन रिलेशनशिप (सहमति संबंध) कानून को रद्द किया जाए। प्रेम विवाह में माता-पिता की सहमति को कानूनी रूप से जरूरी किया जाए। लड़की के विवाह की उम्र 18 वर्ष की जाए।
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इस मौके पर अखिल भारतीय देशवाल खाप के प्रधान संजय देशवाल, गठवाला खाप के राष्ट्रीय महासचिव अशोक मलिक, हुड्डा खाप के प्रवक्ता जगवंत हुड्डा, सर्वखाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह, कादयान खाप के सचिव सुखचंद कादयान, लव वंशीय खत्री खाप के प्रधान सुरेंद्र खत्री, राठी खाप के प्रवक्ता हंसराज राठी, रोधी खाप के प्रधान हरदीप शर्मा, सिहरोवाहा खाप के प्रधान राजेश सिहरोवाहा, नरवाना खाप के प्रवक्ता किताब सिंह मोर, बिनैन खाप से गुरुदयाल नैन, दादंड़ खाप के प्रधान सूरजभान, चहल खाप के प्रधान, सरायसुखी के सरपंच व अन्य खाप प्रधान उपस्थित रहे।
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अखिल भारतीय देशवाल खाप के प्रधान संजय देशवाल ने कहा कि विवाह जैसे महान संस्कार के संरक्षण के लिए हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की अति आवश्यकता है। परिवार की संरचना विवाह संस्कार से आरंभ होती है। स्वतंत्रता के बाद अनेक कानून बने। इनमें से एक हिंदू विवाह अधिनियम 1955 भी है। दुर्भाग्य से हिंदू विवाह अधिनियम बनने के समय हमारे क्षेत्र विशेष तौर पर उत्तर भारत के हिंदुओं की मान्यताओं व प्रथाओं की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। इससे विवाह से संबंधित कुरीतियां आने लगी व सामाजिक मूल्यों का पतन होने लगा।
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सर्वजातीय सर्वखाप के सदस्यों ने कहा कि हाल में हिंदू विवाह की वैधता बहुत सीमित रिश्तों की परिभाषाओं में है। हमारी परंपराओं में गोत्र, गांव व गुहांड यानी सीमावर्ती गांव बड़े परिवार के रूप में मान्य हैं। इनके सदस्यों के बीच आपस में वैवाहिक मान्यता नहीं है, लेकिन विवाह अधिनियम में हमारी मान्यताओं व परंपराओं के विपरीत वैधता प्रदान की गई है। यह हमारी जीवनशैली व प्रथाओं को समाप्त करने का षड्यंत्र है। हमारे संविधान में भी अपनी मान्यताओं व प्रथाओं के संरक्षण को मूल अधिकार माना गया है। लिव इन रिलेशनशिप (सहमति संबंध) कानून को रद्द किया जाए। प्रेम विवाह में माता-पिता की सहमति को कानूनी रूप से जरूरी किया जाए। लड़की के विवाह की उम्र 18 वर्ष की जाए।
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इस मौके पर अखिल भारतीय देशवाल खाप के प्रधान संजय देशवाल, गठवाला खाप के राष्ट्रीय महासचिव अशोक मलिक, हुड्डा खाप के प्रवक्ता जगवंत हुड्डा, सर्वखाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह, कादयान खाप के सचिव सुखचंद कादयान, लव वंशीय खत्री खाप के प्रधान सुरेंद्र खत्री, राठी खाप के प्रवक्ता हंसराज राठी, रोधी खाप के प्रधान हरदीप शर्मा, सिहरोवाहा खाप के प्रधान राजेश सिहरोवाहा, नरवाना खाप के प्रवक्ता किताब सिंह मोर, बिनैन खाप से गुरुदयाल नैन, दादंड़ खाप के प्रधान सूरजभान, चहल खाप के प्रधान, सरायसुखी के सरपंच व अन्य खाप प्रधान उपस्थित रहे।