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Haryana: रोहतक में समाधान शिविर के बाहर बुजुर्ग ने लगाई आग, मनरेगा में धांधली की जांच नहीं होने का मामला
Wed, 05 Mar 2025 03:45 PM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 05 Mar 2025 03:45 PM IST
सार
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बलवान की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी तरह के आवेश में गलत कदम न उठाने की अपील की है।
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पीड़ित बुजुर्ग
- फोटो : संवाद
विस्तार
मनरेगा में धांधली की जांच नहीं होने से आहत कंसाला के वृद्ध पंच ने खुद को आग लगा ली। लघुसचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में आयोजित समाधान शिविर के बाहर मिट्टी तेल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास करने वाले पंच को आसपास के लोगों ने बचाया। उसके कपड़ों में लगी आग बुझाई और उसे अस्पताल पहुंचाया। यहां वह खतरे बाहर बताया गया है। इधर, उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा बोले, पंच की शिकायत लोकायुक्त के पास थी। इसका समाधान हो चुका है। फिर भी पीड़ित आरोप है तो इस मामले की जांच की जाएगी।
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भंभेवा निवासी 63 वर्षीय पंच बलवान सिंह का आरोप है कि वह बुधवार को लघुसचिवालय आया था। यहां समाधान शिविर में मनरेगा के तहत हुई गड़बड़ी मामले की जांच की शिकायत लेकर आया था। यहां जिला परिषद के सीईओ प्रदीप समस्याएं सुन रहे थे। उसने अपनी शिकायत दी इस पर उसे कार्रवाई का आश्वासन दिसा। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के चलते आत्मदाह का कदम उठाया।
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लघुसचिवालय परिसर में खुद पर मिट्टी तेल छिड़क कर आग लगा रहे पंच को देखकर वहां मौजूद लोग उसे बचाने दौड़ पड़े। उसके कपड़ों में लगी आग किसी तरह बुझाई और उसे इलाके के लिए पीजीआई पहुंचाया। इस घटना में वह करीब 10 प्रतिशत जल गया। पीड़ित का आरोप है कि अधिकारी सरपंच को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए शिकायतों को अनदेखा किया जा रहा है।
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इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद उपायुक्त ने पंच से अपने कार्यालय में बुलाकर मामले की जानकारी लेते हुए शिकायत सुनी। उसे उचित कार्रवाई का आश्वासन देने के साथ उसकी मंजूरी पर जांच कराने का भी विश्वास दिलाया। इसके बाद उसे इलाज के लिए पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। यही नहीं, पंच ने अपनी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। इसके चलते कार्रवाई नहीं हुई।
उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि कंसाला निवासी पंच बलवान ने मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इसकी सुनवाई लोकपाल ने की थी। सुनवाई के दौरान बलवान ने स्वयं बयान दिया था कि वह जांच नहीं कराना चाहता। लोकपाल स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं। वह दोबारा समाधान शिविर में आया है तो उसकी शिकायत पर सुनवाई व की जाएगी।