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मकड़ौली खुर्द का दौरा कर मकड़ौली कलां की खेल नर्सरी कर दी बंद
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खेल विभाग के कोच की भूल के चलते मकड़ौली कलां गांव में चल रही कबड्डी की खेल नर्सरी को हाल ही में बंद कर दिया गया। कोच को गांव में चल रही नर्सरी की रिपोर्ट खेल विभाग को सौंपनी थी। कोच निरीक्षण के लिए भूलवश गांव मकड़ौली कलां की जगह पास के गांव मकड़ौली खुर्द पहुंच गए जबकि यहां खेल नर्सरी है ही नहीं। निरीक्षण कर्ता कोच को यहां खिलाड़ी और कोच के न मिलने पर उन्होंने अनुपस्थिति की रिपोर्ट बनाकर खेल विभाग को सौंप दी। इसके आधार पर विभाग ने मकड़ौली कलां की खेल नर्सरी को बंद कर दी। जब इस मामले में सरपंच के नेतृत्व ग्रामीणों ने जिला खेल अधिकारी से मुलाकात की तो इस बात का खुलासा हुआ। अब ग्रामीण सांसद और सहकारिता मंत्री से मिलकर नर्सरी दोबारा खोलने की मांग रखेंगे।
मकड़ौली कलां गांव के सरपंच कर्मवीर ने बताया कि खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में लड़कों की कबड्डी की खेल नर्सरी खोली गई थी। नर्सरी में गांव के 25 खिलाड़ी कबड्डी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे और करीब 60 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इस खेल नर्सरी को कोच व खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के चलते बंद कर दिया। उन्होंने जब जिला खेल अधिकारी सुखबीर सिंह से मुलाकात तो उन्होंने खेल नर्सरी का निरीक्षण करने वाले कोच से बातचीत की। इस दौरान यह सामने आया कि कोच मकड़ौली कलां और मकड़ौली खुर्द को एक ही गांव समझ बैठे। इसके चलते वे मकड़ौली कलां की बजाए मकड़ौली खुर्द पहुंच गए। उनको वहां पर कोई खिलाड़ी व कोच नहीं मिला, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने कार्यालय में आकर दे दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कार्यालय ने खेल नर्सरी को बंद कर दिया।
कोच को साथ लेकर गांव पहुंचे सरपंच और डीएसओ
गांव के सरपंच कर्मवीर ने बताया कि जब उन्होंने इसकी जानकारी जिले खेल अधिकारी सुखबीर सिंह को दी तो वे तुरंत ही संबंधित कोच को साथ उस जगह पहुंचे, जिस जगह का वे कोच निरीक्षण करके आए थे। इसके बाद ही इस पूरे मामले की जानकारी सामने आई।
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एशियन गोल्ड मेडलिस्ट कोच दे रहा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण
गांव के सरपंच कर्मबीर ने बताया कि इस खेल नर्सरी में वर्ष 2006 के एशियन खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड जीतने वाले नवीन कुमार खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। नवीन कुमार भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्ति के बाद गांव में खिलाड़ियों की नई पौध तैयार कर रहे हैं।
स्टेडियम में ये हैं सुविधाएं
सरपंच कर्मवीर ने बताया कि उनके गांव का कबड्डी में नाम है। गांव से 100 से ज्यादा खिलाड़ी कबड्डी में स्पोर्ट्स कोटे से अलग-अलग विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि कबड्डी के प्रति खिलाड़ियों का रुझान देखते हुए गांव में कबड्डी के इनडोर स्टेडियम, ऑउटडोर कबड्डी ग्राउंड, कबड्डी मैट, जिम का सामान, एथलेटिक्स ट्रैक की सुविधाएं मौजूद हैं।
खेल नर्सरी के बंद होने से हमें निराशा हुई है। जिला खेल अधिकारी से बात की तो वे स्वयं गांव में निरीक्षण करने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से बात की। हम भी जल्द सांसद अरविंद शर्मा और सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर से मिलेंगे और नर्सरी को दोबारा शुरु कराने की मांग करेंगे।
- कर्मवीर, सरपंच, मकड़ौली कलां
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मकड़ौली कलां गांव के सरपंच कर्मवीर ने बताया कि खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में लड़कों की कबड्डी की खेल नर्सरी खोली गई थी। नर्सरी में गांव के 25 खिलाड़ी कबड्डी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे और करीब 60 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इस खेल नर्सरी को कोच व खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के चलते बंद कर दिया। उन्होंने जब जिला खेल अधिकारी सुखबीर सिंह से मुलाकात तो उन्होंने खेल नर्सरी का निरीक्षण करने वाले कोच से बातचीत की। इस दौरान यह सामने आया कि कोच मकड़ौली कलां और मकड़ौली खुर्द को एक ही गांव समझ बैठे। इसके चलते वे मकड़ौली कलां की बजाए मकड़ौली खुर्द पहुंच गए। उनको वहां पर कोई खिलाड़ी व कोच नहीं मिला, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने कार्यालय में आकर दे दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कार्यालय ने खेल नर्सरी को बंद कर दिया।
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कोच को साथ लेकर गांव पहुंचे सरपंच और डीएसओ
गांव के सरपंच कर्मवीर ने बताया कि जब उन्होंने इसकी जानकारी जिले खेल अधिकारी सुखबीर सिंह को दी तो वे तुरंत ही संबंधित कोच को साथ उस जगह पहुंचे, जिस जगह का वे कोच निरीक्षण करके आए थे। इसके बाद ही इस पूरे मामले की जानकारी सामने आई।
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एशियन गोल्ड मेडलिस्ट कोच दे रहा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण
गांव के सरपंच कर्मबीर ने बताया कि इस खेल नर्सरी में वर्ष 2006 के एशियन खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड जीतने वाले नवीन कुमार खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। नवीन कुमार भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्ति के बाद गांव में खिलाड़ियों की नई पौध तैयार कर रहे हैं।
स्टेडियम में ये हैं सुविधाएं
सरपंच कर्मवीर ने बताया कि उनके गांव का कबड्डी में नाम है। गांव से 100 से ज्यादा खिलाड़ी कबड्डी में स्पोर्ट्स कोटे से अलग-अलग विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि कबड्डी के प्रति खिलाड़ियों का रुझान देखते हुए गांव में कबड्डी के इनडोर स्टेडियम, ऑउटडोर कबड्डी ग्राउंड, कबड्डी मैट, जिम का सामान, एथलेटिक्स ट्रैक की सुविधाएं मौजूद हैं।
खेल नर्सरी के बंद होने से हमें निराशा हुई है। जिला खेल अधिकारी से बात की तो वे स्वयं गांव में निरीक्षण करने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से बात की। हम भी जल्द सांसद अरविंद शर्मा और सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर से मिलेंगे और नर्सरी को दोबारा शुरु कराने की मांग करेंगे।
- कर्मवीर, सरपंच, मकड़ौली कलां