वर्ष 2031 में संभावित आबादी और उसकी जरूरतों को ध्यान में रखकर महम की विकास योजना बनाई जाएगी। लघु सचिवालय में हुई जिला योजना कमेटी की बैठक में इस पर विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महम का ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान 2031 में जन-प्रतिनिधियों के सुझाव शामिल कर इसे अगली कार्रवाई के लिए सरकार को भेजा जाए।
डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2031 तक महम की संभावित आबादी 68 हजार होगी, उसी को ध्यान में रखकर विकास की योजना बनाई जा रही है। योजना के अनुसार 138 हेक्टेयर जमीन में सात शहरी सेक्टर बनाए जाएंगे। सेक्टरों के बीच में 60 मीटर की डिवाइडिंग रोड प्रस्तावित है। नए शहरी क्षेत्र में 672 हेक्टेयर क्षेत्र लिया गया है। इसमें से 138 हेक्टेयर जमीन में आवास बनाए जाएंगे। 32 हेक्टेयर जमीन में औद्योगिक क्षेत्र होगा। तीस मीटर ग्रीन बेल्ट के साथ साठ मीटर की पेरीफेरी रोड बनाई जाएगी। सौ मीटर की ग्रीन बेल्ट के साथ साठ मीटर का बाईपास भी योजना में शामिल है। जिला योजनाकार मनदीप सिहाग ने बैठक में महम का ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान 2031 प्रस्तुत किया। इसके बाद जन-प्रतिनिधियों से इस पर सुझाव मांगे गए, सभी ने अपनी राय रखी। डीटीपी सिहाग ने बताया कि यह प्लान पहले भी जिला योजना कमेटी की बैठक में रखा जा चुका है। 2017 में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने इस पर अपने सुझाव दिए थे। उन सुझावों के साथ प्लान राज्य सरकार को भेज दिया गया था। राज्य सरकार के निर्देशानुसार बुधवार को जिला योजना कमेटी की बैठक आयोजित कर जन-प्रतिनिधियों के सुझाव लिए गए हैं। इन सुझावों के साथ यह प्लान दोबारा सरकार को भेजा जाएगा। फिर यह प्रस्ताव राज्य स्तरीय कमेटी की बैठक में रखा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। बैठक में मेयर मनमोहन गोयल, एडीसी व कमेटी के सदस्य सचिव महेंद्र पाल, वरिष्ठ टाउन प्लान दिलबाग सिंह भी मौजूद थे।