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Rohtak News: भगवान जगन्नाथ की निकाली भव्य रथ यात्रा
Sat, 28 Jun 2025 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 28 Jun 2025 12:38 AM IST
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रोहतक स्थित सेक्टर-1 में निकाली गई जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु। संवाद
रोहतक। शहर में शुक्रवार को अलग-अलग जगह से भगवान विष्णु के अवतार भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा धूमधाम से निकाली गई। रथ यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। पूरे रास्ते श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाते गए। हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे की ध्वनि से पूरा शहर गूंज उठा।
सेक्टर-एक में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं ने भगवान का भोग लगाकर परिक्रमा की। इसके बाद डिंपल और उनके परिवार ने ठाकुरजी की आरती की। इसके बाद रथ यात्रा का शुभारंभ किया गया। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जगन्नाथ रथ यात्रा सेक्टर-एक से शुरू होकर सेक्टर-दो के बाजारों में होती हुई वापस सेक्टर-एक पहुंची।
कथावाचक प्रिया ज्योति ने कहा कि राजा इंद्रद्युम्न ने भगवान जगन्नाथ की एक मूर्ति स्थापित करने का संकल्प लिया। इसके लिए राजा ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की और उनसे मार्गदर्शन मांगा। भगवान विष्णु ने राजा से कहा कि समुद्र में बहकर आने वाले दिव्य लकड़ी के लट्ठे से ही मूर्ति का निर्माण होगा। राजा ने अपने सेवकों को लकड़ी के लट्ठे की तलाश में भेजा। कुछ समय बाद, राजा को वह लट्ठा मिल गया।
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राजा ने कारीगरों को मूर्ति बनाने का काम सौंपा, लेकिन कोई भी कारीगर उस लकड़ी को काट नहीं सका। तब भगवान विश्वकर्मा एक बूढ़े व्यक्ति का रूप धारण करके आए और उन्होंने राजा को 21 दिनों में मूर्ति बनाने कर दी। वही, हरियाणा व्यापार मंडल घड़ी एसोसिएशन की ओर से जगन्नाथ रथ यात्रा निकली गई। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गौरव मित्तल ने कहा कि सुबह मंगल आरती और विधि विधान पूजा के बाद भगवान जगन्नाथ को नंदी घोष रथ, देवी सुभद्रा को रथ पर विराजित कर शहर में रथ यात्रा निकाली गई।
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सेक्टर-एक में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं ने भगवान का भोग लगाकर परिक्रमा की। इसके बाद डिंपल और उनके परिवार ने ठाकुरजी की आरती की। इसके बाद रथ यात्रा का शुभारंभ किया गया। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जगन्नाथ रथ यात्रा सेक्टर-एक से शुरू होकर सेक्टर-दो के बाजारों में होती हुई वापस सेक्टर-एक पहुंची।
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कथावाचक प्रिया ज्योति ने कहा कि राजा इंद्रद्युम्न ने भगवान जगन्नाथ की एक मूर्ति स्थापित करने का संकल्प लिया। इसके लिए राजा ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की और उनसे मार्गदर्शन मांगा। भगवान विष्णु ने राजा से कहा कि समुद्र में बहकर आने वाले दिव्य लकड़ी के लट्ठे से ही मूर्ति का निर्माण होगा। राजा ने अपने सेवकों को लकड़ी के लट्ठे की तलाश में भेजा। कुछ समय बाद, राजा को वह लट्ठा मिल गया।
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राजा ने कारीगरों को मूर्ति बनाने का काम सौंपा, लेकिन कोई भी कारीगर उस लकड़ी को काट नहीं सका। तब भगवान विश्वकर्मा एक बूढ़े व्यक्ति का रूप धारण करके आए और उन्होंने राजा को 21 दिनों में मूर्ति बनाने कर दी। वही, हरियाणा व्यापार मंडल घड़ी एसोसिएशन की ओर से जगन्नाथ रथ यात्रा निकली गई। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गौरव मित्तल ने कहा कि सुबह मंगल आरती और विधि विधान पूजा के बाद भगवान जगन्नाथ को नंदी घोष रथ, देवी सुभद्रा को रथ पर विराजित कर शहर में रथ यात्रा निकाली गई।