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Rohtak News: स्कूलों में डायरी व आई कार्ड के नाम पर लूट, 500-500 रुपये की वसूली

Tue, 08 Apr 2025 01:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Tue, 08 Apr 2025 01:55 AM IST
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Loot in schools in the name of diary and ID card, recovery of Rs 500-500
07सीटीके10 सुनिल कुमार, अ​भिभावक, कैलाश कॉलोनी।
रोहतक। हिडन चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर निजी स्कूल जमकर लूट मचा रहे हैं। डायरी व आई कार्ड के नाम पर 500-500 रुपये तक की वसूली कर रहे हैं। इससे अभिभावकों की जेब पर असर पड़ रहा है। स्कूल अतिरिक्त शुल्क लेकर भी कमाई कर रहे हैं।
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नए सत्र के शुभारंभ पर प्रत्येक वर्ष निजी स्कूल कई चार्ज लगाते हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए अनेक प्रकार के शुल्क से गरीब अभिभावकों की जेबों को खाली करा लेते हैं। इस बार भी अभिभावकों की ओर से मांग उठाई जा रही है कि निजी स्कूलों में चल रहे शिक्षा के बाजारवाद को रोका जाए और कार्रवाई की जाए। अधिकारियों की ओर से भी इस पर कार्रवाई का कम ही असर होता दिखाई दे रहे रहा है।
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हालांकि, अधिकारियों की ओर से कठोर करने का भी आश्वासन दिया जा रहा। अभिभावकों का कहना कि निजी स्कूल हिडन चार्ज का खुला व्यापार कर रहे हैं। इससे अनेक अभिभावक प्रभावित हैं। स्कूल करीब 500-600 रुपये तक हिडन चार्ज वसूल रहे हैं। इसमें डायरी, आई कार्ड, टाई और बेल्ट के खर्च को शामिल कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना कि यह सामान 250 रुपये तक आ जाना चाहिए। साथ ही, 100 रुपये तक की डायरी मिल जाती है, जबकि यह भी लोगो लगाकर 250 रुपये तक में थोपी जा रही है। प्राइवेट स्कूलों की लूट अभिभावक झेल रहे हैं।
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प्रवेश के लिए सभी स्कूलों में नियमावली भेजी गई है। हिडन चार्ज को लेकर लिखित में अभिभावकों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। विभाग की टीम स्कूलों में निरंतर जांच अभियान चला रही है। अगर कोई स्कूलों नियमों की अवहेलना करता पाया गया तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
- मनजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।
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एक बच्चे का दाखिला करवाना है। टाई, बेल्ट व आई कार्ड के नाम पर वसूली को कम किया जाए। मध्य वर्ग के लोग निजी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई करवाने चाहते हैं। लेकिन, हिडन चार्ज (छिपे हुए शुल्क) के नाम पर स्कूलों ने लूट मचा रखी है। डायरी, आई कार्ड और बेल्ट देने का स्कूलों में खुला व्यापार किया जा रहा है। करीब 500-600 रुपये प्रत्येक बच्चे का चार्ज लिया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। इसे बंद किया जाए।
- सुनील कुमार, अभिभावक, कैलाश कॉलोनी।
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दो बच्चों का दाखिला होना है। बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए महंगी शिक्षा दिलाने की मजबूरी है। अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। आईकार्ड, बेल्ट, टाई, डायरी का चार्ज करीब 500 रुपये से अधिक लिया जा रहा है। डायरी शुल्क करीब 500 रुपये, आई कार्ड के 300 रुपये तक में दिया जा रहा। फीस भी हर साल बढ़ा देते हैं। इस बार करीब 10 प्रतिशत फीस में बढ़ोतरी की है। वैसे ही फीस और महंगी किताबों का बोझ है। प्रशासन से मांग करते हैं कि निजी स्कूलों पर कार्रवाई कर अतिरिक्त शुल्क व हिडन चार्ज को कम करवाए।

- हितेंद्र आर्य, मकड़ौली, अभिभावक।
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निजी स्कूलों में अधिक फीस वसूली का प्रत्येक वर्ष मुद्दा उठाया जाता है। साल में दो डायरी लगवा देते हैं। 250-250 रुपये की लोगो लगाकर डायरी दे रहे हैं, क्योंकि बाहर से मिल नहीं सकती। हर साल फाॅर्मेट बदलना ठीक नहीं है। ट्यूशन के लिए भी अलग से फीस ली जा रही है। अपने ही इंस्टीट्यूट पर ट्यूशन के लिए मजबूर किया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं, बल्कि स्कूल भवनों को आलीशान बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
- देवेंद्र अटकान, अधिवक्ता, राजीव नगर।

07सीटीके10 सुनिल कुमार, अभिभावक, कैलाश कॉलोनी।

07सीटीके10 सुनिल कुमार, अभिभावक, कैलाश कॉलोनी।

07सीटीके10 सुनिल कुमार, अभिभावक, कैलाश कॉलोनी।

07सीटीके10 सुनिल कुमार, अभिभावक, कैलाश कॉलोनी।

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