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Rohtak News: लोक अदालत ने दो बंदियों को किया रिहा
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हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सुनारिया स्थित जिला जेल परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षा नीरजा कुलवंत कलसन के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें फौजदारी मामलों की सुनवाई के दौरान दो बंदियों को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए गए।
प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनिल कौशिक की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में उन्होंने विभिन्न फौजदारी मुकदमों की सुनवाई के दौरान जेल में बंद कैदियों के अधिकारों व भारतीय कैदियों के मानवाधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न फौजदारी मुकदमों की सुनवाई के दौरान जेल लोक अदालत में दो बंदियों को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। सीजेएम ने कहा कि यह हर देश का कर्तव्य है कि ऐसे कानून और नियम बनाए, जो अपने नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा करें। भारत एक लोकतांत्रिक देश होने के नाते अपने नागरिकों को ऐसे अधिकार प्रदान करता है, जिन्हें मौलिक अधिकार कहा जाता है। यह मौलिक अधिकार भारत के संविधान का एक अहम हिस्सा है। इस मौके पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रोहतक के डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल राजबीर कश्यप एडवोकेट, संदीप दलाल, नरेंद्र कुमार, जेल के वरिष्ठ अधिकारी और बंदी उपस्थित रहे।
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प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनिल कौशिक की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में उन्होंने विभिन्न फौजदारी मुकदमों की सुनवाई के दौरान जेल में बंद कैदियों के अधिकारों व भारतीय कैदियों के मानवाधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न फौजदारी मुकदमों की सुनवाई के दौरान जेल लोक अदालत में दो बंदियों को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। सीजेएम ने कहा कि यह हर देश का कर्तव्य है कि ऐसे कानून और नियम बनाए, जो अपने नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा करें। भारत एक लोकतांत्रिक देश होने के नाते अपने नागरिकों को ऐसे अधिकार प्रदान करता है, जिन्हें मौलिक अधिकार कहा जाता है। यह मौलिक अधिकार भारत के संविधान का एक अहम हिस्सा है। इस मौके पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रोहतक के डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल राजबीर कश्यप एडवोकेट, संदीप दलाल, नरेंद्र कुमार, जेल के वरिष्ठ अधिकारी और बंदी उपस्थित रहे।
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