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Rohtak News: चिकित्सक के अनुसंधान प्रकार और अध्ययन डिजाइन पर व्याख्यान
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16सीटीके33... पीजीआईएमएस में नैतिकता पर आयोजित ऑनलाइन कार्यशाला में मौजूद चिकित्सक। स्रोत: पीजी
रोहतक। संस्थागत नैतिक पीजीआईएमएस और स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में नैतिकता पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलपति डॉक्टर अनीता सक्सेना और निदेशक डॉक्टर एसएस लोहचब ने नैतिक दिशा निर्देशों के बारे में बताया।
मंगलवार को पीजीआईएमएस में आयोजित कार्यशाला में 5 सत्र आयोजित किए गए और इसमें 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर रमेश वर्मा ने बताया कि पांच वक्ताओं ने अलग-अलग विषयों पर बात की। आईसीएमआर दिल्ली के वैज्ञानिक डॉ. आशु ग्रोवर ने शोध में अच्छे चिकित्सकीय अभ्यास के बारे में बताया। आईसीएमआर भुवनेश्वर के वैज्ञानिक डॉक्टर सिद्धार्थ गिरी ने नैतिकता समिति और नैतिकता समीक्षा प्रक्रियाओं की भूमिका और जिम्मेदारियाें के बारे में बताया। नैदानिक अनुसंधान में सूचित सहमति पर भी बात की।
सामुदायिक चिकित्सा विभाग पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉक्टर शंकर पिंजा ने चिकित्सक की अनुसंधान प्रकार और अध्ययन डिजाइन पर व्याख्यान दिया। पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के फार्माकोलॉजी विभाग से प्रोफेसर डॉ. विकास ने औषधीय और नैदानिक परीक्षण नियम एनडीसी नियम 2019 पर व्याख्यान दिया। डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि पीजीआई रोहतक में आईसीएमआर के सभी नैतिक दिशा निर्देशों का पालन किया जाता है। कार्यशाला के अंत में निदेशक डॉ. एसएस लोहचब ने कुछ प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। इस कार्यशाला की मेजबानी फॉर्माकोलॉजी विभाग रोहतक से डॉक्टर नीति मित्तल ने की।
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मंगलवार को पीजीआईएमएस में आयोजित कार्यशाला में 5 सत्र आयोजित किए गए और इसमें 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर रमेश वर्मा ने बताया कि पांच वक्ताओं ने अलग-अलग विषयों पर बात की। आईसीएमआर दिल्ली के वैज्ञानिक डॉ. आशु ग्रोवर ने शोध में अच्छे चिकित्सकीय अभ्यास के बारे में बताया। आईसीएमआर भुवनेश्वर के वैज्ञानिक डॉक्टर सिद्धार्थ गिरी ने नैतिकता समिति और नैतिकता समीक्षा प्रक्रियाओं की भूमिका और जिम्मेदारियाें के बारे में बताया। नैदानिक अनुसंधान में सूचित सहमति पर भी बात की।
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सामुदायिक चिकित्सा विभाग पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉक्टर शंकर पिंजा ने चिकित्सक की अनुसंधान प्रकार और अध्ययन डिजाइन पर व्याख्यान दिया। पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के फार्माकोलॉजी विभाग से प्रोफेसर डॉ. विकास ने औषधीय और नैदानिक परीक्षण नियम एनडीसी नियम 2019 पर व्याख्यान दिया। डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि पीजीआई रोहतक में आईसीएमआर के सभी नैतिक दिशा निर्देशों का पालन किया जाता है। कार्यशाला के अंत में निदेशक डॉ. एसएस लोहचब ने कुछ प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। इस कार्यशाला की मेजबानी फॉर्माकोलॉजी विभाग रोहतक से डॉक्टर नीति मित्तल ने की।
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