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कोर्ट परिसर शिफ्टिंग के विरोध में सड़क पर उतरे वकील
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न्यायालय परिसर को हटाने के विरोध में डीसी को ज्ञापन देने जाते बार के महासचिव व अन्य अधिवक्ता। अमर
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। जिला कोर्ट परिसर की शिफ्टिंग व अग्निपथ योजना को निरस्त करवाने की मांग को लेकर सोमवार को जिला बार एसोसिएशन के वकील सड़क पर उतर आए। जिला बार के महासचिव दीपक हुड्डा के नेतृत्व में कोर्ट परिसर चौक से लेकर लघु सचिवालय तक जुलूस निकाला और ड्यूटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र सिंह बैनीवाल को राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र सौंपा। इसके बाद अग्निपथ का विरोध कर रही कांग्रेस के धरने में भी शामिल हुए।
जिला बार एसोसिएशन के महासचिव दीपक हुड्डा का कहना है कि सरकार शहर के बीचों-बीच स्थित सरकारी भवनों व जिला कोर्ट परिसर को उखाड़कर सुनारियां गांव के खेतों में पहुंचाना चाहती है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट कॉम्प्लेक्स शिफ्टिंग की योजना अव्यवहारिक है, क्योंकि फिलहाल कोर्ट कॉम्प्लेक्स जिले के बीचों-बीच स्थित है। इसे शहर से बाहर कर देने पर दूरदराज से आने वाले लोगों को और अधिक परेशानी होगी। यहीं नहीं सुनारियां तक आने-जाने में जजों, वकीलों, मुंशियों तथा आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
अभी 10 साल भी नहीं हुए हैं कोर्ट कांप्लेक्स बने, वकीलों के चैंबर अब भी निर्माणाधीन
दीपक हुड्डा ने कहा कि कोर्ट कॉम्प्लेक्स को बने हुए अभी 10 वर्ष भी नहीं हुए हैं। सभी भवन नए हैं। जिससे इसकी शिफ्टिंग करना प्रासंगिक नहीं है, क्योंकि सुनारियां में नए भवन बनाकर जनता के खून-पसीने की कमाई खराब की जाएगी। वहीं वकीलों को भी नए सिरे से चैंबर बनाने होंगे, जिससे उन पर दोहरी मार पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना का पुरजोर विरोध करते हैं तथा सरकार से मांग करते हैं कि इस योजना को तुरंत निरस्त करे।
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अग्निपथ योजना से युवाओं का होगा शोषण, सेना का निजीकरण की तैयारी
बार सचिव ने कहा कि अग्निपथ योजना के जरिये देश के युवाओं का शोषण करने की तैयारी हो रही है। युवाओं को रोजगार देने की बजाय सरकार ने फौज का ही निजीकरण करने की तैयारी है। इस योजना के जरिए फौज में शामिल होने वाले युवा 4 वर्ष के बाद कॉर्पोरेट कंपनियों के सिक्योरिटी गार्ड ही सकेंगे। इस योजना का वकील पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इस अवसर पर वकील अनिल कुमार जैन, अत्तर सिंह हुड्डा, रामकिशन सुहाग, नवीन कुमार सिंघल, जयपाल शर्मा, अनिल शर्मा, हरी स्वरूप हुड्डा, भूपेन्द्र पंघाल, राजकरण पंघाल, नरेश सिवाच, गौरव ढुल, रमेश खुराना, देवेन्द्र अटकान, राजबीर कायत, रविन्द्र बागड़ी, सुमेश निनानिया, दिनेश सहरावत, प्रदीप देशवाल, रोहित रोज, अनिल राठी, संदीप हुड्डा, देवेन्द्र जांगड़ा, सतीश तंवर, रविन्द्र धनखड़, सतबीर देशवाल, दीपक आंतिल, धर्मेन्द्र कम्बोज, कपिल देव, यशपाल हुड्डा, धर्मवीर हंस, रामरूप नैन, संदीप पंघाल भी मौजूद रहे।
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जिला बार एसोसिएशन के महासचिव दीपक हुड्डा का कहना है कि सरकार शहर के बीचों-बीच स्थित सरकारी भवनों व जिला कोर्ट परिसर को उखाड़कर सुनारियां गांव के खेतों में पहुंचाना चाहती है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट कॉम्प्लेक्स शिफ्टिंग की योजना अव्यवहारिक है, क्योंकि फिलहाल कोर्ट कॉम्प्लेक्स जिले के बीचों-बीच स्थित है। इसे शहर से बाहर कर देने पर दूरदराज से आने वाले लोगों को और अधिक परेशानी होगी। यहीं नहीं सुनारियां तक आने-जाने में जजों, वकीलों, मुंशियों तथा आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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अभी 10 साल भी नहीं हुए हैं कोर्ट कांप्लेक्स बने, वकीलों के चैंबर अब भी निर्माणाधीन
दीपक हुड्डा ने कहा कि कोर्ट कॉम्प्लेक्स को बने हुए अभी 10 वर्ष भी नहीं हुए हैं। सभी भवन नए हैं। जिससे इसकी शिफ्टिंग करना प्रासंगिक नहीं है, क्योंकि सुनारियां में नए भवन बनाकर जनता के खून-पसीने की कमाई खराब की जाएगी। वहीं वकीलों को भी नए सिरे से चैंबर बनाने होंगे, जिससे उन पर दोहरी मार पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना का पुरजोर विरोध करते हैं तथा सरकार से मांग करते हैं कि इस योजना को तुरंत निरस्त करे।
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अग्निपथ योजना से युवाओं का होगा शोषण, सेना का निजीकरण की तैयारी
बार सचिव ने कहा कि अग्निपथ योजना के जरिये देश के युवाओं का शोषण करने की तैयारी हो रही है। युवाओं को रोजगार देने की बजाय सरकार ने फौज का ही निजीकरण करने की तैयारी है। इस योजना के जरिए फौज में शामिल होने वाले युवा 4 वर्ष के बाद कॉर्पोरेट कंपनियों के सिक्योरिटी गार्ड ही सकेंगे। इस योजना का वकील पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इस अवसर पर वकील अनिल कुमार जैन, अत्तर सिंह हुड्डा, रामकिशन सुहाग, नवीन कुमार सिंघल, जयपाल शर्मा, अनिल शर्मा, हरी स्वरूप हुड्डा, भूपेन्द्र पंघाल, राजकरण पंघाल, नरेश सिवाच, गौरव ढुल, रमेश खुराना, देवेन्द्र अटकान, राजबीर कायत, रविन्द्र बागड़ी, सुमेश निनानिया, दिनेश सहरावत, प्रदीप देशवाल, रोहित रोज, अनिल राठी, संदीप हुड्डा, देवेन्द्र जांगड़ा, सतीश तंवर, रविन्द्र धनखड़, सतबीर देशवाल, दीपक आंतिल, धर्मेन्द्र कम्बोज, कपिल देव, यशपाल हुड्डा, धर्मवीर हंस, रामरूप नैन, संदीप पंघाल भी मौजूद रहे।