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Rohtak News: केवट ने श्रीराम को पार कराई नदी
Mon, 07 Oct 2024 02:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 07 Oct 2024 02:16 AM IST
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रेवाड़ी। रामलीला में राम जी को प्रणाम करते केवट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला के मंच पर रविवार को राम वनवास और केवट द्वारा श्रीराम को नदी पार कराने के प्रसंग का मंचन किया गया। इस दौरान श्रीराम-केवट का भावपूर्ण संवाद सुनकर दर्शक भावविभोर हो गए।
रामलीला के सचिव याद के सुगन्ध ने बताया कि श्रीराम, लक्ष्मण व माता सीता वनवास के लिए जाते हैं। वनवास के दौरान गंगा पार कराने के एवज में केवट राज को सीता जी अपनी अंगूठी देना चाहती हैं तो केवट इंकार कर देता है और श्रीराम से गंगा पार कराने के किराए के रूप में भवसागर पार कराने का वचन लेता है। इसे श्रीराम सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं। केवट श्रीराम के पैर पखारता है और उनको नाव से गंगा पार कराता है।
उधर, अयोध्या में दशरथ, राम जी के वियोग में प्राण त्याग देते हैं। ननिहाल गए हुए भरत और शत्रुघ्न को बुलवाया जाता है। अयोध्या पहुंचने पर उन्हें राम जी के वनवास का पता चलता है और वे राम जी से मिलने वन की ओर चल देते हैं। रामलीला के प्रधान एमपी गोयल ने कलाकारों का परिचय देते हुए बताया कि राजेश पंवार ने दशरथ, ललित सैनी ने राम, रूपेश ने सीता, हिमांशु गुप्ता ने लक्ष्मण, विजय पंवार ने सुमंत, भारत भूषण कश्यप ने केवट, भारत गुप्ता ने भरत, शुभम सैनी ने शत्रुघ्न, मंगत राम ने गुरु वशिष्ठ, लवली सोनी ने कैकई, संजय सैनी ने कौशल्या व वैभव शर्मा ने सुमित्रा का जीवंत अभिनय कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
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रेवाड़ी। श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर आदर्श रामलीला के मंच पर रविवार को राम वनवास और केवट द्वारा श्रीराम को नदी पार कराने के प्रसंग का मंचन किया गया। इस दौरान श्रीराम-केवट का भावपूर्ण संवाद सुनकर दर्शक भावविभोर हो गए।
रामलीला के सचिव याद के सुगन्ध ने बताया कि श्रीराम, लक्ष्मण व माता सीता वनवास के लिए जाते हैं। वनवास के दौरान गंगा पार कराने के एवज में केवट राज को सीता जी अपनी अंगूठी देना चाहती हैं तो केवट इंकार कर देता है और श्रीराम से गंगा पार कराने के किराए के रूप में भवसागर पार कराने का वचन लेता है। इसे श्रीराम सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं। केवट श्रीराम के पैर पखारता है और उनको नाव से गंगा पार कराता है।
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उधर, अयोध्या में दशरथ, राम जी के वियोग में प्राण त्याग देते हैं। ननिहाल गए हुए भरत और शत्रुघ्न को बुलवाया जाता है। अयोध्या पहुंचने पर उन्हें राम जी के वनवास का पता चलता है और वे राम जी से मिलने वन की ओर चल देते हैं। रामलीला के प्रधान एमपी गोयल ने कलाकारों का परिचय देते हुए बताया कि राजेश पंवार ने दशरथ, ललित सैनी ने राम, रूपेश ने सीता, हिमांशु गुप्ता ने लक्ष्मण, विजय पंवार ने सुमंत, भारत भूषण कश्यप ने केवट, भारत गुप्ता ने भरत, शुभम सैनी ने शत्रुघ्न, मंगत राम ने गुरु वशिष्ठ, लवली सोनी ने कैकई, संजय सैनी ने कौशल्या व वैभव शर्मा ने सुमित्रा का जीवंत अभिनय कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
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