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समाज की प्रहरी है पत्रकारिता : डॉ. जसमेर हुड्डा
Thu, 09 May 2024 02:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 09 May 2024 02:25 AM IST
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झज्जर। राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय में जनसंचार विभाग के तत्वाधान में पत्रकारिता में रोजगार के अवसर और चुनौतियां विषय पर विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। जाट कॉलेज रोहतक के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. जसमेर हुड्डा इसमें मुख्य वक्ता रहे। प्राचार्य डॉ. दलबीर सिंह ने उनका अभिनंदन किया। डॉ. जसमेर ने कहा कि पत्रकारिता समाज की प्रहरी है।
जनसंचार प्राध्यापक डॉ. अमित भारद्वाज ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया। कार्यक्रम के आयोजन में प्रवक्ता डॉ. ऋतु हुड्डा, डॉ. अंकुर और जितेंद्र ने सहयोग दिया। अपने व्याख्यान में डॉ. जसमेर हुड्डा ने पत्रकारिता की ऐतिहासिक विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज की सूचना, शिक्षा और मनोरंजन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पत्रकारिता का जन्म हुआ है। पत्रकारिता समाज की प्रहरी है। इसमें रोजगार के अनेक अवसर हैं। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, विज्ञापन और जनसंपर्क में से किसी भी क्षेत्र में करियर बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया तो घर बैठे रोजगार प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए समसामयिक विषयों का आधारभूत ज्ञान जरूरी है। विद्यार्थी समाचार पत्र का नियमित अध्ययन करें। भाषा पर अधिकार होना पत्रकारिता में सफलता की अनिवार्य शर्त है। उन्होंने अपने अभियान सुनो नहरों की पुकार के बारे में भी जानकारी दी तथा बताया कि नहर के पानी में कोई सामान प्रवाहित न करें। पानी की भी अपनी प्रकृति होती है। पानी भी नाराज होता है और प्रदूषित पानी के सेवन से शरीर में बीमारियां आती हैं। जनसंचार प्राध्यापक डॉ. अमित भारद्वाज ने कहा कि डिजिटल मीडिया में कोई भी व्यक्ति लैपटॉप या मोबाइल से ही काम शुरू कर सकता है। अच्छी बात यह है कि वह स्वयं ही रिपोर्टर, मालिक एवं संपादक होता है। कम पूंजी में वेब मीडिया में उद्यमी बन सकते हैं। आप सफल तभी होंगे जब सामग्री गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय होगी। पर्यावरण, विज्ञान, आर्थिक और ग्रामीण मुद्दों पर काम करने की जरूरत है।
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जनसंचार प्राध्यापक डॉ. अमित भारद्वाज ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया। कार्यक्रम के आयोजन में प्रवक्ता डॉ. ऋतु हुड्डा, डॉ. अंकुर और जितेंद्र ने सहयोग दिया। अपने व्याख्यान में डॉ. जसमेर हुड्डा ने पत्रकारिता की ऐतिहासिक विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज की सूचना, शिक्षा और मनोरंजन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पत्रकारिता का जन्म हुआ है। पत्रकारिता समाज की प्रहरी है। इसमें रोजगार के अनेक अवसर हैं। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, विज्ञापन और जनसंपर्क में से किसी भी क्षेत्र में करियर बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया तो घर बैठे रोजगार प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए समसामयिक विषयों का आधारभूत ज्ञान जरूरी है। विद्यार्थी समाचार पत्र का नियमित अध्ययन करें। भाषा पर अधिकार होना पत्रकारिता में सफलता की अनिवार्य शर्त है। उन्होंने अपने अभियान सुनो नहरों की पुकार के बारे में भी जानकारी दी तथा बताया कि नहर के पानी में कोई सामान प्रवाहित न करें। पानी की भी अपनी प्रकृति होती है। पानी भी नाराज होता है और प्रदूषित पानी के सेवन से शरीर में बीमारियां आती हैं। जनसंचार प्राध्यापक डॉ. अमित भारद्वाज ने कहा कि डिजिटल मीडिया में कोई भी व्यक्ति लैपटॉप या मोबाइल से ही काम शुरू कर सकता है। अच्छी बात यह है कि वह स्वयं ही रिपोर्टर, मालिक एवं संपादक होता है। कम पूंजी में वेब मीडिया में उद्यमी बन सकते हैं। आप सफल तभी होंगे जब सामग्री गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय होगी। पर्यावरण, विज्ञान, आर्थिक और ग्रामीण मुद्दों पर काम करने की जरूरत है।
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