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Rohtak News: प्रदूषण की चादर से घिरा जींद, पानी का छिड़काव नहीं हो पाया शुरू

Tue, 28 Oct 2025 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Tue, 28 Oct 2025 12:26 AM IST
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Jind is surrounded by a blanket of pollution, water sprinkling could not be started.
27जेएनडी13: नरवाना में शहर थाना के पीछे पड़े गंदगी के ढेर में लगाई गई आग। संवाद
जींद। सोमवार को जिले का औसतन एक्यूआई 300 दर्ज किया गया। ग्रैप 2 लागू होने के बावजूद खुले में आगजनी जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं प्रशासन भी शहर की सड़कों पर उड़ रही धूल पर पानी का छिड़काव नहीं कर रहा है। इस लापरवाही से लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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यह मौसम खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगों से ग्रस्त लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है। लगातार उड़ रही धूल और प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और खांसी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर के बावजूद भी प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रैप दो लागू होने के बावजूद, सड़कों पर पानी का छिड़काव जैसा बुनियादी कदम भी नहीं उठाया गया। शहर की सड़कों पर धूल का गुब्बार उठ रहा है। जो प्रदूषण को और बढ़ा रहा है।
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निर्माण कार्यों, वाहनों के धुएं और पराली जलाने जैसे कारणों ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है। इसमें प्रशासनिक स्तर पर ही बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। नरवाना में शहर थाना के पीछे कूड़े के ढेर को उठान की बजाए आग लगाकर जलाया जा रहा है।
इस पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है। प्रशासन को चाहिए की इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि यह दूसरों के जीवन के लिए खतरा नहीं बनें।
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प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। सड़कों पर धूल इतनी है कि घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन को कम से कम पानी का छिड़काव तो करना चाहिए। एक्यूआई का यह स्तर फेफड़ों और हृदय संबंधी बीमारियों को बढ़ा सकता है। -अजय मलिक, शहर निवासी

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प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। इनमें सड़कों पर नियमित पानी छिड़काव, निर्माण कार्यों पर नियंत्रण और पराली जलाने पर रोक के कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है।-पंकज सिंह, शहर निवासी
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