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जाटों की प्रशासन से नहीं बनी बात, आज कमिश्नर का बुलावा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 12 Jun 2016 01:40 AM IST
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जसिया में जाट समाज का धरना
- फोटो : अमर उजाला
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आरक्षण के लिए जसिया में चल रहे जाट समाज के धरने को खत्म कराने के लिए शनिवार देर शाम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जाट नेताओं के साथ बैठक की। कैनाल रेस्ट हाउस में मीटिंग लगभग दो घंटे चली, लेकिन जाट नेताओं और अधिकारियों में बात नहीं बन सकी। इस बीच हल्की गहमागहमी जरूर हो गई। हालांकि, एसपी ने सकारात्मक बातचीत का दावा किया है, लेकिन जाट नेताओं ने बातचीत को विफल बताया है। वहीं, जाट समाज के नेताओं को कमिश्नर ने रविवार को बातचीत के लिए बुलाया है। जाट नेताओं ने इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया है।
जसिया में जाटों का धरना चल रहा है, जिसे खत्म कराने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी जाट समाज के नेताओं को बातचीत के लिए बुला रहे हैं। जाट समाज के नेताओं ने शनिवार को प्रशासन का बुलावा मंजूर किया और शाम को लगभग साढ़े सात बजे कैनाल रेस्ट हाउस पहुंचे। जहां प्रशासन की ओर से डीसी अतुल कुमार, एसपी शशांक आनंद, एडीसी प्रदीप कुमार, एसडीएम मनीष नागपाल, तहसीलदार गुलाब सिंह, नायब तहसीलदार बंसीलाल मौजूद रहे।
इनकी जाटों के प्रतिनिधि मंडल के साथ बातचीत शुरू हुई तो जाटों ने अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखा। मीटिंग लगभग दो घंटे तक चली, जिसमें हल्की गहमागहमी भी हुई। मीटिंग में कोई बात नहीं बन सकी तो जाट नेता बाहर निकल गये। जाट समाज के प्रतिनिधि मंडल को रविवार को कमिश्नर के साथ बातचीत के लिए बुलाया गया है। लेकिन उन्होंने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। जाट नेताओं ने अधिकारियों से कहा कि धरना स्थल पर समिति के साथ विचार करके कमिश्नर के साथ मीटिंग में शामिल होने के बारे में बताया जाएगा।
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मीटिंग में किस तरह की बात हुई, यह प्रशासनिक अधिकारियों ने नहीं बताया, लेकिन एसपी शशांक आनंद ने इतना जरूर कहा कि पहले मीटिंग के लिए कोई नहीं आ रहा था, अब मीटिंग शुरू हुई है। पहली मीटिंग में सकारात्मक बातचीत हुई है। जल्द बात बनने की उम्मीद है। वहीं जाट नेताओं ने वार्ता को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक धरना जारी रहेगा।
जाट प्रतिनिधिमंडल में जिला परिषद सदस्य सतीश भालौठ, एडवोकेट शीशपाल बेनीवाल, देवेंद्र जसिया, राज सिंह पूर्व सरपंच आसन, करतार सिंह पूर्व सरपंच कान्ही, उमेद सिंह पूर्व सरपंच रिठाल, राज सिंह रिठाल, जयपाल जसिया, बलजीत सिंह रिठाल, ओमप्रकाश पूर्व सरपंच खिड़वाली, सुंदर सिंह घिलौड़ मौजूद रहे।
यह है जाट समाज की मांग
आंदोलन में शहीद हुए युवाओं को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए
जेल में बंद युवाओं को रिहा किया जाए, मुकदमे खत्म हों और नया केस न हो
पुलिस की भर्ती में आंदोलनरत युवाओं को आवेदन करने की छूट दी जाए
उनको छोड़े जाने तक अलग-अलग जेलों में बंद युवाओं को एक साथ रखा जाए
जसिया धरने में शामिल होने वाले सरपंचों को सस्पेंड करने की धमकी ना दी जाए
भड़काऊ भाषण देने वाले सांसद, पूर्व विधायक और अन्य पर कार्रवाई की जाए
यह मांगें मानने का दावा
प्रशासन के साथ मीटिंग से बाहर निकले जाट नेताओं ने दावा किया है कि प्रशासन ने उनकी कुछ मांगों को मान लिया है, लेकिन उससे काम नहीं चलेगा। जाट नेताओं के अनुसार अधिकारियों ने उनसे कहा कि जाट आरक्षण पर रोक हटवाने के लिए सरकार हाईकोर्ट में जोरदार पैरवी कर रही है। युवाओं के खिलाफ नया केस दर्ज नहीं किया जाएगा। धरने का समर्थन कर रहे सरपंचों को सस्पेंड नहीं किया जाएगा, लेकिन शांति बनाए रखनी होगी। जाट नेताओं ने बताया कि प्रशासन ने उनसे कहा है कि पुलिस की भर्ती में युवाओं के आवेदन को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
कमिश्नर ने मंडल के जाट नेताओं को बुलाया
कमिश्नर चंद्र प्रकाश के साथ बैठक के लिए रविवार को रोहतक, सोनीपत, झज्जर, पानीपत, करनाल जिले के जाट समाज के नेताओं को बुलाया गया है। अभी यह तय नहीं है कि किस-किस जिले के जाट नेता बैठक में शामिल होंगे।
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जसिया में जाटों का धरना चल रहा है, जिसे खत्म कराने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी जाट समाज के नेताओं को बातचीत के लिए बुला रहे हैं। जाट समाज के नेताओं ने शनिवार को प्रशासन का बुलावा मंजूर किया और शाम को लगभग साढ़े सात बजे कैनाल रेस्ट हाउस पहुंचे। जहां प्रशासन की ओर से डीसी अतुल कुमार, एसपी शशांक आनंद, एडीसी प्रदीप कुमार, एसडीएम मनीष नागपाल, तहसीलदार गुलाब सिंह, नायब तहसीलदार बंसीलाल मौजूद रहे।
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इनकी जाटों के प्रतिनिधि मंडल के साथ बातचीत शुरू हुई तो जाटों ने अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखा। मीटिंग लगभग दो घंटे तक चली, जिसमें हल्की गहमागहमी भी हुई। मीटिंग में कोई बात नहीं बन सकी तो जाट नेता बाहर निकल गये। जाट समाज के प्रतिनिधि मंडल को रविवार को कमिश्नर के साथ बातचीत के लिए बुलाया गया है। लेकिन उन्होंने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। जाट नेताओं ने अधिकारियों से कहा कि धरना स्थल पर समिति के साथ विचार करके कमिश्नर के साथ मीटिंग में शामिल होने के बारे में बताया जाएगा।
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मीटिंग में किस तरह की बात हुई, यह प्रशासनिक अधिकारियों ने नहीं बताया, लेकिन एसपी शशांक आनंद ने इतना जरूर कहा कि पहले मीटिंग के लिए कोई नहीं आ रहा था, अब मीटिंग शुरू हुई है। पहली मीटिंग में सकारात्मक बातचीत हुई है। जल्द बात बनने की उम्मीद है। वहीं जाट नेताओं ने वार्ता को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक धरना जारी रहेगा।
जाट प्रतिनिधिमंडल में जिला परिषद सदस्य सतीश भालौठ, एडवोकेट शीशपाल बेनीवाल, देवेंद्र जसिया, राज सिंह पूर्व सरपंच आसन, करतार सिंह पूर्व सरपंच कान्ही, उमेद सिंह पूर्व सरपंच रिठाल, राज सिंह रिठाल, जयपाल जसिया, बलजीत सिंह रिठाल, ओमप्रकाश पूर्व सरपंच खिड़वाली, सुंदर सिंह घिलौड़ मौजूद रहे।
यह है जाट समाज की मांग
आंदोलन में शहीद हुए युवाओं को सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए
जेल में बंद युवाओं को रिहा किया जाए, मुकदमे खत्म हों और नया केस न हो
पुलिस की भर्ती में आंदोलनरत युवाओं को आवेदन करने की छूट दी जाए
उनको छोड़े जाने तक अलग-अलग जेलों में बंद युवाओं को एक साथ रखा जाए
जसिया धरने में शामिल होने वाले सरपंचों को सस्पेंड करने की धमकी ना दी जाए
भड़काऊ भाषण देने वाले सांसद, पूर्व विधायक और अन्य पर कार्रवाई की जाए
यह मांगें मानने का दावा
प्रशासन के साथ मीटिंग से बाहर निकले जाट नेताओं ने दावा किया है कि प्रशासन ने उनकी कुछ मांगों को मान लिया है, लेकिन उससे काम नहीं चलेगा। जाट नेताओं के अनुसार अधिकारियों ने उनसे कहा कि जाट आरक्षण पर रोक हटवाने के लिए सरकार हाईकोर्ट में जोरदार पैरवी कर रही है। युवाओं के खिलाफ नया केस दर्ज नहीं किया जाएगा। धरने का समर्थन कर रहे सरपंचों को सस्पेंड नहीं किया जाएगा, लेकिन शांति बनाए रखनी होगी। जाट नेताओं ने बताया कि प्रशासन ने उनसे कहा है कि पुलिस की भर्ती में युवाओं के आवेदन को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
कमिश्नर ने मंडल के जाट नेताओं को बुलाया
कमिश्नर चंद्र प्रकाश के साथ बैठक के लिए रविवार को रोहतक, सोनीपत, झज्जर, पानीपत, करनाल जिले के जाट समाज के नेताओं को बुलाया गया है। अभी यह तय नहीं है कि किस-किस जिले के जाट नेता बैठक में शामिल होंगे।