फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   jat reservation meet in rohtak

जाटों की गुटबाजी और युवा बने सरकार की परेशानी

Mon, 15 Feb 2016 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Mon, 15 Feb 2016 12:30 AM IST
विज्ञापन
jat reservation meet in rohtak
आरक्षण आंदोलन उग्र हो गया है। एक गुट पटरी से हटा तो एक गुट ने दिल्ली
विज्ञापन
बॉर्डर तो युवाओं के नेतृत्व में खापों ने रोहतक-दिल्ली रोड घेर लिया है। अलग-अलग गुटों में बंटे जाट-खाप नेता और युवाओं के हाथ में आ रही आंदोलन की कमान ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

सरकार पर जहां जाटों को तोड़ने में कामयाब माना जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर आंदोलन के बिखराव में सरकार भी घिरती दिख रही है। सरकार एक गुट को मना रही है तो दूसरा सड़क पर आ रहा है। सरकार ने अपने जाट मंत्रियों को डैमेज कंट्रोल में लगा दिया है। लगातार जाटों के कई गुटों से संपर्क भी साधा जा रहा है, लेकिन बात बनती  नहीं दिख रही है।

जाट आरक्षण को लेकर जाटों के कई गुटों व खाप मुखियाओं से सीएम मनोहर लाल खट्टर की बातचीत हुई और वहां आंदोलन नहीं करने पर सहमति भी बन गई। लेकिन सीएम के साथ हुई उस बातचीत में शामिल नहीं होने वाले जाट नेताओं को यह नागवार गुजरा और वे पहले से ज्यादा आंदोलनरत हो गए। क्योंकि जाट आरक्षण के लिए जितने भी गुट बने हैं, वे सभी सरकार से अलग-अलग बात करना चाहते हैं।

भले ही उन सभी की मांग एक हो। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष हवा सिंह सांगवान का आंदोलन भी गुटबाजी के कारण ज्यादा उग्र रहा और वे सरकार से अपने तरीके से आश्वासन पाने की जिद पर अड़े रहे। उनसे अलग से बातचीत करने के लिए मंत्री ओपी धनखड़ को जाना पड़ा और वे भी आश्वासन पर मान गए।

अभी सरकार ने सांगवान गुट का आंदोलन खत्म कराया तो अब यशपाल मलिक गुट मय्यड़ में रेलवे ट्रैक जाम करने की तैयारी कर चुका है। वे 21 फरवरी से आंदोलन करने की बात कह रहे हैं। इस तरह जाट आरक्षण को लेकर जितने भी ज्यादा गुट हो रहे हैं, उतनी ही सरकार की परेशानी बढ़ रही है।
 
21 से हरियाणा, 24 से यूपी में आंदोलन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 21 फरवरी से मय्यड़ में आंदोलन शुरू हो रहा है। उसके बाद 24 से यूपी में आंदोलन करने की बात कही गई है तो 27 से दिल्ली में। इसमें रेलवे ट्रैक भी रोका जा सकता है तो सड़क जाम भी। अन्य फैसले भी आंदोलन के दौरान ही समिति की ओर से लिए जा सकते हैं।


सरकार केवल आश्वासन देकर जाटों को बरगला रही है और यह कुछ जाट नेताओं को समझ नहीं आ रहा है। सरकार के कमेटी बनाने का क्या मतलब है? हरियाणा सरकार अगर जाट आरक्षण देना चाहती है तो वह विधानसभा में बिल रखवाए। उसके बाद देखा जाएगा कि कौनसी पार्टी उसका विरोध करती है? सरकार ऐसा करती है तभी साफ होगा कि वह जाट आरक्षण चाहती है।
यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति।


हमारी और खाप मुखियाओं की सीएम से जाट आरक्षण पर बात हुई थी। जिसमें कहा गया था कि सांपला में रैली शांतिपूर्ण तरीके से होगी। लेकिन वहां युवा जोश जाग गया और उन्होंने जाम लगा दिया। युवा किसी तरह का कोई नुकसान नहीं कर दें, इसके लिए खाप मुखियाओं को उनके साथ सड़क पर बैठना पड़ा।
अशोक मलिक मदीना, प्रदेशाध्यक्ष जाट संघर्ष समिति।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed