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जाट आंदोलन आगजनी: नाबालिगों का केस खत्म किया, हमारा भी कीजिए
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विजेंद्र कौशिक
रोहतक। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के आरोपियों ने सीबीआई की पंचकूला कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि सीबीआई ने जिस तरह चार नाबालिग अभियुक्तों का मुकदमा रद्द किया है, उसी तरह उनका भी किया जाए। अदालत ने सीबीआई से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 2 मई को होगी।
वर्ष 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की रोहतक के विनय नगर स्थित कोठी फूंक दी गई थी। इस मामले में एक एफआईआर पुलिस ने अर्बन एस्टेट थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ कराई थी, जबकि दूसरी एफआईआर में कैप्टन के परिवार ने 60 लोगों को नामजद कराया थाा।
बाद में, प्रदेश सरकार ने केस सीबीआई को सौंप दिया। दोनों केस अब सीबीआई कोर्ट में ही चल रहे हैं। परिजनों के बयान पर दर्ज केस में ट्रायल शुरू हो चुका है, जबकि दूसरे केस में चालान बाद में पेश हुआ।
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एक से नाबालिग बरी, दूसरे को सीबीआई ने वापस लिया
बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र हुड्डा के मुताबिक, दोनों मुकदमों में चार अभियुक्त नाबालिग थे। इस कारण उनके दोनों केस की सुनवाई रोहतक के किशोर न्यायालय में हुई। पूर्व मंत्री की ओर से दर्ज कराए गए केस में चारों नाबालिग बरी हो गए। इसके बाद आरोपी किशोरों के दूसरे केस को सीबीआई ने इस आधार पर वापस ले लिया कि दोनों में आरोपी व गवाह एक जैसे हैं। इसी फैसले को आधार बनाकर बालिग आरोपियों ने सीबीआई कोर्ट में चल रहे एक केस को वापस लेने की अर्जी दायर की गई है। अदालत ने इस पर सीबीआई को नोटिस देकर 2 मई तक जवाब मांगा है।
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खाप पंचायत भी मिली सीबीआई डीआईजी से
खाप पंचायत भी इस प्रकरण में सीबीआई के डीआईजी से मिल चुकी है। खाप प्रवक्ता कैप्टन जगबीर मलिक ने बताया कि पंचकूला में सीबीआई डीआईजी से मिलकर मांग की है कि दोनों केस में वही अभियुक्त हैं। लिहाजा, किशोरों की तरह उनका केस भी खत्म किया जाए।
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रोहतक। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के आरोपियों ने सीबीआई की पंचकूला कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि सीबीआई ने जिस तरह चार नाबालिग अभियुक्तों का मुकदमा रद्द किया है, उसी तरह उनका भी किया जाए। अदालत ने सीबीआई से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 2 मई को होगी।
वर्ष 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की रोहतक के विनय नगर स्थित कोठी फूंक दी गई थी। इस मामले में एक एफआईआर पुलिस ने अर्बन एस्टेट थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ कराई थी, जबकि दूसरी एफआईआर में कैप्टन के परिवार ने 60 लोगों को नामजद कराया थाा।
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बाद में, प्रदेश सरकार ने केस सीबीआई को सौंप दिया। दोनों केस अब सीबीआई कोर्ट में ही चल रहे हैं। परिजनों के बयान पर दर्ज केस में ट्रायल शुरू हो चुका है, जबकि दूसरे केस में चालान बाद में पेश हुआ।
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एक से नाबालिग बरी, दूसरे को सीबीआई ने वापस लिया
बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र हुड्डा के मुताबिक, दोनों मुकदमों में चार अभियुक्त नाबालिग थे। इस कारण उनके दोनों केस की सुनवाई रोहतक के किशोर न्यायालय में हुई। पूर्व मंत्री की ओर से दर्ज कराए गए केस में चारों नाबालिग बरी हो गए। इसके बाद आरोपी किशोरों के दूसरे केस को सीबीआई ने इस आधार पर वापस ले लिया कि दोनों में आरोपी व गवाह एक जैसे हैं। इसी फैसले को आधार बनाकर बालिग आरोपियों ने सीबीआई कोर्ट में चल रहे एक केस को वापस लेने की अर्जी दायर की गई है। अदालत ने इस पर सीबीआई को नोटिस देकर 2 मई तक जवाब मांगा है।
खाप पंचायत भी मिली सीबीआई डीआईजी से
खाप पंचायत भी इस प्रकरण में सीबीआई के डीआईजी से मिल चुकी है। खाप प्रवक्ता कैप्टन जगबीर मलिक ने बताया कि पंचकूला में सीबीआई डीआईजी से मिलकर मांग की है कि दोनों केस में वही अभियुक्त हैं। लिहाजा, किशोरों की तरह उनका केस भी खत्म किया जाए।