{"_id":"577fc3174f1c1be6567fb4d9","slug":"jat-institution-29-hearing-expected-to-decide-on-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाट संस्था : अगली सुनवाई 29 को, चुनाव पर फैसला आने की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाट संस्था : अगली सुनवाई 29 को, चुनाव पर फैसला आने की उम्मीद
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 09 Jul 2016 02:17 AM IST
विज्ञापन
जाट संस्था
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट संस्था के चुनाव पर लगे स्टे को लेकर हाईकोर्ट ने प्रशासन की याचिका पर सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तारीख दी है। अगली सुनवाई में चुनाव को लेकर कोई फैसला आने की उम्मीद है।
बता दें कि 10 जुलाई को जाट संस्था का चुनाव होना था, जिसके लिए 30 जून तक नामांकन प्रक्रिया चली। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन बोहर निवासी संस्था सदस्य की याचिका पर हाईकोर्ट ने चुनाव पर स्टे लगा दी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि बिना पहचान पत्र के चुनाव कराएं जा रहे हैं, जिसमें बड़े स्तर पर धांधली की आशंका है। चुनाव को लेकर प्रशासन की तरफ से पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर स्टे लगने के बाद सभी तैयारियां धरी रह गईं। ऐसे में प्रशासन की तरफ से हाईकोर्ट में स्टे को लेकर याचिका दायर की थी। इसमें प्रशासन ने अपना पक्ष रखा था। इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई हुई, जिस पर हाईकोर्ट ने 29 जुलाई का समय दिया है। उस सुनवाई में ही चुनाव को लेकर कोई फैसला आ सकता है।
विज्ञापन
बता दें कि 10 जुलाई को जाट संस्था का चुनाव होना था, जिसके लिए 30 जून तक नामांकन प्रक्रिया चली। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन बोहर निवासी संस्था सदस्य की याचिका पर हाईकोर्ट ने चुनाव पर स्टे लगा दी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि बिना पहचान पत्र के चुनाव कराएं जा रहे हैं, जिसमें बड़े स्तर पर धांधली की आशंका है। चुनाव को लेकर प्रशासन की तरफ से पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर स्टे लगने के बाद सभी तैयारियां धरी रह गईं। ऐसे में प्रशासन की तरफ से हाईकोर्ट में स्टे को लेकर याचिका दायर की थी। इसमें प्रशासन ने अपना पक्ष रखा था। इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई हुई, जिस पर हाईकोर्ट ने 29 जुलाई का समय दिया है। उस सुनवाई में ही चुनाव को लेकर कोई फैसला आ सकता है।
विज्ञापन