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जाट शिक्षण संस्थानः न प्रशासक, न चुनाव हो रहे, ऐतिहासिक भवन जर्जर हो रहा, घोटोले की पर्तें नहीं खुल रहीं, पढ़ाई प्रभावित
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जाट संस्था के चुनाव कराने व प्रशासक नहीं होने को लेकर पत्रकारों से बातचीत करते जाट संस्थान के सद?
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। जाट शिक्षण संस्था में पिछले पांच साल से चुनाव नहीं हुए हैं। पिछले पांच महीने से यहां प्रशासक भी नहीं हैं। नियमानुसार अब प्रशासक की भी नियुक्ति नहीं की जा सकती है। जबकि संस्था के काम प्रभावित हो रहे हैं। यहां पीएफ घोटाले समेत अन्य मामलों में जांच या कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में कहां और किस के सामने न्याय की गुहार लगाएं। यह कहना है जाट शिक्षण संस्था के आजीवन सदस्य चंचल नांदल का। वे शनिवार को मैना पर्यटक केंद्र में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। यहां संस्था के दूसरे सदस्य भी मौजूद रहे। इन्होंने सरकार से संस्था के चुनाव जल्द कराने की मांग की।
संस्था के सदस्यों का कहना है कि जाट शिक्षण संस्था में चुनाव नहीं होने से संस्था का विकास रुक गया है। सरकार जान-बूझकर संस्था के चुनाव टाल रही है। हाईकोर्ट में तारीख के दिन केस की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील जान-बूझकर पेश नहीं हो रहे हैं। इस कारण यह मामला खिंचता जा रहा है। अब पिछले पांच महीने से यहां प्रशासक भी नहीं है। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं, परिवारवाद की वजह से पूर्व प्रधान सुरेंद्र व उनकी कार्यकारिणी जुलाई 2015 में बर्खास्त कर दी गई थी। तब से मामला लटका है। उन्होंने कहा कि जाट कॉलेज, महारानी किशोरी व सीआर पॉलिटेक्निक में स्थायी प्राचार्य नहीं है। इस वजह से संस्थाओं में अनेक पद रिक्त पड़े हैं। इस वजह से छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। सीआर पॉलिटेक्निक में हुए पीएफ घोटाले की विजिलेंस से जांच कराने का मामला भी लंबित है। इस बारे में डायरेक्टर जनरल, टेक्निकल एजूकेशन ने 23 मार्च 2020 को एडमिनिस्ट्रेटर को विजिलेंस या सेवानिवृत्त सेशन जज से जांच कराने के आदेश जारी किए हैं। इस मुद्दे को लेकर पूर्व प्रशासक महेंद्र पाल को ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बावजूद कोई अमल नहीं हुआ है। इस वजह से घोटाले के आरोपी कानून से बचे हुए हैं।
ऑडिटोरियम के शिलान्यास का शिलापट्ट उखाड़ ले गया
चार वर्ष पूर्व संस्था में दीनबंधु सर छोटूराम के नाम से ऑडिटोरियम का शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहर लाल व पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. बिरेंद्र सिंह ने किया था। इसका शिलापट्ट भी कोई उखाड़ ले गया है। इस बारे में ओएसडी व प्रशासक रहे अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। नांदल खाप महासचिव डॉ. संजीत नांदल ने कहा कि छोटू राम ऑडिटोरियम का शिलान्यास हुए चार वर्ष हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक एक ईंट भी नहीं लगी है। ऑडिटोरियम के लिए कर्मचारियों ने भी अपने वेतन से सहयोग दिया है। फिर भी काम शुरू नहीं हुआ।
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कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में भी दिक्कत
डॉ. देवेंद्र बालंद ने कहा कि प्रशासक व प्रबंधन न होने की वजह से कर्मचारियों के वेतन व पेंशन में दिक्कत हो रही है। पिछले ढाई वर्ष से जाट स्कूल के स्टाफ को वेतन नहीं मिला है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन लाभ नहीं मिल रहा है।
107 साल पुराना ऐतिहासिक भवन जर्जर हो रहा
नांदल खाप प्रवक्ता देवराज नांदल ने कहा कि 107 साल पुराने जाट स्कूल के भवन का जर्जर अवस्था में है। इस ऐतिहासिक धरोहर की तरफ सरकार व प्रशासक कोई ध्यान नहीं दे रहा है। संस्था की अंदरूनी सड़कें टूटी पड़ी हैं। वहां अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। सभी आजीवन सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जाट शिक्षण संस्था के चुनाव जल्द कराए जाएं। ऐसा नहीं होने पर सभी आजीवन सदस्य एकत्रित होकर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस मौके पर रणधीर खासा, पहलवान सत्यवान, रणबीर पहलवान, जिला पार्षद जयभगवान, वेदपाल नैन, नांदल खाप कोषाध्यक्ष डॉ. सुरेश नांदल, सुरेश कमांडो, ब्रह्मदत्त बलियाणा, पीजीआई कर्मचारी एसोसिएशन प्रधान तारीफ नांदल, सचिव संजय सिंहमार, विरेंद्र दलाल, सुनील फौगाट, राहुल मौजूद रहे।
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संस्था के सदस्यों का कहना है कि जाट शिक्षण संस्था में चुनाव नहीं होने से संस्था का विकास रुक गया है। सरकार जान-बूझकर संस्था के चुनाव टाल रही है। हाईकोर्ट में तारीख के दिन केस की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील जान-बूझकर पेश नहीं हो रहे हैं। इस कारण यह मामला खिंचता जा रहा है। अब पिछले पांच महीने से यहां प्रशासक भी नहीं है। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं, परिवारवाद की वजह से पूर्व प्रधान सुरेंद्र व उनकी कार्यकारिणी जुलाई 2015 में बर्खास्त कर दी गई थी। तब से मामला लटका है। उन्होंने कहा कि जाट कॉलेज, महारानी किशोरी व सीआर पॉलिटेक्निक में स्थायी प्राचार्य नहीं है। इस वजह से संस्थाओं में अनेक पद रिक्त पड़े हैं। इस वजह से छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। सीआर पॉलिटेक्निक में हुए पीएफ घोटाले की विजिलेंस से जांच कराने का मामला भी लंबित है। इस बारे में डायरेक्टर जनरल, टेक्निकल एजूकेशन ने 23 मार्च 2020 को एडमिनिस्ट्रेटर को विजिलेंस या सेवानिवृत्त सेशन जज से जांच कराने के आदेश जारी किए हैं। इस मुद्दे को लेकर पूर्व प्रशासक महेंद्र पाल को ज्ञापन भी सौंपा था। इसके बावजूद कोई अमल नहीं हुआ है। इस वजह से घोटाले के आरोपी कानून से बचे हुए हैं।
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ऑडिटोरियम के शिलान्यास का शिलापट्ट उखाड़ ले गया
चार वर्ष पूर्व संस्था में दीनबंधु सर छोटूराम के नाम से ऑडिटोरियम का शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहर लाल व पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. बिरेंद्र सिंह ने किया था। इसका शिलापट्ट भी कोई उखाड़ ले गया है। इस बारे में ओएसडी व प्रशासक रहे अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। नांदल खाप महासचिव डॉ. संजीत नांदल ने कहा कि छोटू राम ऑडिटोरियम का शिलान्यास हुए चार वर्ष हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक एक ईंट भी नहीं लगी है। ऑडिटोरियम के लिए कर्मचारियों ने भी अपने वेतन से सहयोग दिया है। फिर भी काम शुरू नहीं हुआ।
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कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में भी दिक्कत
डॉ. देवेंद्र बालंद ने कहा कि प्रशासक व प्रबंधन न होने की वजह से कर्मचारियों के वेतन व पेंशन में दिक्कत हो रही है। पिछले ढाई वर्ष से जाट स्कूल के स्टाफ को वेतन नहीं मिला है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन लाभ नहीं मिल रहा है।
107 साल पुराना ऐतिहासिक भवन जर्जर हो रहा
नांदल खाप प्रवक्ता देवराज नांदल ने कहा कि 107 साल पुराने जाट स्कूल के भवन का जर्जर अवस्था में है। इस ऐतिहासिक धरोहर की तरफ सरकार व प्रशासक कोई ध्यान नहीं दे रहा है। संस्था की अंदरूनी सड़कें टूटी पड़ी हैं। वहां अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। सभी आजीवन सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जाट शिक्षण संस्था के चुनाव जल्द कराए जाएं। ऐसा नहीं होने पर सभी आजीवन सदस्य एकत्रित होकर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस मौके पर रणधीर खासा, पहलवान सत्यवान, रणबीर पहलवान, जिला पार्षद जयभगवान, वेदपाल नैन, नांदल खाप कोषाध्यक्ष डॉ. सुरेश नांदल, सुरेश कमांडो, ब्रह्मदत्त बलियाणा, पीजीआई कर्मचारी एसोसिएशन प्रधान तारीफ नांदल, सचिव संजय सिंहमार, विरेंद्र दलाल, सुनील फौगाट, राहुल मौजूद रहे।