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जाट कालेज अखाड़ा हत्याकांड : छह गवाहों ने कराये बयान दर्ज, अब 11 नवंबर को होगी सुनवाई
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जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में वीरवार को एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत में छह लोगों की गवाही हुई। मृतक मुख्य कोच मनोज, महिला पहलवान पूजा, प्रदीप व सतीश के परिजन बिना पुलिस सुरक्षा के अदालत पहुंचे और पुलिस को दिए गए अनपे बयानों को फिर से दोहराया। अब मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।
पीड़ित पक्ष के वकील के अनुसार फरवरी 2021 में जाट कॉलेज अखाड़ा में सात लोगों को गोली मारी गई थी। अखाड़े के मुख्य कोच मनोज मलिक, उनकी पत्नी साक्षी मलिक, मांठोडी निवासी कोच सतीश, मोखरा निवासी प्रदीप व मथुरा निवासी महिला पहलवान पूजा तोमर की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि मुख्य कोच मनोज के चार वर्षीय बेटे सरताज ने बाद में दम तोड़ दिया था। वहीं, घायल निडाना निवासी अमरजीत को समय रहते परिजन गुरुग्राम ले गए, जिससे उसकी जान बच गई थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अखाड़े के ही कोच सुखविंदर को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में खुलासा हुआ था कि सुखविंदर उत्तर प्रदेश से हथियार लेकर आया था। इसमें उसकी मदद मुजफ्फरनगर के रिटायर फौजी मनोज ने की थी। सुखविंदर जहां न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद है, वहीं मनोज को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
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बिना पुलिस सुरक्षा के छह गवाह पहुंचे अदालत
पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि वीरवार को अदालत में मृतक कोच मनोज, प्रदीप, सतीश व पूजा के परिजन अदालत में पहुंचे। साथ ही अपनी-अपनी गवाही दी। वकील ने बताया कि सभी बयानों से साफ है कि आरोपी कोच सुखविंदर महिला पहलवान को तंग करता था। उसके परिजनों ने मुख्य कोच मनोज को शिकायत कर दी। मनोज ने आरोपी कोच को अखाड़े में न आने की हिदायत दी। इससे नाराज होकर उसने सात लोगों को गोली मार दी। इसमें छह की मौत हो गई, जबकि एक की जान बच गई थी।
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पीड़ित पक्ष के वकील के अनुसार फरवरी 2021 में जाट कॉलेज अखाड़ा में सात लोगों को गोली मारी गई थी। अखाड़े के मुख्य कोच मनोज मलिक, उनकी पत्नी साक्षी मलिक, मांठोडी निवासी कोच सतीश, मोखरा निवासी प्रदीप व मथुरा निवासी महिला पहलवान पूजा तोमर की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि मुख्य कोच मनोज के चार वर्षीय बेटे सरताज ने बाद में दम तोड़ दिया था। वहीं, घायल निडाना निवासी अमरजीत को समय रहते परिजन गुरुग्राम ले गए, जिससे उसकी जान बच गई थी। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अखाड़े के ही कोच सुखविंदर को गिरफ्तार किया था।
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पूछताछ में खुलासा हुआ था कि सुखविंदर उत्तर प्रदेश से हथियार लेकर आया था। इसमें उसकी मदद मुजफ्फरनगर के रिटायर फौजी मनोज ने की थी। सुखविंदर जहां न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद है, वहीं मनोज को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
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बिना पुलिस सुरक्षा के छह गवाह पहुंचे अदालत
पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि वीरवार को अदालत में मृतक कोच मनोज, प्रदीप, सतीश व पूजा के परिजन अदालत में पहुंचे। साथ ही अपनी-अपनी गवाही दी। वकील ने बताया कि सभी बयानों से साफ है कि आरोपी कोच सुखविंदर महिला पहलवान को तंग करता था। उसके परिजनों ने मुख्य कोच मनोज को शिकायत कर दी। मनोज ने आरोपी कोच को अखाड़े में न आने की हिदायत दी। इससे नाराज होकर उसने सात लोगों को गोली मार दी। इसमें छह की मौत हो गई, जबकि एक की जान बच गई थी।