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जाट समाज भी शोषण का शिकार: बीरेंद्र

Thu, 22 Oct 2015 02:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 22 Oct 2015 02:13 AM IST
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रोहतक। सामाजिक दृष्टि से जाट समाज भी शोषण का शिकार है। गरीबी अलग है और शोषण अलग चीज है।  सामाजिक दृष्टि से जो जातियां पीछे रही हैं, उन्हें आगे बढ़ने का अधिकार है। यह कहना है केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह का। बीरेंद्र बुधवार को माता दरवाजा स्थित स्वामी आत्मानंद आश्रम में स्वामी आत्मानंद शिक्षा समिति की ओर से 130वीं जयंती समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज केवल नौकरी से ऊपर नहीं उठ सकता है। यह तो केवल सहारा बन सकती है।
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सभी को नौकरी मिलना भी संभव नहीं। इसलिए नौकरी की बजाय व्यवसाय करना सीखें। मंत्री ने शिक्षा समिति के छात्रावास के नवीनीकरण का शिलान्यास किया और समिति को 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि यह कोर्स करने वाले 70 प्रतिशत बच्चों को पक्के तौर पर नौकरी अवश्य मिलेगी। देश और दुनिया में राज मिस्त्री, पलंबर, इलैक्ट्रीशियन वगैरह के अलावा करीब 4 करोड़ 70 लाख कारीगरों की जरूरत है। इस दौरान विधायक मनीष ग्रोवर, समिति के अध्यक्ष प्रो. बसंत सिंह लडवाल, पार्षद सुशीला इंदौरा, रघबीर सिंह, कामसिंह डाबला, कृष्ण दुग्गल, राजकुमार नरवाल, स्वामी दयानंद, राजेश नागल, वीरेंद्र, जोगेंद्र सैनी, मनोज मक्कड़, संजय गौतम, सूरजभान सांगी, पूर्व मंत्री जयनारायण खूंडिया, बीजेपी प्रवक्ता सुनीता दुग्गल, स्वदेश किराड़ और रामधारी सिंह मौजूद रहे।
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