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जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी देने वालों में 22 महिलाएं शामिल
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 04 May 2016 02:53 AM IST
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जाट आंदोलन
- फोटो : amar ujala
जेल भरो आंदोलन के तीसरे दिन मंगलवार को भी आंदोलनकारियों को गिरफ्तारी देने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर तक पुलिस जब जाट भवन गिरफ्तारी लेने नहीं पहुंची तो करीब 50 लोग जुलूस निकलाकर डीसी ऑफिस पहुंच गए। वहां भी पुलिस ने काफी देर तक गिरफ्तारी नहीं की तो सभी धरने पर बैठ गये। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने सभी को मौके पर ही जमानत दे दी और शाम तक अपनी गाड़ियों से उन्हें घर-घर जाकर छोड़ दिया। एसपी शशांक आनंद का कहना है कि 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 22 महिलाएं शामिल हैं। जबकि युवा जाट एकता मंच ने दावा किया है कि 37 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 35 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने सभी को सीआरपीसी की धारा 107-151 के तहत (शांति भंग की आशंका) गिरफ्तार किया है।
बता दें कि जाट आंदोलन के समय हुए उपद्रव के आरोप में गिरफ्तार युवाओ को छोड़ने की मांग पर युवा जाट एकता मंच जाट रविवार से जेल भरो आंदोलन चला रहा है। पहले दिन पुलिस ने आंदोलन को गंभीरता से लिया और आंदोलन स्थल जाट भवन से करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन देर रात पुलिस ने एक भी गिरफ्तारी से इनकार कर दिया।
पुलिस का कहना था कि किसी ने भी गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की। वहीं एकता मंच के पदाधिकारियों ने पुलिस पर बंधक बनाने और देर रात स्टेडियम में छोड़कर भाग जाने आरोप लगाया। अगले दिन सोमवार को सभी फिर जाट भवन पहुंचे। लेकिन दोपहर पौने दो बजे तक यहां एक भी पुलिस वाला नहीं पहुंचा। इसके बाद सभी जुलूस निकालकर आईजी ऑफिस पहुंच गये। यहां देर शाम तक प्रदर्शन करने के बाद पुलिस ने रात करीब साढ़े आठ बजे 13 लोगों को गिरफ्तार किया। हालांकि एकता मंच ने 23 लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया था।
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मंगलवार तीसरे दिन पूर्व घोषणा के अनुसार दोपहर 11 बजे सभी लोग जाट भवन के सामने इकट्ठा हुए। यहां काफी देर तक गिरफ्तारी के लिए पुलिस का इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर दो बजे तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने नहीं पहुंची। इसके बाद आंदोलनकारियों ने विचार-विमर्श करके रणनीति बनाई और सभी डीसी ऑफिस की तरफ कूच कर दिये। जुलूस निकालते हुए महिला और पुरुष लघु सचिवालय पहुंच गए। आंदोलनकारियों के पहुंचने से पहले ही लघु सचिवालय में भारी पुलिस फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया था, लेकिन पुलिस ने आंदोलनकारियों को घंटों तक गिरफ्तार नहीं किया। इस पर सभी धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह गिरफ्तारी देने के लिए आए हैं, जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी पीछे नहीं हटेंगे। आंदोलनकारियों के तेवर देख शाम करीब चार बजे एसडीएम डॉ. मुनीष नागपाल और डीएसपी बिजेंद्र सिंह ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद 35 महिलाओं समेत 37 लोगों को गिरफ्तार करके पुलिस बस में लेकर चली गई। बाद में सभी को जमानत दे दी। देर शाम तक सभी को घर-घर ले जाकर छोड़ दिया गया।
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हुडा ने दिया जाट भवन प्रबंधन को नोटिस
जेल भरो आंदोलन के प्रति हुडा भी सख्त हो गया है। युवा जाट एकता मंच के नेतृत्व में आंदोलन जाट भवन के सामने से संचालित किया जा रहा है। यहीं पर हर रोज सैकड़ों लोग इकट्ठा होते हैं। हुडा का कहना है कि आंदोलन की वजह से जाट भवन के सामने की ग्रीन बेल्ट को नुकसान हो रहा है। मंगलवार को हुडा की तरफ से जाट भवन प्रबंधन को नोटिस भेजा गया है। नोटिस में कहा गया है कि धरने के कारण ग्रीन बेल्ट प्रभावित हो रही है। इसीलिए इस स्थान से धरना खत्म किया जाए। इस संबंध में युवा जाट एकता मंच के पदाधिकारी विनीत धनखड़ का कहना है कि राजनीति के तहत पुलिस-प्रशासन धरने को खत्म कराना चाहता है। इसलिए अब हुडा से नोटिस भिजवाया गया है। उन्होंने कहा कि जिस जगह धरना चल रहा है वहां पर ग्रीन बेल्ट नहीं है। ऐसे में नोटिस का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि जेल भरो आंदोलन जारी रहेगा।
रात में महिलाओं की गिरफ्तारी का बनाया था बहाना
मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि सोमवार को पुलिस ने जान-बूझकर उन्हें पूरा दिन आईजी ऑफिस में बैठाए रखा और उनकी गिरफ्तारी नहीं ली। देर शाम पुलिस ने यह कहकर बहाना बना दिया कि रात के समय महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं होती। इसी कारण मंगलवार को दिन ढलने से पहले ही पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाकर गिरफ्तारी दी गई।
पुलिस ने कहा, हम गिरफ्तारी लेने के लिए तैयार
गिरफ्तारी देने के लिए जाट समाज के लोगों को लगातार पुलिस पर दबाव बनाना पड़ रहा है, जिसके बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर रही है। मंगलवार दोपहर तक पुलिस की अनदेखी के चलते युवा जाट एकता मंच के पदाधिकारियों ने अगली रणनीति की घोषणा करने के लिए प्रेस कांफ्रेंस बुला ली, लेकिन बाद में रद्द कर दी गई। सूत्रों की मानें तो पुलिस के एक अधिकारी ने उनसे फोन पर बातचीत की और कहा कि पुलिस गिरफ्तारी लेने के लिए तैयार है। इसके बाद सभी लोग इकट्ठा होकर डीसी ऑफिस पहुंचे।
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बता दें कि जाट आंदोलन के समय हुए उपद्रव के आरोप में गिरफ्तार युवाओ को छोड़ने की मांग पर युवा जाट एकता मंच जाट रविवार से जेल भरो आंदोलन चला रहा है। पहले दिन पुलिस ने आंदोलन को गंभीरता से लिया और आंदोलन स्थल जाट भवन से करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन देर रात पुलिस ने एक भी गिरफ्तारी से इनकार कर दिया।
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पुलिस का कहना था कि किसी ने भी गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की। वहीं एकता मंच के पदाधिकारियों ने पुलिस पर बंधक बनाने और देर रात स्टेडियम में छोड़कर भाग जाने आरोप लगाया। अगले दिन सोमवार को सभी फिर जाट भवन पहुंचे। लेकिन दोपहर पौने दो बजे तक यहां एक भी पुलिस वाला नहीं पहुंचा। इसके बाद सभी जुलूस निकालकर आईजी ऑफिस पहुंच गये। यहां देर शाम तक प्रदर्शन करने के बाद पुलिस ने रात करीब साढ़े आठ बजे 13 लोगों को गिरफ्तार किया। हालांकि एकता मंच ने 23 लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया था।
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मंगलवार तीसरे दिन पूर्व घोषणा के अनुसार दोपहर 11 बजे सभी लोग जाट भवन के सामने इकट्ठा हुए। यहां काफी देर तक गिरफ्तारी के लिए पुलिस का इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर दो बजे तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने नहीं पहुंची। इसके बाद आंदोलनकारियों ने विचार-विमर्श करके रणनीति बनाई और सभी डीसी ऑफिस की तरफ कूच कर दिये। जुलूस निकालते हुए महिला और पुरुष लघु सचिवालय पहुंच गए। आंदोलनकारियों के पहुंचने से पहले ही लघु सचिवालय में भारी पुलिस फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया था, लेकिन पुलिस ने आंदोलनकारियों को घंटों तक गिरफ्तार नहीं किया। इस पर सभी धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह गिरफ्तारी देने के लिए आए हैं, जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी पीछे नहीं हटेंगे। आंदोलनकारियों के तेवर देख शाम करीब चार बजे एसडीएम डॉ. मुनीष नागपाल और डीएसपी बिजेंद्र सिंह ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद 35 महिलाओं समेत 37 लोगों को गिरफ्तार करके पुलिस बस में लेकर चली गई। बाद में सभी को जमानत दे दी। देर शाम तक सभी को घर-घर ले जाकर छोड़ दिया गया।
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हुडा ने दिया जाट भवन प्रबंधन को नोटिस
जेल भरो आंदोलन के प्रति हुडा भी सख्त हो गया है। युवा जाट एकता मंच के नेतृत्व में आंदोलन जाट भवन के सामने से संचालित किया जा रहा है। यहीं पर हर रोज सैकड़ों लोग इकट्ठा होते हैं। हुडा का कहना है कि आंदोलन की वजह से जाट भवन के सामने की ग्रीन बेल्ट को नुकसान हो रहा है। मंगलवार को हुडा की तरफ से जाट भवन प्रबंधन को नोटिस भेजा गया है। नोटिस में कहा गया है कि धरने के कारण ग्रीन बेल्ट प्रभावित हो रही है। इसीलिए इस स्थान से धरना खत्म किया जाए। इस संबंध में युवा जाट एकता मंच के पदाधिकारी विनीत धनखड़ का कहना है कि राजनीति के तहत पुलिस-प्रशासन धरने को खत्म कराना चाहता है। इसलिए अब हुडा से नोटिस भिजवाया गया है। उन्होंने कहा कि जिस जगह धरना चल रहा है वहां पर ग्रीन बेल्ट नहीं है। ऐसे में नोटिस का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि जेल भरो आंदोलन जारी रहेगा।
रात में महिलाओं की गिरफ्तारी का बनाया था बहाना
मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि सोमवार को पुलिस ने जान-बूझकर उन्हें पूरा दिन आईजी ऑफिस में बैठाए रखा और उनकी गिरफ्तारी नहीं ली। देर शाम पुलिस ने यह कहकर बहाना बना दिया कि रात के समय महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं होती। इसी कारण मंगलवार को दिन ढलने से पहले ही पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाकर गिरफ्तारी दी गई।
पुलिस ने कहा, हम गिरफ्तारी लेने के लिए तैयार
गिरफ्तारी देने के लिए जाट समाज के लोगों को लगातार पुलिस पर दबाव बनाना पड़ रहा है, जिसके बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर रही है। मंगलवार दोपहर तक पुलिस की अनदेखी के चलते युवा जाट एकता मंच के पदाधिकारियों ने अगली रणनीति की घोषणा करने के लिए प्रेस कांफ्रेंस बुला ली, लेकिन बाद में रद्द कर दी गई। सूत्रों की मानें तो पुलिस के एक अधिकारी ने उनसे फोन पर बातचीत की और कहा कि पुलिस गिरफ्तारी लेने के लिए तैयार है। इसके बाद सभी लोग इकट्ठा होकर डीसी ऑफिस पहुंचे।