{"_id":"57c206b04f1c1bb969d4f1c6","slug":"jail-jat-reservation-relly-administration-jat-police-alert-rohtak-haryana-jasia-malik","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाईचारा रैली में सरकार को चुनौती, बोले टूट रहा है सब्र का बांध, संभल जाए सरकार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाईचारा रैली में सरकार को चुनौती, बोले टूट रहा है सब्र का बांध, संभल जाए सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 28 Aug 2016 03:01 AM IST
विज्ञापन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर सेक्टर-6 में रैली
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान सेक्टर-6 में हुई भाईचारा रैली में एक बार फिर सरकार को चुनौती दे दी गई। रैली में यूपी और पंजाब समेत कई प्रदेशों के लोगों ने भाग लिया, जिसमें सीएम मनोहर लाल खट्टर, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु और सांसद राजकुमार सैनी को निशाना बनाया गया। वक्ताओं ने साफ शब्दों में कहा कि अब जाटों के सब्र का बांध टूट रहा। इससे पहले जाट फिर से आंदोलन का रूख इख्तियार करें सरकार संभल जाए। भाईचारा रैली में जाटों की चेतावनी के बाद सरकार की धड़कनें फिर से बढ़ गई है।
भाईचारा रैली को लेकर सुबह से लोगों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई थी। मंच पर आने वाले हर वक्ता ने सरकार पर भड़ास निकाली। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि रोहतक से सरकार ने साजिश शुरू की थी और अब सरकार को रोहतक से ही सबक सिखाया जाएगा। सांसद राजकुमार सैनी को समझना चाहिए कि सरकार मोहरा बनाकर इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार बार-बार झूठे वादे कर विश्वद्यात कर रही है, लेकिन जाटों के सब्र का बांध टूट रहा है। इस भाईचारा रैली से दिखा दिया गया कि हरियाणा की जनता अब भाईचारा चाहती है, लेकिन वह अपना हक लेना भी जानती है। इससे पहले समाज फिर से आंदोलन की रणनीति बनाए, सरकार को संभल जाना चाहिए। इस बार वाहनों का मुंह रोहतक की तरफ हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो दिल्ली ज्यादा दूर नहीं है। मलिक ने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहा कि जाट आरक्षण को लेकर उन्हें हस्तक्षेप करना होगा, तभी सरकार मानेगी। इसके साथ ही मंच से ऐलान करते हुआ कहा कि आगामी रणनीति को लेकर चार सितंबर को दिल्ली में बैठक की जाएगी। इसके बाद 13 सितंबर को हिसार के मय्यड़ में सुनील श्योराण की श्रद्घांजलि सभा पर महारैली का आयोजन करेंगे। जहां पर सरकार के खिलाफ अगली रणनीति की तैयार करेंगे। रैली में पहुंची भारी भीड़ ने भी यशपाल मलिक की इस घोषणा का हाथ उठाकर समर्थन किया। दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष आजाद सिंह लाकड़ा ने भी समर्थन करते हुए कहा कि हरियाणावासियों के एक इशारे पर वह पूरी दिल्ली बंद कर देंगे। रैली में बड़ी तादात में भीड़ को देखते हुए समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा व उनकी टीम को बधाई दी।
पंजाब रैली को लेकर दिया न्यौता
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि 28 सितंबर को पंजाब के हुसैनवाला में सरदार भगत सिंह के जन्म दिवस पर रैली होगी। इस रैली में शामिल होने के लिए 27 सितंबर को दिल्ली से यात्रा शुरू होगी, जो हरियाणा से होते हुए पंजाब पहुंचेगी। इस यात्रा में हरियाणा का जो भी व्यक्ति शामिल होना चाहिए वह आ सकता है।
विज्ञापन
यह रहे मुख्य वक्ता
पंजाब से करनैल सिंह, मध्यप्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण, गुजरात से आए अखिल भारतीय पाटीदार के पदाधिकारी केडी छादरिया, महाराष्ट्र से आए पूर्व विधायक व एमएलसी विनायक राव मेठे, बिहार के ओबीसी नेता मिथलेश कुमार, समिति के हरियाणा के प्रदेश प्रवक्ता रामभज मलिक, समिति के हरियाणा महासचिव महेंद्र पुनिया, यूपी से मानवेंद्र वर्मा, मुजफ्फरनगर से काजी मोहम्मद बालियान, उत्तराखंड से आए विक्रम पंवार, रोड समाज के चौधरी छोटूराम, मकड़ौली सरपंच सुमित, सरदार तंवर सिंह, जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा, कृष्णलाल हुड्डा, विजयदीप पंघाल, ओमप्रकाश हुड्डा, निशा चौधरी और हंसराज पूनिया आदि ने रैली को संबोधित किया।
विज्ञापन
भाईचारा रैली को लेकर सुबह से लोगों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई थी। मंच पर आने वाले हर वक्ता ने सरकार पर भड़ास निकाली। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि रोहतक से सरकार ने साजिश शुरू की थी और अब सरकार को रोहतक से ही सबक सिखाया जाएगा। सांसद राजकुमार सैनी को समझना चाहिए कि सरकार मोहरा बनाकर इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार बार-बार झूठे वादे कर विश्वद्यात कर रही है, लेकिन जाटों के सब्र का बांध टूट रहा है। इस भाईचारा रैली से दिखा दिया गया कि हरियाणा की जनता अब भाईचारा चाहती है, लेकिन वह अपना हक लेना भी जानती है। इससे पहले समाज फिर से आंदोलन की रणनीति बनाए, सरकार को संभल जाना चाहिए। इस बार वाहनों का मुंह रोहतक की तरफ हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो दिल्ली ज्यादा दूर नहीं है। मलिक ने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहा कि जाट आरक्षण को लेकर उन्हें हस्तक्षेप करना होगा, तभी सरकार मानेगी। इसके साथ ही मंच से ऐलान करते हुआ कहा कि आगामी रणनीति को लेकर चार सितंबर को दिल्ली में बैठक की जाएगी। इसके बाद 13 सितंबर को हिसार के मय्यड़ में सुनील श्योराण की श्रद्घांजलि सभा पर महारैली का आयोजन करेंगे। जहां पर सरकार के खिलाफ अगली रणनीति की तैयार करेंगे। रैली में पहुंची भारी भीड़ ने भी यशपाल मलिक की इस घोषणा का हाथ उठाकर समर्थन किया। दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष आजाद सिंह लाकड़ा ने भी समर्थन करते हुए कहा कि हरियाणावासियों के एक इशारे पर वह पूरी दिल्ली बंद कर देंगे। रैली में बड़ी तादात में भीड़ को देखते हुए समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा व उनकी टीम को बधाई दी।
विज्ञापन
पंजाब रैली को लेकर दिया न्यौता
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि 28 सितंबर को पंजाब के हुसैनवाला में सरदार भगत सिंह के जन्म दिवस पर रैली होगी। इस रैली में शामिल होने के लिए 27 सितंबर को दिल्ली से यात्रा शुरू होगी, जो हरियाणा से होते हुए पंजाब पहुंचेगी। इस यात्रा में हरियाणा का जो भी व्यक्ति शामिल होना चाहिए वह आ सकता है।
विज्ञापन
यह रहे मुख्य वक्ता
पंजाब से करनैल सिंह, मध्यप्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण, गुजरात से आए अखिल भारतीय पाटीदार के पदाधिकारी केडी छादरिया, महाराष्ट्र से आए पूर्व विधायक व एमएलसी विनायक राव मेठे, बिहार के ओबीसी नेता मिथलेश कुमार, समिति के हरियाणा के प्रदेश प्रवक्ता रामभज मलिक, समिति के हरियाणा महासचिव महेंद्र पुनिया, यूपी से मानवेंद्र वर्मा, मुजफ्फरनगर से काजी मोहम्मद बालियान, उत्तराखंड से आए विक्रम पंवार, रोड समाज के चौधरी छोटूराम, मकड़ौली सरपंच सुमित, सरदार तंवर सिंह, जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा, कृष्णलाल हुड्डा, विजयदीप पंघाल, ओमप्रकाश हुड्डा, निशा चौधरी और हंसराज पूनिया आदि ने रैली को संबोधित किया।