फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   It was a duty to save the lives of patients by staying away from family

परिवार से दूर रहकर मरीजों का जीवन बचाने को इबादत मान निभाया फर्ज

Mon, 01 Jun 2020 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2020 01:15 AM IST
विज्ञापन
It was a duty to save the lives of patients by staying away from family
लॉकडाउन में छूट मिलने के साथ ही कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार फैल रहा है। ऐसे में परविार से दूर रह कर डॉक्टर, नर्स, लैब तकनीशियन संक्रमित मरीजों का जीवन बचाने को अपने फर्ज को इबादत की तरह निभा रहे हैं। संक्रमित मरीज जांच से लेकर उनके ठीक होकर घर जाने तक इन्हीं के संपर्क में रहता है। संक्रमित मरीजों के परिवारजन या परिचित वायरस का शिकार न हों इसके लिए उनका मरीज के पास आना प्रतिबंधित होता है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल की लैब में तैैनात मेडिकल टैक्नोलॉजिस्ट विजय तंवर कोरोना संदिग्ध मरीजों का अप्रैल माह से सैंपल ले रहे हैं। रोजाना 40 से 100 सैंपल लिए जाते हैं। सैंपल लेने के दौरान पीपीई किट में होते हैं, लेकिन संक्रमण फैलने का डर बना रहता है। पहले एक दिन का गैप मिलता था, लेकिन अब मरीजों की तादाद बढ़ने से वह भी बंद हो गया है। इस समय घर जाने के बाद खुद को सैनिटाइज करके ही बच्चों के पास जाते हैं।
विज्ञापन

पीजीआईएमएस की स्टाफ नर्स मीनाक्षी हुड्डा वार्ड 26 में कोरोना के मरीजों के उपचार में तैनात हैं। कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने के बाद प्रशासन ने दो सप्ताह के लिए क्वारंटीन कर दिया। अब घर में बच्चों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का मैंटेन कर रहे हैं। हालांकि जांच रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। लेकिन खुशी है कोरोना के मरीजों की सेवा के साथ देश सेवा करने का मौका मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीजीआईएमएस की स्टाफ नर्स आशा रानी वार्ड 26 में डयूटी करने के बाद अपने परिवार से दूर दो सप्ताह का क्वारंटीन पीरियड पार कर चुकी हैं। अब वह घर पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ रह रही हैं। आशा रानी ने बताया कि नौकरी तो हम हमेशा करते हैं, लेकिन महामारी में नौकरी करना अलग बात है। मुझे गर्व है कि देश सेवा करने का मुझे भी मौका मिला।

पीजीआईएमएस के डॉ. सुरेश सिंघल कोरोना के संक्रमणकाल में मिशाल बने हुए हैं। डॉक्टर ने अपनी सर्जरी करवाने के बावजूद अपनी ड्यूटी नहीं छोड़ी और काम पर लौट आए। एनेस्थीसिया के सीनियर प्रोफेसर होने के अलावा डॉ. सिंघल के पास कोविड अस्पताल के प्रभारी हैं। वह लगातार कोरोना मरीजों का उपचार कर रहे डॉक्टरों व स्टाफ नर्सों को भी सम्मान दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed