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ज्ञान के साथ-साथ अनुभव का होना बेहद जरूरी : मनोहर लाल
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आईआईएम में एमबीए स्नातक की डिग्री मिलने के बाद टोपी हवा में उड़ा कर खुशी का इजहार करते छात्र छात्?
- फोटो : RohtakCity
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रोहतक। ज्ञान के साथ-साथ अनुभव का होना बेहद जरूरी है। जब तक अनुभव नहीं होता तब तक ज्ञान अधूरा होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में संतुलन बनाए रखना ही व्यक्तिगत प्रबंधन के साथ-साथ व्यवसायिक प्रबंधन में भी उचित होता है। युवाओं को लक्ष्य की ओर जाने का हमेशा सार्थक प्रयास करना चाहिए ओर मैनेजमेंट की दिशा तय करनी चाहिए। यह बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को आईआईएम में कही।
मुख्यमंत्री भारतीय प्रबंधन संस्थान रोहतक के 11वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान के 300 से अधिक युवाओं को डिग्रियां वितरित की और भारतीय प्रबंधन संस्थान के गुरुग्राम विस्तार परिसर का शिलान्यास भी किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे मैनेजमेंट में लिए हुए प्रशिक्षण और हुनर का उपयोग उद्योगों के साथ-साथ समाज व देश हित में भी करें। यहां शिक्षक एक टीम भावना से प्रबंधन प्रशिक्षण के साथ-साथ सरकार की जनहितैषी और गरीब उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर भी रिसर्च करें। सरकार ने परिवार पहचान पत्र योजना से समाज हित के कार्य का रही है। गरीबों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का लाभ कैसे मिले, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी संस्थान से हमेशा जुड़े रहें और अपनी यादें संजोए रखें।
संस्थान में बढ़ी छात्राओं की संख्या
संस्थान मे वर्ष 2012 में केवल 7 प्रतिशत लड़कियों ने डिग्री हासिल की, लेकिन 2022 में यह 71 प्रतिशत हो गई है। यह रूझान सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सार्थक करता है।
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अनुष्का दहिया व निगधा ओवाला को मिला गोल्ड मेडल
समारोह में गुरुग्राम की अनुष्का दहिया व निगधा ओवाला को गोल्ड मेडल से नवाज गया। वहीं संस्थान के चेयरमैन जे आर सरोत तथा निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सांसद डॉ. अरविंद शर्मा, जिलाध्यक्ष अजय बसंल, मुख्यमंत्री के ओएसडी (प्रचार) गजेंद्र फौगाट, मुख्यमंत्री के मीडिया कॉर्डिनेटर राजकुमार कपूर के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों में उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार, पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, रोहतक के उपमंडलाधीश राकेश कुमार, नगराधीश मोहित महराना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह मलिक, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरबीर सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मौका मिले तो मेहनत से मत चूको : अनुष्का
फोटो सहित
आईआईएम में बेस्ट ऑल राउंड परफार्मेंस में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली अनुष्का दहिया का कहना है कि जब भी मौका मिले हमें मेहनत करने से नहीं चूकना चाहिए। क्योंकि बहुत बच्चे ऐसे होते हैं, जिनको मौका ही नहीं मिलता। मेरी सफलता में संस्थान, शिक्षक, परिजनों का सहयोग है। वहीं बेटी की सफलता पर पिता विजय दहिया व मां नीरज दहिया ने खुशी जताई और अनुष्का को आशीर्वाद दिया।
अच्छे से पढ़ाई करें तो कामयाबी मिलती है : स्निगधा
फोटो सहित
आईआईएम में एकेडमिक की गोल्ड मेडल विजेता स्निगधा ने बताया कि दो साल की मेहनत के बाद अच्छा परिणाम मिला है। लड़कियों को चाहिए कि उन्हें मौका मिलता है तो वह भी साबित करें कि वह कामयाब हो सकती हैं। मेरी कामयाबी में मेरे परिजनों, शिक्षकों का काफी योगदान है। वहीं बेटी की कामयाबी पर मां वंदना ने बताया कि उन्हें बहुत खुशी है। वह अपनी बेटी से खुश हैं।
माता-पिता का सपना होना चाहिए पूरा : कृति सेठी
आईआईएम की डिग्री हासिल करने वाली कृति सेठी ने बताया कि आज वह बहुत खुश है। बेटी की कामयाबी पर मां पर नलिनी सेठी व पिता नीरज सेठी ने खुशी जताते हुए कहा कि आज उनका सपना पूरा हो गया है। कृति ने बताया कि लड़कियां माता-पिता का सम्मान होती हैं, उन्हें मौका मिलने पर दिल लगा कर पढ़ाई करनी चाहिए। क्योंकि उनकी कामयाबी पर सबसे अधिक खुशी उसके माता-पिता को मिलती है।
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मुख्यमंत्री भारतीय प्रबंधन संस्थान रोहतक के 11वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान के 300 से अधिक युवाओं को डिग्रियां वितरित की और भारतीय प्रबंधन संस्थान के गुरुग्राम विस्तार परिसर का शिलान्यास भी किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे मैनेजमेंट में लिए हुए प्रशिक्षण और हुनर का उपयोग उद्योगों के साथ-साथ समाज व देश हित में भी करें। यहां शिक्षक एक टीम भावना से प्रबंधन प्रशिक्षण के साथ-साथ सरकार की जनहितैषी और गरीब उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर भी रिसर्च करें। सरकार ने परिवार पहचान पत्र योजना से समाज हित के कार्य का रही है। गरीबों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का लाभ कैसे मिले, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी संस्थान से हमेशा जुड़े रहें और अपनी यादें संजोए रखें।
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संस्थान में बढ़ी छात्राओं की संख्या
संस्थान मे वर्ष 2012 में केवल 7 प्रतिशत लड़कियों ने डिग्री हासिल की, लेकिन 2022 में यह 71 प्रतिशत हो गई है। यह रूझान सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सार्थक करता है।
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अनुष्का दहिया व निगधा ओवाला को मिला गोल्ड मेडल
समारोह में गुरुग्राम की अनुष्का दहिया व निगधा ओवाला को गोल्ड मेडल से नवाज गया। वहीं संस्थान के चेयरमैन जे आर सरोत तथा निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सांसद डॉ. अरविंद शर्मा, जिलाध्यक्ष अजय बसंल, मुख्यमंत्री के ओएसडी (प्रचार) गजेंद्र फौगाट, मुख्यमंत्री के मीडिया कॉर्डिनेटर राजकुमार कपूर के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों में उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार, पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, रोहतक के उपमंडलाधीश राकेश कुमार, नगराधीश मोहित महराना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह मलिक, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरबीर सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मौका मिले तो मेहनत से मत चूको : अनुष्का
फोटो सहित
आईआईएम में बेस्ट ऑल राउंड परफार्मेंस में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली अनुष्का दहिया का कहना है कि जब भी मौका मिले हमें मेहनत करने से नहीं चूकना चाहिए। क्योंकि बहुत बच्चे ऐसे होते हैं, जिनको मौका ही नहीं मिलता। मेरी सफलता में संस्थान, शिक्षक, परिजनों का सहयोग है। वहीं बेटी की सफलता पर पिता विजय दहिया व मां नीरज दहिया ने खुशी जताई और अनुष्का को आशीर्वाद दिया।
अच्छे से पढ़ाई करें तो कामयाबी मिलती है : स्निगधा
फोटो सहित
आईआईएम में एकेडमिक की गोल्ड मेडल विजेता स्निगधा ने बताया कि दो साल की मेहनत के बाद अच्छा परिणाम मिला है। लड़कियों को चाहिए कि उन्हें मौका मिलता है तो वह भी साबित करें कि वह कामयाब हो सकती हैं। मेरी कामयाबी में मेरे परिजनों, शिक्षकों का काफी योगदान है। वहीं बेटी की कामयाबी पर मां वंदना ने बताया कि उन्हें बहुत खुशी है। वह अपनी बेटी से खुश हैं।
माता-पिता का सपना होना चाहिए पूरा : कृति सेठी
आईआईएम की डिग्री हासिल करने वाली कृति सेठी ने बताया कि आज वह बहुत खुश है। बेटी की कामयाबी पर मां पर नलिनी सेठी व पिता नीरज सेठी ने खुशी जताते हुए कहा कि आज उनका सपना पूरा हो गया है। कृति ने बताया कि लड़कियां माता-पिता का सम्मान होती हैं, उन्हें मौका मिलने पर दिल लगा कर पढ़ाई करनी चाहिए। क्योंकि उनकी कामयाबी पर सबसे अधिक खुशी उसके माता-पिता को मिलती है।

रोहतक आईआईएम के नवस्नातकों को उपाधी देते मुख्यमंत्री मनोहर लाल साथ में निदेशक प्रो धीरज शर्मा। ?- फोटो : RohtakCity