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Rohtak News: मेहनती और चुपचाप काम करते रहने वाला पति मिलना मुश्किल...

Tue, 09 Jul 2024 01:22 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2024 01:22 AM IST
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It is difficult to find a husband who is hardworking and works quietly.
08सीटीके41...सप्तक कल्चरल सोसायटी की ओर से आयोजित घर फूंक थियेटर में एक गधे की आत्मकथा का मंचन
रोहतक। सप्तक कल्चरल सोसायटी, पठानिया वर्ल्ड कैंपस और सोसर्ग की ओर से आयोजित घर फूंक थियेटर में इस बार सप्तक के कलाकारों ने गधा सीरीज के अपने तीसरे नाटक ''''एक गधे की आत्मकथा'''' का मंचन किया। इससे पहले सप्तक की ओर से गधे की बारात और एक था गधा उर्फ अलादाद खां का मंचन किया जा चुका है। तीनों ही नाटकों का निर्देशन प्रसिद्ध रंगकर्मी और थियेटर प्रोमोटर विश्वदीपक त्रिखा की ओर से किया गया है।
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कहानी में दिखाया गया कि एक धोबी का गधा गुम हो जाता है। पूरी प्रस्तुति के दौरान वह और उसके साथी गधे को ढूंढते हुए भटकते हैं। गधे के गुम होने की रिपोर्ट पुलिस में लिखवाते हैं, लेकिन गधा नहीं मिलता। आखिर में उन्हें गधे की लाश मिलती है और नाटक का दुखद अंत होता है।
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स्थानीय सोसर्ग स्टूडियो में प्रस्तुत नाटक एक गधे की आत्मकथा प्रसिद्ध साहित्यकार कृष्ण चंदर की कहानी पर आधारित है। इसमें गधे की तुलना राजनेताओं, थियेटर व फिल्म कलाकारों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों आदि से की जाती है। कभी-कभी तो लगता है कि कलाकार गधे के माध्यम से इंसानों के गधेपन को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। कभी गधे को इंसान से श्रेष्ठ दिखाने के तर्क दिए जाते हैं। नाटक में एक युवती तो गधे से शादी करने को तैयार हो जाती है, क्योंकि उसको लगता है गधे से बढ़कर मेहनती और चुपचाप काम करते रहने वाला सीधा साधा पति उसे और कोई मिल ही नहीं सकता। वह कहती है कि गधे जैसा पति तो बड़े भाग्य से मिलता है। इसके साथ-साथ नाटक वर्तमान सामाजिक व्यवस्था, प्रशासनिक भ्रष्टाचार, इंसानों के दोहरा चरित्र पर भी गहरे कटाक्ष करता है। एक पाकिस्तानी पात्र के माध्यम से पाकिस्तान की स्थिति पर भी खूब व्यंग्य किया गया। दर्शकों ने हास्य-व्यंग्य से भरपूर नाटक का खूब आनंद लिया।
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त्रिखा की ओर से निर्देशित इस नाटक में जगदीप जुगनू, आर्यन बल्हारा, समीर शर्मा, नवदीप, उर्वशी विराट, अंकुश और हर्ष हुड्डा ने मुख्य भूमिकाएं निभाई। नाटक के संगीत निर्देशक सुभाष नगाड़ा रहे। ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था सिद्धार्थ सोसर्ग ने संभाली। पार्श्व गायक की भूमिका कर्नल सिंह ने निभाई। अविनाश सैनी ने मंच संचालन किया। विश्वदीपक त्रिखा, शक्ति सरोवर और एक्टर अनिल सैनी ने कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर पवन गहलौत, शक्ति सरोवर त्रिखा, अविनाश सैनी, सुरेंद्र शर्मा, सुनील तेवड़ी, विकास रोहिल्ला, चेरी गिरधर, ज्योति वशिष्ठ, चंचल, गर्व कोचर आदि मौजूद रहे।
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