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Rohtak News: पहरावर गोशाला में गोवंश मरने के मामले की जांच पूरी, ठेकेदार को क्लीनचिट

Fri, 20 Jun 2025 02:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 20 Jun 2025 02:27 AM IST
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Investigation of the case of cattle dying in Paharwar Gaushala is complete, contractor gets clean chit
माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। पहरावर गोशाला में गोवंश मरने के मामले की जांच पूरी हो गई है। कमेटी ने माना है कि गोशाला में 2440 पशु मिले हैं, जिससे साफ है कि मौत का आंकड़ा बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है, जबकि हकीकत में एक माह में मात्र 70 गोवंश ने दम तोड़ा है। अब शुक्रवार को कमेटी जांच रिपोर्ट निगम आयुक्त को सौंपेगी।
1 जून से पहरावर गोशाला नगर निगम ने दूसरे ठेकेदार दलेल सिंह दहिया को सौंपी थी, जबकि पहले सोमबीर सिंह की संस्था संचालन कर रही थी। पुराने ठेकेदार ने जब गोशाला छोड़ी, उस समय 2300 के करीब गोवंश थे। आरोप है कि 18 दिन में रोज 10 से 15 गोवंश दम तोड़ रहे हैं, जबकि गोशाला संचालक दलेल सिंह रोज 3 से 5 गोवंश मरने की बात कह रहे हैं।
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निगम आयुक्त ने मामले की जांच के लिए संयुक्त आयुक्त नमिता सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, जिसमें पशु पालन विभाग के डॉक्टर, निगम के कार्यकारी अभियंता व मुख्य सफाई निरीक्षक भी सदस्य हैं। कमेटी ने वीरवार को तीन बाड़ों में गोवंश की गिनती की तो 1900 के करीब गोवंश मिले।
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वीरवार को चौथे बाड़े की गिनती की गई, जिसमें जांच में 540 के करीब पशु बताए गए हैं। ऐसे में गोशाला में 2440 गोवंश हो गए हैं। जांच रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि 1 जून को 2300 पशु थे। बाकी नए छोड़े गए। इस हिसाब से ज्यादा पशु नहीं मरे हैं।
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जांच में गोशाला में 2440 गोवंश मिले हैं। मैं खुद कर्मचारियों के साथ पशु गिनने गया था। इस हिसाब से एक माह में 70 के करीब गोवंश मरे हैं। आंकड़ा बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है, जिसका कोई रिकाॅर्ड नहीं है।

- सचिन गहलावत, मुख्य सफाई निरीक्षक व जांच कमेटी सदस्य।
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निगम की टीम के सीनियर सदस्यों ने खुद गोशाला में पहुंचकर पशुओं की गिनती नहीं की। सफाईकर्मियों से गिनती कराई गई है। एक तरह से गोशाला संचालक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मैं खुद शुक्रवार को निगम आयुक्त से मिलूंगा।
- सोमबीर सिंह, पूर्व गोशाला संचालक
चार सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट नहीं मिली है। शुक्रवार को रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कह सकेंगे।
- डाॅ. आनंद शर्मा, आयुक्त नगर निगम।
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