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Rohtak News: देरी बताकर क्लेम देने से इन्कार नहीं कर सकती बीमा कंपनी

Tue, 12 Mar 2024 12:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Tue, 12 Mar 2024 12:27 PM IST
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Insurance company cannot refuse to pay claim citing delay
रोहतक। देरी से दी गई सूचना को आधार बताकर बीमा कंपनी उपभोक्ता को क्लेम देने से इन्कार नहीं कर सकती है। उपभोक्ता आयोग ने पीली कोठी निवासी कार मालिक की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। आयोग ने बीमा कंपनी को 32 हजार रुपये 9 फीसदी ब्याज सहित कार मालिक को अदा करने के आदेश दिए। यही नहीं चार हजार रुपये हर्जाना और चार हजार रुपये कानूनी खर्च के अलग से कार मालिक को अदा करने होंगे।
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सब्जी मंडी के नजदीक पीली कोठी निवासी स्टेला पोर्टर ने जुलाई 2019 में याचिका दायर की थी। कहा था कि अक्टूबर 2018 में उसने कार खरीदी। कार का एक साल के लिए निजी कंपनी से बीमा कराया गया। जनवरी 2019 में कार सोनीपत जिले के गांव सैदपुर में दुघटर्नाग्रस्त हो गई। एक दिन बाद वह बीमा कंपनी को सूचना दे सकी। साथ ही क्लेम के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करवाए। लेकिन, जब कंपनी ने बीमा देने से इन्कार कर दिया तो पीड़िता ने आयोग में याचिका दायर कर 60 हजार 591 रुपये क्लेम, 18 प्रतिशत ब्याज सहित मांगा। आयोग ने बीमा कंपनी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
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कंपनी ने कहा-समय पर हादसे की सूचना नहीं दी गई
कंपनी की ओर से कहा गया कि समय पर हादसे की सूचना नहीं दी गई। साथ ही कंपनी के नियमों के तहत क्लेम नहीं मांगा जा रहा है। आयोग ने दोनों पक्षों की बहस के बाद फैसला दिया है कि कंपनी कार मालिक को 32 हजार रुपये क्लेम, 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करना होगा। साथ ही चार हजार रुपए कानूनी खर्च और चार हजार रुपए सेवाओं में कमी का मुआवजा भी देना होगा।
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एक्सपर्ट व्यू : 48 घंटे में सूचना दें या देरी का सबूत पेश करें
-राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग का फैसला आया था कि अगर उपभोक्ता तत्काल बीमा कंपनी या पुलिस को सूचित नहीं कर पाता तो 48 घंटे के अंदर सूचना जरूर देनी चाहिए। अगर ऐसी स्थिति नहीं है तो देरी का सबूत होना चाहिए। इस आधार पर काफी केसों का फैसला हुआ है।
-डॉक्टर दीपक भारद्वाज, पूर्व महासचिव जिला बार एसोसिएशन रोहतक
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