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Rohtak News: खेतों से जलनिकासी में तेजी लाने के दिए निर्देश
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रोहतक। घिलौड़, जसिया, बसंतपुर समेत अन्य गांवाें के खेतों में बारिश से हुए जलभराव वाले क्षेत्रों का शुक्रवार सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर बिजेंद्र नारा ने दौरा किया। पानी निकासी के लिए बड़ी मोटरें और उनको चलाने के लिए नए ट्रांसफार्मर के लिए फाइल लगाने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। ताकि जल्द से जल्द खेतों से जलनिकासी की जा सके। किसानों ने कहा वह जल्द से जल्द पानी की निकासी करवाएं, निकासी में हमारी तरफ से भी पूरी मदद की जाएगी।
घिलौड़ से कान्ही तक पहले दबाई गई पाइप से पानी की निकासी की जा रही है। लेकिन चीफ इंजीनियर ने लिफ्ट हो रहे पानी के बहाव को देखा तो वह बहुत कम था। इसको लेकर चीफ इंजीनियर ने उन पाइप को उखड़वाकर वहां से और चौड़ा रास्ता बनवाकर पानी को लिफ्ट करवाया। इससे पानी तेज बहाव के साथ बाहर ड्रेन में निकल रहा है। वहीं घिलौड़ से कान्ही तक जो लिंक ड्रेन जा रही है उसमें से चार गांवों के पानी को लिफ्ट कर ड्रेन नंबर आठ में भेजा जा रहा है। घिलौड़ और कान्ही लिंक ड्रेन जसिया में जाकर एक हो जाती है। इससे पानी की निकासी में काफी आसानी हो रही है।
किसानों की मांग झील में डटे हुए पानी की निकासी हो पहले
चीफ इंजीनियर दौरे के दौरान किसानों ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि कोई भी खेत ऐसा नहीं हे जिसमें तीन से चार फीट तक पानी न हो। जिन एरिया में फसल बोई हुई है वहां पर झील भी बनी हुई है। अगर पहले झील का पानी निकाल दिया जाए तो फसलों का कुछ प्रतिशत तक बचाव भी हो सकता है। इसके लिए अधिकारियों को झील वाले खेतों का पानी जल्द निकालने के आदेश दिए गए हैं। खेतों से किसानों की पाइपलाइन दबाकर सहमति बनती है तो जल्द पाइपलाइन बिछाकर पानी की निकासी करवा दी जाएगी।
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पानी निकासी की दो दिन बाद भेजनी होगी रिपोर्ट
मौके का मुआयना करने के दौरान चीफ इंजीनियर ने आदेश दिए कि पानी निकासी की रोजाना की रिपोर्ट मुझे भिजवाई जाए। ताकि जलभराव की निकासी में कोई कोताही न बरत सकें। अगर निकासी को लेकर कोई अन्य विकल्प और निकलता है तो उस विकल्प को भी समय अनुसार फॉलो करें ताकि किसानों से समय रहते उसका लाभ मिल सकें।
चीफ इंजीनियर बिजेंद्र नारा ने खेतों में हुए जलभराव का जायजा लिया है। जहां जहां दिक्कत है वहां पर मोटरें व अन्य माध्यमों से पानी को लिफ्ट करवाया जा रहा है। ताकि किसानों को राहत मिल सकें।
रामनिवास, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग
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घिलौड़ से कान्ही तक पहले दबाई गई पाइप से पानी की निकासी की जा रही है। लेकिन चीफ इंजीनियर ने लिफ्ट हो रहे पानी के बहाव को देखा तो वह बहुत कम था। इसको लेकर चीफ इंजीनियर ने उन पाइप को उखड़वाकर वहां से और चौड़ा रास्ता बनवाकर पानी को लिफ्ट करवाया। इससे पानी तेज बहाव के साथ बाहर ड्रेन में निकल रहा है। वहीं घिलौड़ से कान्ही तक जो लिंक ड्रेन जा रही है उसमें से चार गांवों के पानी को लिफ्ट कर ड्रेन नंबर आठ में भेजा जा रहा है। घिलौड़ और कान्ही लिंक ड्रेन जसिया में जाकर एक हो जाती है। इससे पानी की निकासी में काफी आसानी हो रही है।
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किसानों की मांग झील में डटे हुए पानी की निकासी हो पहले
चीफ इंजीनियर दौरे के दौरान किसानों ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि कोई भी खेत ऐसा नहीं हे जिसमें तीन से चार फीट तक पानी न हो। जिन एरिया में फसल बोई हुई है वहां पर झील भी बनी हुई है। अगर पहले झील का पानी निकाल दिया जाए तो फसलों का कुछ प्रतिशत तक बचाव भी हो सकता है। इसके लिए अधिकारियों को झील वाले खेतों का पानी जल्द निकालने के आदेश दिए गए हैं। खेतों से किसानों की पाइपलाइन दबाकर सहमति बनती है तो जल्द पाइपलाइन बिछाकर पानी की निकासी करवा दी जाएगी।
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पानी निकासी की दो दिन बाद भेजनी होगी रिपोर्ट
मौके का मुआयना करने के दौरान चीफ इंजीनियर ने आदेश दिए कि पानी निकासी की रोजाना की रिपोर्ट मुझे भिजवाई जाए। ताकि जलभराव की निकासी में कोई कोताही न बरत सकें। अगर निकासी को लेकर कोई अन्य विकल्प और निकलता है तो उस विकल्प को भी समय अनुसार फॉलो करें ताकि किसानों से समय रहते उसका लाभ मिल सकें।
चीफ इंजीनियर बिजेंद्र नारा ने खेतों में हुए जलभराव का जायजा लिया है। जहां जहां दिक्कत है वहां पर मोटरें व अन्य माध्यमों से पानी को लिफ्ट करवाया जा रहा है। ताकि किसानों को राहत मिल सकें।
रामनिवास, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग