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पारदर्शिता व गड़बड़ी रोकने के लिए आधार नंबर पूछेंगी संस्थाएं, 22 वार्ड में 44 टीमें करेंगी जांच

Wed, 01 Apr 2020 10:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2020 10:30 PM IST
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Institutions will ask for Aadhaar numbers to prevent transparency and disturbances, 44 teams will investigate in 22 wards
सति भाई सांई सेवा दल के प्रधान नरेश आनंद फ्रिज में रखे भोजन के सैंपल दिखाते हुए। - फोटो : RohtakCity
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन जारी है। समाजसेवी संस्थाएं शहर में भोजन व राशन वितरण का काम कर रही हैं। राशन वितरण में पारदर्शिता कायम रखने के लिए संबंधित व्यक्ति का आधार नंबर या दूसरे कागजात मांग जाएंगे। जिन लोगों के पास राशन कार्ड, सरकारी नौकरी या आर्थिक हालात सही हैं, उनको राशन नहीं मिलेगा। इसके लिए बुधवार सुबह निगम आयुक्त कार्यालय तो शाम को राशन वितरण कमेटी की मीटिंग हुई। इतना ही नहीं, मौके पर जांच पड़ताल के लिए सामाजिक संस्थाओं ने 22 वार्डों में 44 टीम तय की गई हैं। ताकि जरूरतमंद के पास ही भोजन या राशन पहुंच सके। मीटिंग में समाजसेवी राजेश जैन, मंजुल पालीवाल, व्यापारी नेता गुलशन ईशपुनियानी, डीएफएससी शिव कुमार शर्मा व रेडक्रॉस सचिव देवेंद्र चहल भी मौजूद रहे। मेयर मनमोहन गोयल थोड़ी देरी से मीटिंग में पहुंचे।
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नगर निगम की तरफ से समाजसेवी संस्थाओं के बीच तालमेल बैठाने के लिए नियुक्त संयोजक एवं समाजसेवी मंजुल पालीवाल ने बताया कि प्रतिदिन 40 हजार से ज्यादा लोगों तक खाना पहुंचाने की डिमांड आ रही हैं। संस्थाएं अपनी तरफ से प्रयास कर रही हैं, लेकिन कुछ केस में सूची में गड़बड़ी मिली है। मामले को लेकर शाम को भी प्रशासन द्वारा गठित राशन वितरण तालमेल कमेटी की मीटिंग हुई। इसके बाद पुख्ता कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को शिवाजी कॉलोनी एरिया से 2200 लोगों तक खाना पहुंचाने की सूची भेजी, लेकिन मौके पर जांच की गई तो 1600 लोग ही पात्र मिले। दूसरा, आउटर से 7 हजार लोगों के खाने की डिमांड आई, लेकिन जांच में 50 प्रतिशत ही पात्र मिले।
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वार्ड वाइज दो टीमें गठित
पालीवाल ने बताया कि तय हुआ है कि समाजसेवी संस्थाओं की 22 वार्डों में 44 टीम केवल जांच पड़ताल का काम करेगी। जो सूची कंट्रोल रूम में आएगी। उसमें हर व्यक्ति का मोबाइल नंबर, नाम व लोकेशन होना जरूरी है। इसके बाद संस्थाओं की तरफ से फोन पर आधार नंबर लिया जाएगा। आधार नंबर की जांच होगी। इसमें संबंधित व्यक्ति व परिवार को पूरा ब्योरा मिल जाएगा। इसके बाद संस्थाएं केवल उन लोगों को राशन व भोजन पहुंचाएंगी, जो किसी भी सरकारी योजना से जुड़े हुए नहीं हैं। आर्थिक हालत ठीक नहीं है। साथ ही राशन कार्ड भी नहीं बना हुआ।
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सैंपलिंग की नहीं कोई व्यवस्था, संस्था फ्रिज में रख रही खाने का सैंपल
प्रशासन ने भोजन पकाकर वितरण का कार्य सती भाई साईं सेेवा दल को सौंपा है। संस्था के प्रधान नरेश आनंद ने बताया कि वे सुबह व शाम हर रोज के भोजन का सैंपल लेकर फ्रिज में रखते हैं, ताकि खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम जांच कर सके। लेकिन अभी तक कोई टीम नहीं आई है।
तीन संस्थाओं को मिली भोजन व राशन वितरण की जिम्मेदारी
राशन वितरण के लिए एनजीओ के लिए संयोजक मंजुल पालीवाल का कहना है कि प्रशासन ने केवल तीन संस्थाओं को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी सौंपी है। सती भाई साईं दास सेवा दल भोजन वितरण का काम करेगा। जबकि हरिओम सेवा दल व जनसेवा संस्थान राशन वितरण करेगा। हालांकि मजबूरी में डिमांड बढ़ने पर जनसेवा संस्थान की तरफ से भी भोजन बनाकर बांटा जा रहा है। ऐसे में प्रशासन से उनकी मांग है कि खाने की क्वालिटी पर भी ध्यान दिया जाए।

राशन वितरण के दौरान आधार नंबर लेने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि कई जगह से फर्जी लिस्ट आ रही हैं। समाजसेवी संस्थाएं अपने स्तर पर जांच पड़ताल करके ही राशन देंगी। जहां तक भोजन के सैंपल लेने का सवाल है, इस संबंध में डीसी से बात करेंगे।
मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम

नगर निगम में मीटिंग लेते आयुक्त प्रदीप गोदारा।

नगर निगम में मीटिंग लेते आयुक्त प्रदीप गोदारा।- फोटो : RohtakCity

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