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Rohtak News: नीलगाय की टक्कर से कार सवार मासूम की मौत, एक घंटा नहीं मिला हेल्पलाइन नंबर

Mon, 04 May 2026 12:17 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2026 12:17 AM IST
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Innocent car rider dies after being hit by a Nilgai; helpline number not available for an hour
14-मृतक अ​क्षित। फाइल फोटो

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रोहतक। गोहाना रोड पर शनिवार की रात 12 बजे कार के नीचे गाय आने से कार असंतुलित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर में मंसूरी घूमकर लौट रहा खेड़ी साध का परिवार कार में फंस गया। एक घंटे हेल्प न मिलने की वजह से चार वर्षीय दक्षित ने दम तोड़ दिया। घायल मां मोनिका (30) को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
खेड़ी साध निवासी नीतिश ने बताया कि वे एमडीयू में आठ साल से ग्राउंडमैन की नौकरी करते हैं। 10 दिन से बच्चे बाहर घूमने जाने की कह रहे थे। तीन दिन पहले वह अपनी पत्नी मोनिका, बेटी हिमानी व बेटे अक्षित के साथ आल्टो कार में घूमने मंसूरी गए। शनिवार की रात वापस लौट रहे थे।
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जसिया ब्राह्मणवास गांव के बीच अचानक पेड़ों से भागकर कार के आगे नीलगाय आ गई। इससे कार का संतुलन बिगड़ गया और कार सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर में पिछली सीट पर बैठा दक्षित व उसकी मां मोनिका गंभीर रूप से घायल हो गए। पिता-पुत्री बाल-बाल बचे।
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कभी बेटे तो कभी पत्नी को संभाला, नहीं मिला एंबुलेंस का हेल्पलाइन नंबर 102
नीतिश ने बताया कि कार की टक्कर के बाद वे घबरा गया। चोट लगने से मां-बेटे के सिर से खून बहने लगा। अक्षित ने केवल एक बार बहन को पुकारा। इसके बाद आंख बंद कर ली। वह कभी बेटे तो कभी पत्नी को संभालता रहा। उसने एंबुलेंस बुलाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 102 मिला लेकिन नंबर नहीं मिला। फिर 100 नंबर डायल किया। उसे नए हेल्पलाइन नंबर 112 का पता नहीं था। एक घंटे बाद पुलिस की ईवीआर पहुंची। मां-बेटे को खेड़ी साध के पास निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। उस समय तक बेटा अक्षित दम तोड़ चुका था। मोनिका को आईसीयू में रखा गया है।
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डेड हाउस के बाहर भावुक हुए पिता, बेटे के फोटो को निहारते रहे
पोस्टमार्टम के दौरान पीजीआई डेड हाउस के बाहर बैठे पिता नीतिश के आंसू नहीं थम रहे हैं। मोबाइल फोन में बेटे का फोटो निहारते रहे। फफक-फफक कर रोते रहे।

14-मृतक अक्षित। फाइल फोटो

14-मृतक अक्षित। फाइल फोटो

14-मृतक अक्षित। फाइल फोटो

14-मृतक अक्षित। फाइल फोटो

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