{"_id":"618d845861e68c5f1438cd01","slug":"in-the-investigation-report-the-ctp-held-the-zto-responsible-for-the-disturbances-and-irregularities-rohtak-news-rtk629571564","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच रिपोर्ट में सीटीपी ने गड़बड़ी और अनियमितता के लिए जेडटीओ को ठहराया जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच रिपोर्ट में सीटीपी ने गड़बड़ी और अनियमितता के लिए जेडटीओ को ठहराया जिम्मेदार
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सीटीपी (सीनियर टाउन प्लानर) ने निगम में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच रिपोर्ट निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ को सौंप दी है। इसमें अनधिकृत प्रॉपर्टी की अधिकृत आईडी बनाने व अनधिकृत क्षेत्र में नक्शा स्वीकृत करने समेत 12 बिंदुओं पर जांच शामिल है। जांच रिपोर्ट में जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा को गड़बड़ी और अनियमितता के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। उधर, जांच रिपोर्ट को लेकर निगम पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका तर्क था कि जांच अधिकारी 10 साल से ज्यादा समय से बिल्डिंग ब्रांच में ही तैनात रहे हैं। इसकी वजह से उन्होंने अपने चहेतों को बचाया है। वह बिल्डिंग ब्रांच पर लगाए आरोपों की जांच शासन स्तर से कराने की मांग करेंगे।
पार्षदों ने निगम की प्रॉपर्टी टैक्स और बिल्डिंग ब्रांच में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 28 सितंबर को सदन का बहिष्कार किया था। साथ ही उन्होंने आरोपों की जांच नहीं होने तक निगम में धरना दिया, जो तीन दिन तक चला था। हालांकि पार्षदों ने पूर्व मंत्री व भाजपा जिलाध्यक्ष के आश्वासन पर धरना खत्म कर दिया था। पार्षदों के आरोपों की जांच करने के लिए निगम आयुक्त ने सीटीपी केके वार्ष्णेय को जांच सौंपी थी। जांच अधिकारी 10 साल से ज्यादा समय तक बिल्डिंग ब्रांच के एटीपी व डीटीपी के पद पर तैनात रहे हैं। उन्होंने विगत दिनों नगर आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ को 12 बिंदुओं पर लगाए गए आरोपों की जांच रिपोर्ट सौंपी है। इनमें से नौ आरोपों में लंबे समय से जेडटीओ पद पर तैनात रहे जगदीश चंद्र शर्मा को जिम्मेदार बताया है। इसके अलावा उनके अधीन काम करने वाले लिपिक विशाल (नौकरी छोड़ दी), लिपिक देवेंद्र, लिपिक दिनेश, लिपिक कमल, बेलदार (आउटसोर्स) सचिन, बेलदार (आउटसोर्स) अमित को भी दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद निगम आयुक्त ने शासन को जेडटीओ के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। आउटसोर्स कर्मियों की सेवा खत्म कर दी और दोषी निगम कर्मियों को चार्जशीट सौंपने के आदेश कर दिए हैं। उधर, पार्षदों का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स शाखा ही नहीं बिल्डिंग ब्रांच में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है, लेकिन जांच रिपोर्ट में अधिकारी ने अपने चहेतों को पूरी तरह से बचाया है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। कार्रवाई बिल्डिंग ब्रांच के दोषियों पर भी होनी चाहिए।
मामला एक : प्रॉपर्टी आईडी 232सी1219यू117ए व 232सी317यू225ए गलत बनाई
रिपोर्ट: दोनों एक ही प्लांट की आईडी बनाई हैं। एनडीसी के लिए अधिकृत एरिया के दूसरे प्लाट पर पार्टी आईडी बनाई। निगम में नियमों की अवहेलना व मिलीभगत से आईडी बनाना गंभीर है। धोखाधड़ी से आईडी बनाने वाले पर कार्रवाई सुनिश्चित हो।
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ये जिम्मेदार : सचिन बेलदार, जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला दो : मकान एक व प्रॉपर्टी आईडी दो, एक अधिकृत और दूसरी अनाधिकृत।
रिपोर्ट : नियमों की अवहेलना कर मिलीभगत से आईडी बनाना गंभीर है। दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो। शामिल अधिकारी- कर्मियों की पहचान करके कार्रवाई की जाय।
ये जिम्मेदार : क्लर्क विशाल (नौकरी छोड़ी) व जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला तीन : एनडीसी जारी करके फिर अनधिकृत की प्रॉपर्टी
रिपोर्ट : दो प्रॉपर्टी आईडी अनधिकृत एरिया में शामिल हैं। मिलीभगत से प्रॉपर्टी नं.37सी366यू660 की 23 दिसंबर 2020 में एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) निकाली। 29 दिसंबर को एडमिन ने एनडीसी पोर्टल पर फिर अनधिकृत कर दिया। मिलीभगत का काफी गंभीर मामला है।
ये जिम्मेदार : जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला चार : अनधिकृत एरिया में नक्शा पास किया, प्रॉपर्टी आईडी 230सी171यू311ए
रिपोर्ट : दस्तावेज के अनुसार मोहनलाल, जुगतीराम, कविता निवासी अमृत कॉलोनी के खिलाफ जाली दस्तावेज तैयार करने के लिए रिपोर्ट कराई जाए। प्रॉपर्टी आईडी बनवाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाय।
ये जिम्मेदार : इसमें किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की अनियमितता का रिकॉर्ड प्राप्त नहीं हुआ।
मामला पांच : अनधिकृत एरिया में नक्शा पास किया, प्रॉपर्टी आईडी 34सी193यू427ए
रिपोर्ट : 34सी193यू427 अधिकृत में है। अनधिकृत प्लॉटों की पार्ट आईडी 34सी193यू427ए, 34सी193यू427एए, 34सी193यू427बी बनाई। मेन आईडी 100 वर्ग गज में हैं और पार्ट 495 वर्ग गज हैं। भवन शाखा ने नक्शा अधिकृत किया। प्रार्थी पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए। प्रॉपर्टी टैक्स शाखा ने नियमों की अवहेलना की।
ये जिम्मेदार : बेलदार अमित, जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला छह: अनधिकृत एरिया में नक्शा पास किया, प्रॉपर्टी आईडी 24सी445यू531
रिपोर्ट : नियमों की अवहेलना करके आईडी बनाई, जो गंभीर है। धोेखाधड़ी से आईडी बनाने वाले पर कार्रवाई होनी चाहिए। मेन आईडी की मूल फाइल हाउस टैक्स शाखा ने नहीं दी है। दी गई लिस्ट में किसी भी कर्मी का नाम नहीं है।
ये जिम्मेदार : ये प्रॉपर्टी आईडी जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा ने बनाई, जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।
मामला सात: अनधिकृत एरिया का नक्शा पास किया, प्रॉपर्टी आईडी 37सी1078यू695ए
रिपोर्ट : मेन आईडी 37सी1078यू695 300 वर्ग गज अधिकृत हैं। इसमें से तीन पार्ट आईडी 317.31 वर्ग गज की बनाई गईं। नियमों की अवहेलना करके आईडी बनाना गंभीर है। ऐसा करने वाले अधिकारी-कर्मी पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाय।
ये जिम्मेदार : मामले में किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की अनियमितता का रिकॉर्ड प्राप्त नहीं हुआ है।
मामला आठ : कबीर कॉलोनी में चार गलत आईडी बनाईं
रिपोर्ट : मेन आईडी 158सी195यू219 (150 वर्ग गज) अधिकृत है। पार्ट आईडी 58सी195यू219ए (1048 वर्ग गज) की एनडीसी अधिकृत लिख दिया, जबकि अनधिकृत है। मेन आईडी का पार्ट भी नहीं हैं। एडमिन ने एनडीसी जारी की। पास में 1800 वर्गगज में अनधिकृत कॉलोनी कट रही है। कॉलोनाइजर पर रिपोर्ट दर्ज हो। अधिकारी-कर्मी चिह्नित कर कार्रवाई हो।
ये जिम्मेदार : बेलदार अमित, जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला नौ : शीतल नगर में पार्ट आईडी बनाई, एनडीसी भी की जारी
रिपोर्ट : नियमों की अवहेलना व मिलीभगत से आईडी बनाना गंभीर है। दोषी अधिकारी-कर्मियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ये जिम्मेदार : लिपिक देवेंद्र, बेलदार सचिन व जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला 10: विजय नगर में बनाई प्रॉपर्टी आईडी 228सी1199यू396, 228सी1199यू396ए, 228सी1199यू396एए
रिपोर्ट: मिलीभगत से आईडी बनाना गंभीर है। धोखाधड़ी व प्रॉपर्टी आईडी बनाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ये जिम्मेदार : लिपिक देवेंद्र, बेलदार सचिन, जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला 11: महाबीर कॉलोनी की गलत आईडी बनाईं
रिपोर्ट : अनधिकृत एरिया की मेन आईडी 10468 वर्ग गज क्षेत्र से सात पार्ट आईडी 2500 वर्ग गज में बनाईं। मेन आईडी से रकबा नहीं घटाया। आईडी 50सी138यू72 (93 वर्ग गज) के हिस्से को आधार बना अनधिकृत एरिया में तीन आईडी बनाईं।
ये जिम्मेदार : लिपिक दिनेश, लिपिक कमल, जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला 12 : खेड़ीसाध बाईपास पर अवैध कॉलोनियों में भवन प्लान स्वीकृत करना
रिपोर्ट : अनधिकृत कॉलोनी में भवन प्लान स्वीकृत नहीं किया गया है। शिकायतकर्ता ने न कोई बयान दिए और न जवाब दिए हैं।
ये जिम्मेदार : किसी भी अधिकारी-कर्मी की अनियमितता का रिकार्ड प्राप्त नहीं हुआ है।
मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर के साथ मंत्री अनिल विज से मिलेंगे पार्षद
रोहतक। सीटीपी (सीनियर टाउन प्लानर) की जांच रिपोर्ट से नाराज पार्षदों ने बिल्डिंग ब्रांच में कार्यरत चहेतों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर से वार्ता भी की। इस दौरान निर्णय लिया गया कि मामले में प्रदेश के शहरी निकाय व गृह मंत्री अनिल विज से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
बीटा बूथ एवं विकास कार्यों की जांच के लिए खड़े किए हाथ
जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि बीटा बूूथ के आवंटन और विकास कार्यों की अदायगी तत्कालीन निगम आयुक्त से स्वीकृत हुई है। इसलिए इन बिंदुओं पर जांच हमारे स्तर से नहीं हो सकती है।
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पार्षदों ने निगम की प्रॉपर्टी टैक्स और बिल्डिंग ब्रांच में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 28 सितंबर को सदन का बहिष्कार किया था। साथ ही उन्होंने आरोपों की जांच नहीं होने तक निगम में धरना दिया, जो तीन दिन तक चला था। हालांकि पार्षदों ने पूर्व मंत्री व भाजपा जिलाध्यक्ष के आश्वासन पर धरना खत्म कर दिया था। पार्षदों के आरोपों की जांच करने के लिए निगम आयुक्त ने सीटीपी केके वार्ष्णेय को जांच सौंपी थी। जांच अधिकारी 10 साल से ज्यादा समय तक बिल्डिंग ब्रांच के एटीपी व डीटीपी के पद पर तैनात रहे हैं। उन्होंने विगत दिनों नगर आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ को 12 बिंदुओं पर लगाए गए आरोपों की जांच रिपोर्ट सौंपी है। इनमें से नौ आरोपों में लंबे समय से जेडटीओ पद पर तैनात रहे जगदीश चंद्र शर्मा को जिम्मेदार बताया है। इसके अलावा उनके अधीन काम करने वाले लिपिक विशाल (नौकरी छोड़ दी), लिपिक देवेंद्र, लिपिक दिनेश, लिपिक कमल, बेलदार (आउटसोर्स) सचिन, बेलदार (आउटसोर्स) अमित को भी दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद निगम आयुक्त ने शासन को जेडटीओ के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। आउटसोर्स कर्मियों की सेवा खत्म कर दी और दोषी निगम कर्मियों को चार्जशीट सौंपने के आदेश कर दिए हैं। उधर, पार्षदों का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स शाखा ही नहीं बिल्डिंग ब्रांच में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है, लेकिन जांच रिपोर्ट में अधिकारी ने अपने चहेतों को पूरी तरह से बचाया है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। कार्रवाई बिल्डिंग ब्रांच के दोषियों पर भी होनी चाहिए।
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मामला एक : प्रॉपर्टी आईडी 232सी1219यू117ए व 232सी317यू225ए गलत बनाई
रिपोर्ट: दोनों एक ही प्लांट की आईडी बनाई हैं। एनडीसी के लिए अधिकृत एरिया के दूसरे प्लाट पर पार्टी आईडी बनाई। निगम में नियमों की अवहेलना व मिलीभगत से आईडी बनाना गंभीर है। धोखाधड़ी से आईडी बनाने वाले पर कार्रवाई सुनिश्चित हो।
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ये जिम्मेदार : सचिन बेलदार, जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला दो : मकान एक व प्रॉपर्टी आईडी दो, एक अधिकृत और दूसरी अनाधिकृत।
रिपोर्ट : नियमों की अवहेलना कर मिलीभगत से आईडी बनाना गंभीर है। दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो। शामिल अधिकारी- कर्मियों की पहचान करके कार्रवाई की जाय।
ये जिम्मेदार : क्लर्क विशाल (नौकरी छोड़ी) व जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला तीन : एनडीसी जारी करके फिर अनधिकृत की प्रॉपर्टी
रिपोर्ट : दो प्रॉपर्टी आईडी अनधिकृत एरिया में शामिल हैं। मिलीभगत से प्रॉपर्टी नं.37सी366यू660 की 23 दिसंबर 2020 में एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) निकाली। 29 दिसंबर को एडमिन ने एनडीसी पोर्टल पर फिर अनधिकृत कर दिया। मिलीभगत का काफी गंभीर मामला है।
ये जिम्मेदार : जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला चार : अनधिकृत एरिया में नक्शा पास किया, प्रॉपर्टी आईडी 230सी171यू311ए
रिपोर्ट : दस्तावेज के अनुसार मोहनलाल, जुगतीराम, कविता निवासी अमृत कॉलोनी के खिलाफ जाली दस्तावेज तैयार करने के लिए रिपोर्ट कराई जाए। प्रॉपर्टी आईडी बनवाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाय।
ये जिम्मेदार : इसमें किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की अनियमितता का रिकॉर्ड प्राप्त नहीं हुआ।
मामला पांच : अनधिकृत एरिया में नक्शा पास किया, प्रॉपर्टी आईडी 34सी193यू427ए
रिपोर्ट : 34सी193यू427 अधिकृत में है। अनधिकृत प्लॉटों की पार्ट आईडी 34सी193यू427ए, 34सी193यू427एए, 34सी193यू427बी बनाई। मेन आईडी 100 वर्ग गज में हैं और पार्ट 495 वर्ग गज हैं। भवन शाखा ने नक्शा अधिकृत किया। प्रार्थी पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए। प्रॉपर्टी टैक्स शाखा ने नियमों की अवहेलना की।
ये जिम्मेदार : बेलदार अमित, जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला छह: अनधिकृत एरिया में नक्शा पास किया, प्रॉपर्टी आईडी 24सी445यू531
रिपोर्ट : नियमों की अवहेलना करके आईडी बनाई, जो गंभीर है। धोेखाधड़ी से आईडी बनाने वाले पर कार्रवाई होनी चाहिए। मेन आईडी की मूल फाइल हाउस टैक्स शाखा ने नहीं दी है। दी गई लिस्ट में किसी भी कर्मी का नाम नहीं है।
ये जिम्मेदार : ये प्रॉपर्टी आईडी जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा ने बनाई, जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।
मामला सात: अनधिकृत एरिया का नक्शा पास किया, प्रॉपर्टी आईडी 37सी1078यू695ए
रिपोर्ट : मेन आईडी 37सी1078यू695 300 वर्ग गज अधिकृत हैं। इसमें से तीन पार्ट आईडी 317.31 वर्ग गज की बनाई गईं। नियमों की अवहेलना करके आईडी बनाना गंभीर है। ऐसा करने वाले अधिकारी-कर्मी पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाय।
ये जिम्मेदार : मामले में किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की अनियमितता का रिकॉर्ड प्राप्त नहीं हुआ है।
मामला आठ : कबीर कॉलोनी में चार गलत आईडी बनाईं
रिपोर्ट : मेन आईडी 158सी195यू219 (150 वर्ग गज) अधिकृत है। पार्ट आईडी 58सी195यू219ए (1048 वर्ग गज) की एनडीसी अधिकृत लिख दिया, जबकि अनधिकृत है। मेन आईडी का पार्ट भी नहीं हैं। एडमिन ने एनडीसी जारी की। पास में 1800 वर्गगज में अनधिकृत कॉलोनी कट रही है। कॉलोनाइजर पर रिपोर्ट दर्ज हो। अधिकारी-कर्मी चिह्नित कर कार्रवाई हो।
ये जिम्मेदार : बेलदार अमित, जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला नौ : शीतल नगर में पार्ट आईडी बनाई, एनडीसी भी की जारी
रिपोर्ट : नियमों की अवहेलना व मिलीभगत से आईडी बनाना गंभीर है। दोषी अधिकारी-कर्मियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ये जिम्मेदार : लिपिक देवेंद्र, बेलदार सचिन व जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला 10: विजय नगर में बनाई प्रॉपर्टी आईडी 228सी1199यू396, 228सी1199यू396ए, 228सी1199यू396एए
रिपोर्ट: मिलीभगत से आईडी बनाना गंभीर है। धोखाधड़ी व प्रॉपर्टी आईडी बनाने वालों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ये जिम्मेदार : लिपिक देवेंद्र, बेलदार सचिन, जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला 11: महाबीर कॉलोनी की गलत आईडी बनाईं
रिपोर्ट : अनधिकृत एरिया की मेन आईडी 10468 वर्ग गज क्षेत्र से सात पार्ट आईडी 2500 वर्ग गज में बनाईं। मेन आईडी से रकबा नहीं घटाया। आईडी 50सी138यू72 (93 वर्ग गज) के हिस्से को आधार बना अनधिकृत एरिया में तीन आईडी बनाईं।
ये जिम्मेदार : लिपिक दिनेश, लिपिक कमल, जेडटीओ जगदीश चंद्र शर्मा।
मामला 12 : खेड़ीसाध बाईपास पर अवैध कॉलोनियों में भवन प्लान स्वीकृत करना
रिपोर्ट : अनधिकृत कॉलोनी में भवन प्लान स्वीकृत नहीं किया गया है। शिकायतकर्ता ने न कोई बयान दिए और न जवाब दिए हैं।
ये जिम्मेदार : किसी भी अधिकारी-कर्मी की अनियमितता का रिकार्ड प्राप्त नहीं हुआ है।
मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर के साथ मंत्री अनिल विज से मिलेंगे पार्षद
रोहतक। सीटीपी (सीनियर टाउन प्लानर) की जांच रिपोर्ट से नाराज पार्षदों ने बिल्डिंग ब्रांच में कार्यरत चहेतों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर से वार्ता भी की। इस दौरान निर्णय लिया गया कि मामले में प्रदेश के शहरी निकाय व गृह मंत्री अनिल विज से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
बीटा बूथ एवं विकास कार्यों की जांच के लिए खड़े किए हाथ
जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि बीटा बूूथ के आवंटन और विकास कार्यों की अदायगी तत्कालीन निगम आयुक्त से स्वीकृत हुई है। इसलिए इन बिंदुओं पर जांच हमारे स्तर से नहीं हो सकती है।