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Rohtak News: सर्द रात में तीमारदारों का बिस्तर फर्श

Sun, 22 Dec 2024 03:32 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 22 Dec 2024 03:32 AM IST
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In the cold night, the beds of the caretakers are on the floor
21सीटीके04..वार्ड के बाहर कूड़ेदान पलटकर खाना ढूंढता कुत्ता। स्रोत : अमर उजाला
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नोतकोत्तर चिकित्सा विज्ञान (पीजीआईएमएस) में मरीजों के लिए ठंड बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन तीमारदारों को रुकने और सोने की व्यवस्था न होने से परेशान हैं।
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मरीज की देखभाल के लिए तीमारदार घर से कंबल गद्दे भी साथ लेकर आ रहे हैं। वार्ड में मरीज के बेड के नीचे गद्दे कंबल डालकर सो रहे हैं ताकि मरीज को किसी प्रकार आपात दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर या नर्स को सूचना दे सकें। इसके अलावा मरीज की खाने-पीने का भी ख्याल रख सकें। शनिवार को अमर उजाला की टीम ने रात 11 बजे पीजीआई पहुंचकर वार्डों की पड़ताल की तो तीमारदारों ने अपनी समस्या बताई।
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पीजीआई वार्ड तीन, चार, सात, आठ लगभग हर वार्ड में जहां शीशे टूट चुके हैं। वहां प्लाईवुड लगा दिया गया है। इसके कारण से बाहर की ठंडी हवा नहीं आ रही है। बाहर की हवा न आने के कारण वार्ड में तापमान सामान्य है, लेकिन ज्यों ही इसके बाहर आओ ठंड सी लगती है। कई तीमारदार अस्पताल गैलरी में सोने को मजबूर हैं, क्योंकि प्रत्येक तीमारदार को वार्ड में सोने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। मरीज गंभीरता के हिसाब से भी रहने की इजाजत मिलती है।
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क्या कहते हैं तीमारदार
वार्ड 9 में खिड़की दरवाजे दुरुस्त हैं। जहां कहीं खिड़िकियां खोली गई है वह वेंटिलेशन के लिए है। शौचालय की साफ-सफाई कुछ खास नहीं है। इसके अलावा मरीज के लिए एक तीमारदार का रहना जरूरी है। तीमारदार के लिए रुकने की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि वह मरीज के पास ही रहकर उसका ध्यान रख सके।

-रविंद्र, जसबीर कॉलोनी, रोहतक

दवा तो बाहर से मंगवा रहे हैं। जींद से आए हैं। रात में मरीज के लिए रुकना भी जरूरी है, क्योंकि नर्स हर मरीज के पास तो नहीं रह सकती है। किसी प्रकार मरीज को समस्या होने पर पास में रुकने से नर्स व चिकित्सक को सूचना दी जा सकती है।
-अजय सोलंकी, जींद

बागपत से आए हैं। यहां रिश्तेदार रहते हैं। उन्हाेंने बताया था कि पीजीआई इलाज बेहतर मिलता है। यही कारण है कि यहां आए। मरीज की हालत अभी स्थिर है। वार्ड में ठंडक नहीं लग रही है। लेकिन, बाहर गैलरी में ठंडक है। पतले कंबल में नींद नहीं आ रही। सर भारी हो रहा है।
भृगु, बागपत


वार्डों में चल रहा मरम्मत का कार्य
वार्ड एक के बाहर मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा कई वार्ड में प्लाईवुड लगाए हैं। ताकि ठंडी हवा अंदर प्रवेश न करें। साफ-सफाई का ध्याल रखा गया है।


-वार्डों के पास रखे कूड़ेदान में कुत्ते मार रहे मुंह
अस्पताल के अंदर कुत्तों का आना जाना है। वह खाना ढूंढने के लिए मरीजों के वार्डों के बाहर तक चले आते हैं। वार्ड के बाहर रखे कूड़ेदान को पलट कर कचरा बिखेर दे रहे हैं। इसके कारण गंदगी फैल रही है।


वार्डों में चिकित्सक नर्स व अन्य स्टाफ हर वक्त मरीज की सेवा के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा स्पेशल वार्ड के बाहर मरम्मत कार्य भी कराया जा रहा है। मरीजों को कहीं कोई समस्या नहीं है। बेहतर इलाज मिल रहा है।

-एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआईएमएस

21सीटीके04..वार्ड के बाहर कूड़ेदान पलटकर खाना ढूंढता कुत्ता। स्रोत : अमर उजाला

21सीटीके04..वार्ड के बाहर कूड़ेदान पलटकर खाना ढूंढता कुत्ता। स्रोत : अमर उजाला

21सीटीके04..वार्ड के बाहर कूड़ेदान पलटकर खाना ढूंढता कुत्ता। स्रोत : अमर उजाला

21सीटीके04..वार्ड के बाहर कूड़ेदान पलटकर खाना ढूंढता कुत्ता। स्रोत : अमर उजाला

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