फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Illuminating the lives of the needy with the flame of knowledge

Rohtak News: ज्ञान की लौ से जरूरतमंदों का जीवन रोशन

Tue, 23 Apr 2024 06:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 23 Apr 2024 06:24 AM IST
विज्ञापन
Illuminating the lives of the needy with the flame of knowledge
विकास सैनी
विज्ञापन

रोहतक।
शहर में एक अनूठा बैंक है। नाम है अपना बुक बैंक। काम है जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई के लिए निशुल्क पुस्तकें मुहैया कराना। पिछले पांच साल से यह बैंक करीब पांच हजार से अधिक बच्चों को पुस्तकें मुहैया करा चुका है। नए सत्र में भी 700 से ज्यादा विद्यार्थियों को पुस्तकें मुहैया कराई जा चुकी है। यह प्रयास कर रहे हैं पंच परमेष्ठी युवा मंडल के सदस्य। इसमें पढ़ने लिखने और कामकाज करने वाले 75 युवा शामिल हैं।
वैश्य शिक्षण संस्थान के पास अपना बुक बैंक कार्यालय में इन दिनों काफी चहल-पहल है। इसकी वजह यहां जरूरतमंद परिवारों के बच्चों काे निशुल्क पाठ्य पुस्तकें मुहैया कराना है। बच्चे यहां आते हैं, अपनी जरूरत की पुस्तकें दर्ज करा कर चले जाते हैं। इसके बाद बैंक की जिम्मेदारी संभाल रही मंडल की टीम जरूरत वाले विद्यार्थियों की पड़ताल करती है। जरूरतमंद होने पर विद्यार्थी को पुस्तक मुहैया कराई जाती है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए लोगों से पुरानी पुस्तकें लेने के अलावा नई पुस्तकें भी खरीदी जाती हैं।
विज्ञापन

किताबों की जरूरत से बनी पुस्तक बैंक की सोच
युवाओं ने समाज हित में काम करने के उद्देश्य से पंच परमेष्ठी युवा मंडल का गठन किया था। इसके तहत रक्तदान शिविर लगाना, पौधरोपण करना व अन्य कार्य करना शामिल किया गया। मंडल ने 18 विद्यासर्थियों को गोद भी लिया है। इनकी पढ़ाई का खर्च मंडल सदस्य उठाते हैं। वर्ष 2020 में इन बच्चों के लिए पुस्तकों की जरूरत प़ड़ी। इसके लिए इधर-उधर काफी प्रयास किया, मगर कुछ हल नहीं निकला। इस बार सभी ने बच्चों के लिए किताबें मुहैया कराने का फैसला लिया। इसके तहत पुरानी किताबें जुटाई व जरूरत अनुसार नई पुस्तकें खरीदी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंडल सदस्यों ने जरूरतमंदों की मदद के लिए अपना बुक बैंक शुरू करने का फैसला लिया। इसके बाद अपने जानकारों, रिश्तेदारों, दोस्तों से किताबें जुटाई। अब बच्चों को निशुल्क पुस्तकें मुहैया हो रही हैं। पिछले 5 साल में 5000 जरूरतमंद बच्चों को पाठ्य पुस्तकें मुहैया करा चुके हैं। नए सत्र में भी 700 विद्यार्थियों को पुस्तकें दी जा चुकी हैं।
विवेक जैन, अध्यक्ष, पंच परमेष्ठी युवा मंडल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed