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Rohtak News: लिफ्ट में फंसने से मैकेनिक की मौत के मामले में आईजी ने एएसपी को सौंपी जांच
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रोहतक। शहर की सैनिक कॉलोनी स्थित एक कंपनी की लिफ्ट में कंप्रेशर ठीक कर रहे मैकेनिक दीपक की मौत से आहत परिजनों ने बुधवार को आईजी कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर रोष जताया। यहां परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए आईजी वाई पूरन कुमार से न्याय की गुहार लगाई।
आईजी ने परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मामले की जांच एएसपी वाईवीआर शशि शेखर को सौंप दी। इस पर परिजनों ने विश्वास जताया और शांतिपूर्वक घर लौट गए। परिजनों ने आरोपियों की देर शाम तक भी गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई। दीपक के शव का पहरावर में अंतिम संस्कार किया गया।
पहरावर निवासी विजय कुमार ने बताया कि उनके चाचा दीपक कुमार की 29 अप्रैल को लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई। मामले में कंपनी मालिक ने लापरवाही बरती है। इसी कारण यह हादसा हुआ। यही नहीं, दोपहर 12:30 बजे वह वहीं काम कर रहे थे। उनकी गांव के एक व्यक्ति से मोबाइल पर बात भी हुई है। इसकी रिकॉर्डिंग हमारे पास है। उस समय वहां करीब सात से आठ लोग मौजूद थे। सीसीटीवी में साफ नजर आ रहे है, जबकि कंपनी मालिक दोपहर के भोजन का समय होने के चलते वहां किसी के नहीं होने की बात कह रह है। ऐसे में मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। चाचा दीपक का मोबाइल अनलॉक मिला है। इसमें से कॉल हिस्ट्री डिलीट करने का प्रयास हुआ है। इसमें मौजूद एप में रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। इस मामले की सही ढंग से जांच की जाए।
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समय पर अस्पताल ले जाते तो बच जाती चाचा की जान : विजय
विजय ने कहा कि लिफ्ट से निकालने के बाद भी करीब आधे घंटे तक चाचा की सांस चल रही थी। उन्हें अस्पताल ले जाने में देरी की गई। इस कारण उनकी मौत हुई। उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद जान बच जाती। हम शहर थाना प्रभारी की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। इसलिए आईजी से मुलाकात कर उनसे न्याय की गुहार लगाई है। आईजी ने कहा कि मामले में सच्चाई सामने लाई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। विजय ने कहा है कि इस मामले में पुलिस ने कंपनी मालिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो सड़क जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे।
पुलिस ने मैकेनिक दीपक की मौत के मामले में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
- एसआई राजकुमार, प्रभारी, शहर थाना प्रभारी।
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आईजी ने परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मामले की जांच एएसपी वाईवीआर शशि शेखर को सौंप दी। इस पर परिजनों ने विश्वास जताया और शांतिपूर्वक घर लौट गए। परिजनों ने आरोपियों की देर शाम तक भी गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई। दीपक के शव का पहरावर में अंतिम संस्कार किया गया।
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पहरावर निवासी विजय कुमार ने बताया कि उनके चाचा दीपक कुमार की 29 अप्रैल को लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई। मामले में कंपनी मालिक ने लापरवाही बरती है। इसी कारण यह हादसा हुआ। यही नहीं, दोपहर 12:30 बजे वह वहीं काम कर रहे थे। उनकी गांव के एक व्यक्ति से मोबाइल पर बात भी हुई है। इसकी रिकॉर्डिंग हमारे पास है। उस समय वहां करीब सात से आठ लोग मौजूद थे। सीसीटीवी में साफ नजर आ रहे है, जबकि कंपनी मालिक दोपहर के भोजन का समय होने के चलते वहां किसी के नहीं होने की बात कह रह है। ऐसे में मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। चाचा दीपक का मोबाइल अनलॉक मिला है। इसमें से कॉल हिस्ट्री डिलीट करने का प्रयास हुआ है। इसमें मौजूद एप में रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। इस मामले की सही ढंग से जांच की जाए।
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समय पर अस्पताल ले जाते तो बच जाती चाचा की जान : विजय
विजय ने कहा कि लिफ्ट से निकालने के बाद भी करीब आधे घंटे तक चाचा की सांस चल रही थी। उन्हें अस्पताल ले जाने में देरी की गई। इस कारण उनकी मौत हुई। उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद जान बच जाती। हम शहर थाना प्रभारी की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। इसलिए आईजी से मुलाकात कर उनसे न्याय की गुहार लगाई है। आईजी ने कहा कि मामले में सच्चाई सामने लाई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। विजय ने कहा है कि इस मामले में पुलिस ने कंपनी मालिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो सड़क जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे।
पुलिस ने मैकेनिक दीपक की मौत के मामले में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
- एसआई राजकुमार, प्रभारी, शहर थाना प्रभारी।