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Rohtak News: कैसे बनेगी एंटीबॉडी और कैसे रुकेगा कोरोना का संक्रमण
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रोहतक। शुक्रवार को जिले में 13 नए केसों के साथ सक्रिय मरीजों की संख्या 40 पहुंच गई है। दूसरे दिन 13 नए संक्रमित केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। इधर, सड़कों पर बगैर मास्क लोग घूम रहे हैं और लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में शुक्रवार को कोरोना के 13 नए केस मिले हैं। इनमें से तीन पुरुष और 10 महिलाएं हैं। यह सभी घरों में उपचाराधीन हैं। अभी तक विभाग ने दिन भर में 432 सैंपल लिए। इन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है, जबकि 432 को अपनी रिपोर्ट का इंतजार रहा। डॉक्टर ने एक व्यक्ति के ठीक होने पर छुट्टी दी है। कोविड-19 की सक्रिय दर 0.03 प्रतिशत व सुधार की दर 98.19 प्रतिशत रही।
पहली दो डोज सभी को लग चुकी है, इसलिए घबराने की बात नहीं है। जिले में छोटे बच्चे व गंभीर बीमारी वाले ही शेष हैं, इनको टीका नहीं लगाया जा सकता था। जिनको दो डोज लग चुकी है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। जिनको नहीं लगी है वह अपनी सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान दें। बूस्टर डोज का लाभ होता है, जिनको नहीं लगी है वह एहतियात बरतें। वैक्सीन के लिए सरकार को लिखा है।
-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
कैसे बनेगी एंटीबॉडी और कैसे रुकेगा कोरोना का संक्रमण
रोहतक। कोरोना के नये वेरिएंट एक्सबीबी 1.15 व एक्सबीबी 1.16 से बचने के लिए जिले के लोगों में एंटीबॉडी है या नहीं, सवालों में है। क्योंकि जिले में 31 मार्च से वैक्सीन का स्टॉक नहीं है। पहली दो डोज की बात करें तो जिलावासियों ने इसे लगवाने में जरूर दिलचस्पी दिखाई, लेकिन बूस्टर डोज लगवाने में बहुत पीछे हैं। ऐसे में लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा हुआ है। क्योंकि टीकाकरण के बाद नौ माह तक ही एंटीबॉडी काम करती हैं। इसके बाद बूस्टर डोज लगवाना अनिवार्य होता है।
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जिले में कोरोना संक्रमित केसों की संख्या में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है। स्थानीय लोगों की बात करें तो इन्होंने बूस्टर डोज लगवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अधिकांश लोग कोरोना से बचाव के लिए नेजल ड्रॉप के आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन नए वेरिएंट से बचने के लिए शरीर में एंटीबॉडी का होना जरूरी है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने भी पूर्व में गौर नहीं किया कि लोगों की बूस्टर डोज लगना बाकी है और उनके पास वैक्सीन तक उपलब्ध नहीं है। अब विभाग लोगों को एक बार फिर मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहा है, जबकि जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 40 पहुंच गई है।
बोले एक्सपर्ट
कोरोना के नए-नए वेरिएंट आते रहेंगे। इससे बचाव लिए समय पर टीकाकरण जरूरी है। बूस्टर डोज लोगों को अवश्य लगवानी चाहिए। इससे एंटीबॉडी बनी रहती है और वह संक्रमण से लड़ने में हमारी मदद करती है। अब जब संक्रमण फैल रहा है तो मास्क का प्रयोग कर सामाजिक दूरी का पालन करें। नया वेरिएंट अधिक खतरनाक नहीं है, लेकिन इससे बचना व फैलने से रोकना सबकी जिम्मेदारी है।
- डॉ. रमेश वर्मा, प्रोफेसर, कम्यूनिटी मेडिसिन, पीजीआईएमएस
जिले में टीकाकरण की स्थिति
पहली डोज 9,14,295
दूसरी डोज 8,31,433
बूस्टर डोज 75,665
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पहली दो डोज सभी को लग चुकी है, इसलिए घबराने की बात नहीं है। जिले में छोटे बच्चे व गंभीर बीमारी वाले ही शेष हैं, इनको टीका नहीं लगाया जा सकता था। जिनको दो डोज लग चुकी है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। जिनको नहीं लगी है वह अपनी सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान दें। बूस्टर डोज का लाभ होता है, जिनको नहीं लगी है वह एहतियात बरतें। वैक्सीन के लिए सरकार को लिखा है।
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-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
कैसे बनेगी एंटीबॉडी और कैसे रुकेगा कोरोना का संक्रमण
रोहतक। कोरोना के नये वेरिएंट एक्सबीबी 1.15 व एक्सबीबी 1.16 से बचने के लिए जिले के लोगों में एंटीबॉडी है या नहीं, सवालों में है। क्योंकि जिले में 31 मार्च से वैक्सीन का स्टॉक नहीं है। पहली दो डोज की बात करें तो जिलावासियों ने इसे लगवाने में जरूर दिलचस्पी दिखाई, लेकिन बूस्टर डोज लगवाने में बहुत पीछे हैं। ऐसे में लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा हुआ है। क्योंकि टीकाकरण के बाद नौ माह तक ही एंटीबॉडी काम करती हैं। इसके बाद बूस्टर डोज लगवाना अनिवार्य होता है।
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जिले में कोरोना संक्रमित केसों की संख्या में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है। स्थानीय लोगों की बात करें तो इन्होंने बूस्टर डोज लगवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अधिकांश लोग कोरोना से बचाव के लिए नेजल ड्रॉप के आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन नए वेरिएंट से बचने के लिए शरीर में एंटीबॉडी का होना जरूरी है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने भी पूर्व में गौर नहीं किया कि लोगों की बूस्टर डोज लगना बाकी है और उनके पास वैक्सीन तक उपलब्ध नहीं है। अब विभाग लोगों को एक बार फिर मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहा है, जबकि जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 40 पहुंच गई है।
बोले एक्सपर्ट
कोरोना के नए-नए वेरिएंट आते रहेंगे। इससे बचाव लिए समय पर टीकाकरण जरूरी है। बूस्टर डोज लोगों को अवश्य लगवानी चाहिए। इससे एंटीबॉडी बनी रहती है और वह संक्रमण से लड़ने में हमारी मदद करती है। अब जब संक्रमण फैल रहा है तो मास्क का प्रयोग कर सामाजिक दूरी का पालन करें। नया वेरिएंट अधिक खतरनाक नहीं है, लेकिन इससे बचना व फैलने से रोकना सबकी जिम्मेदारी है।
- डॉ. रमेश वर्मा, प्रोफेसर, कम्यूनिटी मेडिसिन, पीजीआईएमएस
जिले में टीकाकरण की स्थिति
पहली डोज 9,14,295
दूसरी डोज 8,31,433
बूस्टर डोज 75,665