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बेटे की राजनीति बचाने के लिए हुड्डा ने कांग्रेस का किया लोकदलीकरण : कृष्ण बेदी
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रोहतक। सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वंचित व शोषित (डीएससी) समाज को बड़ी सौगात दी है। समाज 24 नवंबर को प्रदेशस्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री का धन्यवाद करेगा। बेदी ने कहा कि कांग्रेस में नेता मियां-बीबी की तरह लड़ते हैं। हुड्डा ने तो बेटे का राजनीतिक भविष्य बचाने के लिए कांग्रेस का सबसे ज्यादा लोकदलीकरण किया। नवीन जिंदल, राव इंद्रजीत, धर्मबीर सिंह, रमेश कौशिक व किरण चौधरी जैसे दिग्गज नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया। बेदी रविवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में डीएससी समाज के नेताओं की बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
बेदी ने कहा कि लोकदल में भी बेटे का राजनीति भविष्य बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन हुड्डा ने तो लोकदल को भी पीछे छोड़ दिया। पहले पिता को बेटे के भविष्य की चिंता था। अब बेटे को पिता की चिंता सता रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अब पिता-पुत्र ही बचे हैं, राष्ट्रवाद जैसी बात नहीं रही है। विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन के सवाल पर बेदी बोले, कांग्रेस का कोई नेता विधानसभा में विपक्ष का नेता बन भी गया तो कांग्रेसी ही उसके कपड़े फाड़ देंगे। विधानसभा चुनाव का परिणाम आने से पहले अधिकारियों के रवैये के सवाल पर बेदी ने कहा कि अभी मुख्यमंत्री नायब सैनी का हंसने वाला चेहरा देखा है, उनके दृढ़ निश्चय वाले चेहरा को भी पहचान लें। मुख्यमंत्री जो कहते हैं, वह करते हैं। 25 हजार युवाओं को नौकरी देना व डीएससी समाज को उसका हक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। कांग्रेस नेता सुरजेवाला के बारे में पूछे गए सवाल पर केबिनेट मंत्री ने कहा कि सुरजेवाला वहीं है जिसने खुले मंच से भाजपा को वोट देने वालों को राक्षस कहा था। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता भ्रष्टाचार की दलदल में धंसे हुए हैं। कांग्रेस के सभी नेता एक-दूसरे पर अपनी भड़ास निकालने में लगे हैं। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी विधायक और मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
डीएससी समाज ने हक के लिए लंबा संघर्ष किया
वहीं, डीएससी समाज की बैठक को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि डीएससी समाज अपने हक के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहा था। साल 2020 में शिक्षा में वर्गीकरण किया गया था, लेकिन रोजगार का बहुत बड़ा विषय था। सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की बैंच ने डीएससी समाज के हक में निर्णय लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहली कैबिनेट की बैठक में कोर्ट के निर्णय को लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि 24 नवंबर को प्रदेशस्तरीय सम्मेलन होगा, जिसमें मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया जाएगा। सम्मेलन के लिए जल्द स्थान चयनित किया जाएगा।
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बैठक में बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, पूर्व मंत्री अनूप धानक, पूर्व विधायक जगदीश नायर, पूर्व विधायक सरिता नारायण, समाज के नेता स्वदेश किराड़, अनुसूचित जाति राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामावतार वाल्मीकि, प्रदेश सचिव रेनू डाबला, अमरजीत सोलंकी, डीएससी के पूर्व चैयरमैन डॉक्टर बलवान सिंह, जिला अध्यक्ष रणवीर ढाका, अजय खुंडिया, सुरेश दनोदा भी मौजूद रहे।
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बेदी ने कहा कि लोकदल में भी बेटे का राजनीति भविष्य बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन हुड्डा ने तो लोकदल को भी पीछे छोड़ दिया। पहले पिता को बेटे के भविष्य की चिंता था। अब बेटे को पिता की चिंता सता रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अब पिता-पुत्र ही बचे हैं, राष्ट्रवाद जैसी बात नहीं रही है। विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन के सवाल पर बेदी बोले, कांग्रेस का कोई नेता विधानसभा में विपक्ष का नेता बन भी गया तो कांग्रेसी ही उसके कपड़े फाड़ देंगे। विधानसभा चुनाव का परिणाम आने से पहले अधिकारियों के रवैये के सवाल पर बेदी ने कहा कि अभी मुख्यमंत्री नायब सैनी का हंसने वाला चेहरा देखा है, उनके दृढ़ निश्चय वाले चेहरा को भी पहचान लें। मुख्यमंत्री जो कहते हैं, वह करते हैं। 25 हजार युवाओं को नौकरी देना व डीएससी समाज को उसका हक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। कांग्रेस नेता सुरजेवाला के बारे में पूछे गए सवाल पर केबिनेट मंत्री ने कहा कि सुरजेवाला वहीं है जिसने खुले मंच से भाजपा को वोट देने वालों को राक्षस कहा था। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता भ्रष्टाचार की दलदल में धंसे हुए हैं। कांग्रेस के सभी नेता एक-दूसरे पर अपनी भड़ास निकालने में लगे हैं। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी विधायक और मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
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डीएससी समाज ने हक के लिए लंबा संघर्ष किया
वहीं, डीएससी समाज की बैठक को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि डीएससी समाज अपने हक के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहा था। साल 2020 में शिक्षा में वर्गीकरण किया गया था, लेकिन रोजगार का बहुत बड़ा विषय था। सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की बैंच ने डीएससी समाज के हक में निर्णय लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहली कैबिनेट की बैठक में कोर्ट के निर्णय को लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि 24 नवंबर को प्रदेशस्तरीय सम्मेलन होगा, जिसमें मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया जाएगा। सम्मेलन के लिए जल्द स्थान चयनित किया जाएगा।
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बैठक में बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, पूर्व मंत्री अनूप धानक, पूर्व विधायक जगदीश नायर, पूर्व विधायक सरिता नारायण, समाज के नेता स्वदेश किराड़, अनुसूचित जाति राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामावतार वाल्मीकि, प्रदेश सचिव रेनू डाबला, अमरजीत सोलंकी, डीएससी के पूर्व चैयरमैन डॉक्टर बलवान सिंह, जिला अध्यक्ष रणवीर ढाका, अजय खुंडिया, सुरेश दनोदा भी मौजूद रहे।