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होम्योपैथी की दवाओं से कोरोना संक्रमण से लड़ना आसान - डॉ. रॉय

Thu, 30 Jul 2020 11:09 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 11:09 PM IST
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Homeopathic medicines make it easier to fight corona infection - Dr. Roy
कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बचाने व संक्रमित मरीज का उपचार करने में होम्योपैथी के पास पर्याप्त दवाएं हैं। होम्योपैथी की दवाओं से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना आसान है। यदि किसी को संक्रमण है तो उसे उसके लक्षणों के आधार पर दवा देकर ठीक किया जा सकता है। होम्योपैथी में कोरोना के लक्षणों को देखते हुए उपचार करने की पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं और इनके रिजल्ट भी अच्छे हैं। यह दावा किया है कि स्वास्थ्य विभाग के एमडी होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. अरविंदम रॉय का।
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डॉ. रॉय ने बताया कि वह अभी तक अपनी होम्योपैथी की दवाओं से 45 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार कर चुके हैं। इसके अलावा कई लोगों को संक्रमण से बचाने की दवा भी दे रहे हैं। कोरोना एक तरह का इन्फ्लयूंजा है, इससे घबराने की नहीं जागरूक होने की जरूरत है। अधिकांश लोग इससे भयभीत हैं। सामान्य लोगों को होम्योपैथी की दवा आर्सेनिक एलबम 30 की तीन दिन की डोज लोगों को दी जा रही है, इससे व्यक्ति में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वह बीमार होने बचता है। हम यह दवा उन लोगों को दे रहे हैं जिनका लोगों से मिलना जुलना अधिक रहता है। इनका कोई साइट इफेक्ट भी नहीं है। शुरुआत में इस दवा का कोर्स तीन दिन का है। यदि किसी घर में संक्रमित है तो वह भी यह दवा रूटीन में ले सकता है, इससे उसके संक्रमित होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
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एमडी होम्योपैथी बताते हैं कि 80 प्रतिशत लोगों को इससे संक्रमित होने के बाद लक्षण भी नहीं होते। बाकी 12 से 15 प्रतिशत में नाक से संक्रमण की शुरूआत होती है, जोकि गले में फिर सांस की नली तक पहुंचता है। नाक में दर्द, खुजली के बाद गले में दर्द व खराश महसूस होती है। इसमें बुखार भी आ जाता है, यह बी ग्रुप का मरीज होता है। जब मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है, उसे सांस लेने में समस्या होती है तो वह सी वर्ग का मरीज होता है। इन सभी की अलग-अलग होम्योपैथी में दवाएं हैँ। सी वर्ग में पांच प्रतिशत के करीब मरीज आते हैं।
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इन दवाओं का होता है प्रयोग
ए : आर्सेनिक एलबम 30, एनफ्ल्यूंजनम
बी : बेलेडोना, ब्रमोनिया एलबा, जेलासिमियाम, कैंपर, ओसिलियोकोकानियम
सी : कैलीबाइकम, माकर्सइनिटम, मार्क्सल, कैली साइनाइटम, फासफोरश
नोट : इन दवाओं का प्रयोग अपने हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह पर करें। डॉ. रॉय ने बताया कि यदि सीवियर केस के मरीजों को ऑक्सीजन व वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है तो वह आपात विभाग में जा कर डॉक्टर से संपर्क करें।
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