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Rohtak News: हकेंवि के शोधार्थी को मिला सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार
Wed, 22 Jan 2025 10:04 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 22 Jan 2025 10:04 PM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) के फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग में शोधार्थी जितेन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन फार्मास्युटिकल इनोवेशंस ट्रांसलेटिंग टू रियलिटी 2025 में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त किया है।
बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बीआईटीएस) पिलानी, राजस्थान में टेक्नोलॉजी एनेबलिंग सेंटर की ओर से ट्रांसलेशनल बायोमेडिकल रिसर्च सोसाइटी (टीबीआरएस) के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में देशभर विभिन्न संस्थानों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और फार्मास्युटिकल साइंसेज में नवीनतम अनुसंधान पर पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियां दीं। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने उनकी सफलता पर बधाई दी।
विश्वविद्यालय में फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने जितने सिंह की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके शोध को सम्मेलन की थीम के अंतर्गत वैज्ञानिकता, प्रासंगिकता और व्यावहारिक उपयोगिता के परिणाम स्वरूप चुना गया। जितेन के पोस्टर ने सुव्यवस्थित अध्ययन को प्रदर्शित किया, इसमें छोटे जानवरों, विशेष रूप से विस्टार चूहों में ऐक्रिलामाइड-प्रेरित प्रजनन विषाक्तता का मुकाबला करने में मेलाटोनिन की चिकित्सीय क्षमता की खोज की गई थी। जितेन ने यह अध्ययन हकेंवि के फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार, सहायक आचार्य डॉ. अशोक जांगड़ा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के स्मॉल एनिमल एक्सपेरिमेंटल फैसिलिटी के निदेशक प्रो. दिनेश ढींगरा के मार्गदर्शन में किया है।
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फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के प्रमुख डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि यह शोध न केवल शोधार्थी के परिश्रम का उदाहरण है बल्कि वैज्ञानिक विधियों के अनुप्रयोग के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं को हल करने का भी प्रयास है। विभाग में सहायक आचार्य डॉ. अशोक जांगड़ा ने बताया कि ऐक्रिलामाइड, एक यौगिक जो अक्सर प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, और इसके प्रजनन स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव से संबंधित एक उभरती हुई चिंता को यह शोध प्रदर्शित करता है।
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बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बीआईटीएस) पिलानी, राजस्थान में टेक्नोलॉजी एनेबलिंग सेंटर की ओर से ट्रांसलेशनल बायोमेडिकल रिसर्च सोसाइटी (टीबीआरएस) के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में देशभर विभिन्न संस्थानों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और फार्मास्युटिकल साइंसेज में नवीनतम अनुसंधान पर पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियां दीं। विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने उनकी सफलता पर बधाई दी।
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विश्वविद्यालय में फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने जितने सिंह की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके शोध को सम्मेलन की थीम के अंतर्गत वैज्ञानिकता, प्रासंगिकता और व्यावहारिक उपयोगिता के परिणाम स्वरूप चुना गया। जितेन के पोस्टर ने सुव्यवस्थित अध्ययन को प्रदर्शित किया, इसमें छोटे जानवरों, विशेष रूप से विस्टार चूहों में ऐक्रिलामाइड-प्रेरित प्रजनन विषाक्तता का मुकाबला करने में मेलाटोनिन की चिकित्सीय क्षमता की खोज की गई थी। जितेन ने यह अध्ययन हकेंवि के फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार, सहायक आचार्य डॉ. अशोक जांगड़ा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के स्मॉल एनिमल एक्सपेरिमेंटल फैसिलिटी के निदेशक प्रो. दिनेश ढींगरा के मार्गदर्शन में किया है।
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फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के प्रमुख डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि यह शोध न केवल शोधार्थी के परिश्रम का उदाहरण है बल्कि वैज्ञानिक विधियों के अनुप्रयोग के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं को हल करने का भी प्रयास है। विभाग में सहायक आचार्य डॉ. अशोक जांगड़ा ने बताया कि ऐक्रिलामाइड, एक यौगिक जो अक्सर प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, और इसके प्रजनन स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव से संबंधित एक उभरती हुई चिंता को यह शोध प्रदर्शित करता है।