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Rohtak News: हिस्ट्रीशीटर पार्ट-3... चार कराेड़ की निकिल प्लेट चोरी बनी मौत का कारण
Tue, 01 Jul 2025 02:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 01 Jul 2025 02:51 AM IST
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रोहतक। हरियाणा में चालकों की हत्या करके ट्रक में भरे सामान को लूटने का सिलसिला एक दशक से चल रहा था। हिस्ट्रीशीटर संदीप लोहार हरियाणा में एक के बाद एक बड़ी वारदात कर रहा था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कभी उसे गंभीरता से नहीं लिया। मगर जब उसने यूपी के कानपुर के पनकी में 4 करोड़ रुपये की निकिल प्लेट चोरी की तो यूपी पुलिस इसके पीछे लग गई।
यूपी पुलिस ने उसका पीछा करना शुरू किया और बागपत में मारा गया। यूपी पुलिस के एसटीएफ के एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि कानपुर के पनकी से 4 करोड़ की निकिल प्लेट चोरी के मामले में उसका नाम सामने आया था। इसके बाद लगातार तलाश की जा रही थी।
महम में रेल की पटरी चोरी कर बेच दी थी
महम में रेल पटरी बदली गई थी और उसके बराबर में पुरानी पटरियों को रखकर छोड़ दिया था। संदीप लोहार पर आरोप था कि उसने क्रेन की मदद से रेल की पटरियों को चोरी करके उनके टुकड़े किए और फिर उसे बड़ी लोहा कंपनी में ले जाकर गलवा दिया था। हालांकि, बाद में उसे इस मामले में जेल भी जाना पड़ा था।
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डीएसपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़वाया था संदीप ने
महम में रेलवे की पटरी चोरी करने और उसे बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गंभीर प्रवृत्ति का अपराधी मानते हुए उसे एकांत बैरक में रखा गया था। इस मामले में उसने जेल में उसने एक डीएसपी से साठगांठ की और सामान्य बैरक में आ गया। आरोप है कि इसके एवज में डीएसपी से ढाई लाख रुपये लेने तय हुए थे। 1.5 लाख रुपये जेल में ही पहुंचाए गए थे, जबकि बचे हुए एक लाख रुपये एक पान के खोखे से लेने के लिए कहा गया था। इससे पहले संदीप ने एंटी क्रप्शन ब्यूरो से शिकायत कर दी थी। डीएसपी जब रुपये लेने पहुंचे तो उनको रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।
चार भाइयों में तीन थे गैंग में शामिल
भैणी महाराजपुर गांव में सतबीर के चार बेटे थे। इनमें संदीप सबसे बड़ा था, जबकि दूसरे नंबर का भाई चयाऊं है और वह शराब पीने का आदी बताया जाता है। तीसरे भाई रमेश लोहार को यूपी पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित करने के बाद 18 मई को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि संदीप का चौथा भाई मंजीत भी कई मामलों में वांछित बताया गया है और वह भी भागा हुआ है।
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यूपी पुलिस ने उसका पीछा करना शुरू किया और बागपत में मारा गया। यूपी पुलिस के एसटीएफ के एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि कानपुर के पनकी से 4 करोड़ की निकिल प्लेट चोरी के मामले में उसका नाम सामने आया था। इसके बाद लगातार तलाश की जा रही थी।
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महम में रेल की पटरी चोरी कर बेच दी थी
महम में रेल पटरी बदली गई थी और उसके बराबर में पुरानी पटरियों को रखकर छोड़ दिया था। संदीप लोहार पर आरोप था कि उसने क्रेन की मदद से रेल की पटरियों को चोरी करके उनके टुकड़े किए और फिर उसे बड़ी लोहा कंपनी में ले जाकर गलवा दिया था। हालांकि, बाद में उसे इस मामले में जेल भी जाना पड़ा था।
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डीएसपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़वाया था संदीप ने
महम में रेलवे की पटरी चोरी करने और उसे बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गंभीर प्रवृत्ति का अपराधी मानते हुए उसे एकांत बैरक में रखा गया था। इस मामले में उसने जेल में उसने एक डीएसपी से साठगांठ की और सामान्य बैरक में आ गया। आरोप है कि इसके एवज में डीएसपी से ढाई लाख रुपये लेने तय हुए थे। 1.5 लाख रुपये जेल में ही पहुंचाए गए थे, जबकि बचे हुए एक लाख रुपये एक पान के खोखे से लेने के लिए कहा गया था। इससे पहले संदीप ने एंटी क्रप्शन ब्यूरो से शिकायत कर दी थी। डीएसपी जब रुपये लेने पहुंचे तो उनको रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।
चार भाइयों में तीन थे गैंग में शामिल
भैणी महाराजपुर गांव में सतबीर के चार बेटे थे। इनमें संदीप सबसे बड़ा था, जबकि दूसरे नंबर का भाई चयाऊं है और वह शराब पीने का आदी बताया जाता है। तीसरे भाई रमेश लोहार को यूपी पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित करने के बाद 18 मई को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि संदीप का चौथा भाई मंजीत भी कई मामलों में वांछित बताया गया है और वह भी भागा हुआ है।