फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Health department will remove anemia of pregnant women by feeding jaggery and gram

स्वास्थ्य विभाग गुड़-चना खिलाकर प्रसूताओं की दूर करेगा खून की कमी

Wed, 05 Oct 2022 02:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 05 Oct 2022 02:03 AM IST
विज्ञापन
Health department will remove anemia of pregnant women by feeding jaggery and gram
गर्भवतियों के लिए गुड़ और चना जारी करते सीएमओं डॉ. अनिल बिरला। विज्ञप्ति
गुड़ व चना, खून बढ़ाता है। इसलिए गर्भवतियों को 250 ग्राम भुना चना और 250 ग्राम गुड़ दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत प्रत्येक गर्भवती का हर महीने की नौ तारीख को पंजीकरण किया जाएगा। इस संबंध में एनएचएम निदेशक ने प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को निर्देश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन

दरअसल, दूध-दही खाने वाले हरियाणा में महिलाएं बड़े स्तर पर एनीमिक हैं। ज्यादातर महिलाएं 10 ग्राम हीमोग्लोबिन वाली हैं। कुछ मामलों में महिलाओं में दस से कम व चार से पांच ग्राम तक भी हीमोग्लोबीन पाया गया है। यह बेहद गंभीर स्थिति होती है। इस पर भी उस महिला का गर्भवती होना अपने आपमें उसका जीवन खतरे में डालने के समान है। ऐसे मामलों में गर्भवती या प्रसूता का जीवन बचाने के लिए केवल खून की ही जरूरत पड़ती है। जबकि खून की अक्सर किल्लत रहती है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने एनीमिक महिलाओं में खून की कमी दूर करने पर जोर दिया है। इसी उद्देश्य से गर्भवतियों को गुड़ व चना देने की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक माह की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जाएगा। यहीं उनकी स्वास्थ्य जांच भी होगी। इसमें उनका एचबी भी जांचा जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी आंगनबाड़ी वर्कर व आशा वर्कर का सहयोग लिया जाएगा। ये घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को जागरूक बनाने का प्रयास करेंगी।
विज्ञापन

एनएचएम ने गर्भवती महिलाओं को गुड़ व चना देने की योजना शुरू की है। महिलाओं में खून की कमी दूर करने के उद्देश्य से यह योजना बनाई गई है। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत गर्भवती महिला प्रत्येक माह की 9 तारीख को अपना पंजीकरण एवं जांच करा सकती है। यह डाइट गर्भवती महिलाओं में रक्त की कमी को पूर्ण करने में सहायक होगी। इससे मातृ व शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी। -डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed