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मानसिक, विक्षिप्त व नशे के आदी रोगियों को कहां ले जाए स्वास्थ्य विभाग

Fri, 10 Apr 2020 01:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2020 01:48 AM IST
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health department problem for drugs effected patient
रोहतक। नॉवेल कोरोना वायरस वुहान स्टेन कोविड 19 के संक्रमण को फैलने की आशंका के चलते देश में लॉकडाउन हैं। ऐसे में लोग संदेह के आधार पर बीमार लोगों की सूचनाएं स्वास्थ्य विभाग को दे रहे हैं। इनमें खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों के अलावा विभाग को मानसिक विक्षिप्त रोगियों व नशे के आदि रोगियों की भी सूचना दी जा रही है। सूचना के आधार पर विभाग की एंबुलेंस मरीज को अस्पताल ले तो आती है, लेकिन वह उन्हें छोड़े कहां, यह सवाल हर दिन तैयार रहता है।
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स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस लॉकडाउन के बाद प्रतिदिन 10 से 12 मरीजों को जांच करवाने के लिए जिला अस्पताल व पीजीआईएमएस ले कर आती है। अधिकांश लोगों की कॉल होती है कि उनके पड़ोस में एक बीमार व्यक्ति है, उसे कोरोना हो सकता है। इन सभी को एंबुलेंस जांच के लिए अस्पताल ले कर आती है। इसी बीच में लोग मानसिक विक्षिप्त लोगों के लिए भी कॉल कर देती है। समस्या यह होती है कि ये मरीज न तो नाम बता पाते और न ही पता। ऐसे में पीजीआईएमएस में भर्ती करना मुश्किल हो जाता है। खासकर उस समय जब ये मानसिक रोगी शारीरिक रूप से सही होते हैं। वहीं लॉक डाउन व सख्ती के चलते नियमित नशा करने वालों की भी मुसीबत बढ़ गई हैं। अफीम, चरस, स्मैक आदि न मिलने के चलते इनके आदी लोग बदहवास घूमते हैं। इनकी कॉल ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग को करते हैं, इन्हें जब अस्पताल लाते हैं तो फिर पंजीकरण की समस्या शुरू हो जाती है। बगैर पुलिस के समाज सेवी संस्थाएं इन्हें अपने पास नहीं रखती। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी बन जाती है कि वह उस व्यक्ति को उल्टा वहीं छोड़ कर आएं, जहां से उसे लाए थे।
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ब्राह्मणवास, टिटोली में जूझती रही टीम
विभाग के सूत्रों की मानें तो सोमवार को वह ब्राह्मणवास व टिटोली में ऐसे ही मामले को लेकर परेशान रहे। मानसिक विक्षिप्त को वह जांच केलिए लेकर गए तो लेकिन पीजीआईएमएस में जांच कर वापस छोड़ दिया। मजबूरी में उन्हें फिर वापस लाना पड़ा। इसमें लगभग छह घंटा खराब हो गया। देर रात तक टीम टिटोली में भी भी घूमती रही।
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गौड़ कॉलेज से मरीज को कराया मानसिक चिकित्सा संस्थान में भर्ती
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस ने गौड़ कॉलेज से एक अन्य मरीज को पीजीआईएमएस के मानसिक चिकित्सा संस्थान में दाखिल कराया है। हालांकि तहसीलदार व पुलिस कर्मी के साथ होने के चलते कोई समस्या नहीं आई। फिलहाल व्यक्ति पीजीआईएमएस में उपचाराधीन है।
छह संदिग्धों को लाई एंबुलेंस
स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस मंगलवार शाम तक छह संदिग्धों को जांच के लिए अस्पताल ले कर आई। इसमें गांधरा, हसनगढ़, बहु जमालपुर, काहनौर, कलानौर से शामिल रहे। विभाग की मानें तो अधिकांश कॉल संदेह के आधार पर होती है। विभाग हर कॉल को अटेंड करता है ताकि कोई कोरोना का मरीज छूट न जाए।

एंबुलेंस यदि किसी मरीज को लाती है तो उसका उपचार किया जाएगा। यदि कोई अज्ञात आता है तो उसकी जानकारी पुलिस को दी जाएगी और सामाजिक संस्थाओं के सुपुर्द इन मरीजों को कर दिया जाता है। मानसिक विक्षिप्त रोगियों को इनसे जुड़ी समाजिक संस्थाओं में भेजा जाता है। समस्या कहां आ रही है, इस संबंध में आपातकालीन विभाग के प्रभारी से बात की जाएगी।
डॉ. गजेंद्र, जनसंपर्क अधिकारी, हेल्थ विवि रोहतक।
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