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Rohtak News: अलर्ट के बाद भी नहीं जागा स्वास्थ्य विभाग, नहीं बनाई जांच लैब
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रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) ने कोरोना के सैंपलों की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अलर्ट करने के बावजूद विभाग ने अपनी लैब क्यों नहीं तैयार की। जबकि अन्य जिलों ने अपनी लैब तैयार कर ली है। वह अपने सैंपल ही जांच सकते हैं। यदि स्वास्थ्य विभाग को उनसे सैंपल जांच करवाने थे अपना स्टाफ क्यों हटाया।
पीजीआईएमएस के वायरोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. पीएस गिल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को पहले ही अलर्ट किया गया था कि उनके कोरोना जांच सैंपल नहीं लिए जाएंगे। तीन साल से लगातार कहा जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग अपनी लैब अलग से बना ले। झज्जर ने भी अपनी लैब अलग बना ली, लेकिन रोहतक ने इस पर काम नहीं किया। 30 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग रोहतक अपने 16 स्टाफकर्मी पीजीआईएमएस से हटा चुका है। इसमें रिसर्च साइंटिस्ट, लैब तकनीशियन व डेटा एंट्री ऑपरेटर थे, इन सभी ने कोरोना के सैंपल जांचने और रिकाॅर्ड मेंटेन रखने में सहयोग किया था। पीजीआईएमएस के पास कोरोना के अलावा भी जांच सैंपल होते हैं। इतने सैंपल जांचने के लिए फिलहाल हमारे पास स्टाफ नहीं है। संस्थान 11 लाख 77 हजार 764 सैंपल जांच चुका है। इसमें 58 हजार 179 कोरोना संक्रमित मिले थे।
अधिकारी ने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य विभाग रोहतक के पास तीन माइक्रोबॉयोलोजिस्ट हैं और वह अपनी लैब नहीं तैयार कर पा रहे हैं। अभी भी संस्थान कोरोना के सैंपल जांच करने को तैयार है, लेकिन स्टाफ इनको देना होगा। पीजीआईएमएस की जांच लैब में जो सैंपल सीधा आ रहे हैं वह जांचे जा रहे हैं। पीजीआईएमएस किसी मरीज को जांच करवाने से मना नहीं कर रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग से सीधा सैंपल नहीं लिया जा रहा है।
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दोनों लैब में जांच किट भेज दी हैं। जिले के सैंपलों की जांच में कोई समस्या नहीं आएगी। डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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पीजीआईएमएस के वायरोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. पीएस गिल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को पहले ही अलर्ट किया गया था कि उनके कोरोना जांच सैंपल नहीं लिए जाएंगे। तीन साल से लगातार कहा जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग अपनी लैब अलग से बना ले। झज्जर ने भी अपनी लैब अलग बना ली, लेकिन रोहतक ने इस पर काम नहीं किया। 30 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग रोहतक अपने 16 स्टाफकर्मी पीजीआईएमएस से हटा चुका है। इसमें रिसर्च साइंटिस्ट, लैब तकनीशियन व डेटा एंट्री ऑपरेटर थे, इन सभी ने कोरोना के सैंपल जांचने और रिकाॅर्ड मेंटेन रखने में सहयोग किया था। पीजीआईएमएस के पास कोरोना के अलावा भी जांच सैंपल होते हैं। इतने सैंपल जांचने के लिए फिलहाल हमारे पास स्टाफ नहीं है। संस्थान 11 लाख 77 हजार 764 सैंपल जांच चुका है। इसमें 58 हजार 179 कोरोना संक्रमित मिले थे।
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अधिकारी ने सवाल उठाया कि स्वास्थ्य विभाग रोहतक के पास तीन माइक्रोबॉयोलोजिस्ट हैं और वह अपनी लैब नहीं तैयार कर पा रहे हैं। अभी भी संस्थान कोरोना के सैंपल जांच करने को तैयार है, लेकिन स्टाफ इनको देना होगा। पीजीआईएमएस की जांच लैब में जो सैंपल सीधा आ रहे हैं वह जांचे जा रहे हैं। पीजीआईएमएस किसी मरीज को जांच करवाने से मना नहीं कर रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग से सीधा सैंपल नहीं लिया जा रहा है।
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दोनों लैब में जांच किट भेज दी हैं। जिले के सैंपलों की जांच में कोई समस्या नहीं आएगी। डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन