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Rohtak News: टाबर उत्सव में झलकी हरियाणवी संस्कृति

Tue, 13 Jun 2023 02:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jun 2023 02:35 AM IST
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Haryanvi culture reflected in Tabor festival
रोहतक। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे टाबर उत्सव में हरियाणवी संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है। बच्चों के पीओपी व मिट्टी के इस्तेमाल से तैयार हरियाणवी संस्कृति के प्रतीक हुक्का, मूसल, कुंडी-सोटा व अन्य सामान आकर्षकण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों में कलात्मक विषय के प्रति विशेष रूचि व उत्साह नजर आया।
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विद्यार्थी रंगों से कलात्मक विषय की जानकारी लेने व कलाकारी का हुनर सीखने के लिए शिविर में बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में आर्टिस्ट डॉ. पवन भाटिया व उनके सहयोगी अजय राणा ने लाइव मॉडल डेमो से कला को नवीनता प्रदान की। सोमवार को डीपीआरओ संजीव सैनी, डाइट प्रिंसिपल वीरेंद्र मलिक व जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने शिविर का निरीक्षण कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। प्रधानाचार्य ओकेस लता चौधरी ने कला व सांस्कृतिक अधिकारी ह्रदय कौशल की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि इससे अपनी संस्कृति को जानने के साथ बच्चों के समय का भी सदुपयोग होगा। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति म्यूजियम में चली गई है। हम अपनी ही संस्कृति को भूलते जा रहे हैं।
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टाबर उत्सव का मुख्य उद्देश्य विलुप्त होती संस्कृति को जिंदा रखना है। पहले बच्चे मिट्टी के खिलौनों से खेलते थे। फिर मिट्टी की जगह प्लास्टिक और लकड़ी के बने खिलौने आ गए। आधुनिकता की वजह से हमारी संस्कृति विलुप्त होने लगी। हड़प्पा सभ्यता में भी मिट्टी से बनी चीजें मिली हैं।
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सुनीता अहलावत, डाइट कोऑर्डिनेटर
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