फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Haryana: Seeks time from court on Thara Fufa Zinda Hai title

Haryana: थारा फूफा जिंदा है टाइटल पर मांगा अदालत से समय, अब सुनवाई 8 मई को

Fri, 12 Apr 2024 07:28 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 12 Apr 2024 07:28 PM IST
सार

ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा और हरियाणवी एप की तरफ से वकील अदालत में पेश हुए। अदालत ने पांच लोगों को नोटिस भेजकर 12 अप्रैल तक जवाब मांगा था।

विज्ञापन
Haryana: Seeks time from court on Thara Fufa Zinda Hai title
अदालत के बाहर याची। - फोटो : संवाद

विस्तार

'थारा फूफा जिंदा है' टाइटल को लेकर दायर याचिका के जवाब में शुक्रवार को हरियाणवी एप के ब्रांड एंबेसडर ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, डायरेक्टर संजय भसीन, विश्वास चौहान, हरीश छाबड़ा के वकील कोर्ट में पेश होकर अदालत में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अदालत ने आठ मई तक जवाब देने के लिए तिथि तय की है।

विज्ञापन


अपनी पेंशन काटे जाने के विरोध में 'थारा फूफा जिंदा है' आंदोलन करने वाले करीब 104 वर्षीय दादा दुलीचंद बुधवार को मानसरोवर पार्क स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के पास पहुंचे थे। यहां से रथ में सवार होकर रोहतक कोर्ट गए। रथ पर सारथी बनकर नवीन जयहिंद उनके साथ रहे।
विज्ञापन


उनका आरोप है कि एप संचालकों ने अपनी फिल्म में उनके आंदोलन का कंटेंट चुराया है। इस संबंध में कोर्ट में फिल्म के खिलाफ याचिका दायर की है। अदालत ने पांच लोगों को नोटिस भेजकर 12 अप्रैल तक जवाब मांगा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


दादा दुलीचंद बोले, लड़ाई मान सम्मान की है , पैसे की नहीं, सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे
अदालत से बाहर आए गांधरा निवासी दादा दुलीचंद ने कहा कि उनकी यह लड़ाई मान-सम्मान की है, पैसे के लिए नहीं है। पैसा किसी गोशाला में दान कर दिया जाए। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने कहा कि 104 वर्षीय दादा दुलीचंद ने 2 साल पहले थारा फूफा जिंदा है मुहिम चलाई थी। इसके बाद प्रदेश के बुजुर्गों, दिव्यांग और विधवाओं की पेंशन बनाई गई। सरकारी कागजों में सरकार ने इन्हें मरा हुआ दिखाया था और इसी को लेकर तब इन्होंने संघर्ष किया था और यह अभियान चलाया। उन्होंने अदालत को बताया कि पूरी दुनिया में सबसे पहले थारा फूफा जिन्दा है की मुहिम दादा दुलीचंद के साथ उन्होंने चलाई थी। इस एप ने व्यवसायिक तौर पर यह शब्द इस्तेमाल किए हैं। अगर वे गलत साबित होते है तो कोर्ट चाहे तो बेशक नवीन जयहिंद पर जुर्माना लगा दे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed