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हरियाणा की धरती दादा लक्ष्मी चंद जैसे महान कलाकारों की : शिक्षा मंत्री

Mon, 12 May 2025 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 12 May 2025 12:39 AM IST
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Haryana is the land of great artists like Dada Lakshmi Chand: Education Minister
11सीटीके15...सुपवा में आयोजित स्टूडेंट्स शोकेस वार्षिक कला प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थी के साथ
रोहतक। डीएलसी सुपवा में स्टूडेंट्स शोकेस चार दिवसीय प्रदर्शनी का रविवार को तीसरा दिन रहा। बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा की धरती दादा लक्ष्मी चंद जैसे महान कलाकारों की रही है। वहीं कार्यक्रम में पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने भी शिरकत की। प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 18 विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
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छात्रों की कलात्मक दक्षता से प्रभावित होकर महिपाल ढांडा ने विद्यार्थियों की कौशलता, दृष्टिकोण और पेशेवर सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी विश्वविद्यालय में मौजूद प्रतिभा की सुंदरता और सामर्थ्य का एक प्रतीक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार विश्वविद्यालय प्रशासन एवं छात्रों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयासों में हर संभव सहयोग देगी।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती दादा लक्ष्मी चंद जैसे महान कलाकारों की रही है। हमारे हर विद्यार्थी में चमकने की क्षमता है और उन्हें उस दिशा में कार्य करना चाहिए। कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने कहा मुझे विश्वास है कि स्टूडेंट्स शोकेस हमारे युवा कलाकारों को उनकी आंतरिक प्रतिभा को पहचानने और रचनात्मक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने भी विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने हुनर पर ध्यान दें और आत्मनिर्भर कलाकार बनने की दिशा में प्रयास करें। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव डॉ. गुंजन मालिक ने सभी विशिष्ट अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।
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इतिहास के झरोखों को कलाकृति में उकेरा
सुपवा के दृश्य कला विभाग की छात्रा श्वेता ने बताया कि इतिहास की बहुत सी विरासतें विलुप्त होती जा रही हैं। हमने बचपन में बड़े और कुंडीदार दरवाजों को देखा है, जो अनेक प्रकार की सामग्री और परंपरागत तरीके से बनाए जाते थे। इसके बाद समय बदलते दरवाजों को बनाने के तोर तरीके बदल गए हैं। शहरीकरण ने पुराने समय के देहात की विरासतों को प्रभावित किया है। हमने जो देख लिया है, वो हमारे बच्चे नहीं देख पाएंगे। ऐसे में बच्चों को हमारे बचपन और पुरानी विरासतों को संरक्षित करने के लिए कलाकृति बनाई हैं। दरवाजों के स्वरूप को हूबहू उकेरने का प्रयास किया है, जो बच्चों के लिए खास बन सके।

11सीटीके15...सुपवा में आयोजित स्टूडेंट्स शोकेस वार्षिक कला प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थी के साथ

11सीटीके15...सुपवा में आयोजित स्टूडेंट्स शोकेस वार्षिक कला प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थी के साथ

11सीटीके15...सुपवा में आयोजित स्टूडेंट्स शोकेस वार्षिक कला प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थी के साथ

11सीटीके15...सुपवा में आयोजित स्टूडेंट्स शोकेस वार्षिक कला प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थी के साथ

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