Rohtak: हार्दिक के पिता बोले- नहीं चाहिए आर्थिक मदद; बेटे के नाम पर बने गांव में इंडोर स्टेडियम; CM मान पहुंचे
हार्दिक के पिता संदीप ने कहा सरकार ने आश्वासन दिया है कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं होने देंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विस्तार
हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम वीरवार को लाखनमाजरा पहुंचे और बॉस्केटबाल खिलाड़ी हार्दिक राठी के परिवार से मुलाकात की। खेल मंत्री ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि परिवार की हर मांग पूरी की जाएगी। इसके साथ ही खिलाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
प्रदेश सरकार दुख की घड़ी में परिवार के साथ
मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हार्दिक राठी एक होनहार खिलाड़ी था। उसकी मौत से पूरे देश को दुख है। प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री नायब सैनी दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ हैं। परिवार जो भी मांग करेगा उसे पूरा किया जाएगा। परिवार को भी सरकार पर पूरा भरोसा है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सांसद कोटे से जो राशि पंचायती राज विभाग को मिली थी। वह अब क्यों खर्च नहीं हुई, इसकी जांच करवाएंगे।
पंजाब के सीएम ने की परिवार के लोगों से मुलाकात
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी परिवार से मिलने पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं प्रकट कीं।
मुख्यमंत्री @BhagwantMann जी ने रोहतक के लाखन माजरा जाकर बास्केटबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी हार्दिक राठी के परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएँ प्रकट कीं।
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प्रैक्टिस के दौरान हुआ हादसा खेल सुरक्षा व्यवस्थाओं की बड़ी कमी को दर्शाता है।
केंद्र और हरियाणा की सरकारों से अनुरोध है कि… pic.twitter.com/IuIigDHhR9— AAP (@AamAadmiParty) November 27, 2025
जिला खेल अधिकारी को निलंबित कर चुके हैं। बाकी जो भी अधिकारी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि 10 साल में सरकार खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। खेल स्टेडियमों के नवनिर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को विभाग 150 करोड़ रुपये दे चुका है।
हार्दिक के पिता का बयान
वहीं, हार्दिक के पिता संदीप ने कहा सरकार ने आश्वासन दिया है कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं होने देंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हार्दिक के पिता ने गांव में स्टेडियम बनाने की मांग की। पीड़ित पिता ने कहा हरियाणा सरकार ने हमें पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। लेकिन हमें ये पैसा नहीं चाहिए। हमार बच्चा अब वापस नहीं आया। उन्होंने कहा हमारे बेटे के नाम से गांव में इंडोर स्टेडियम बनवाया जाए जिससे हमारे गांव के बच्चों को अच्छी खेल सुविधाएं मिल सकें।