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Rohtak News: 20 घंटे बाद भी नहीं पिघले ओले, किसान बोरे में भरकर पहुंचे एसडीएम कार्यालय
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रोहतक। शनिवार को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। नगर निगम के अंतर्गत आने वाले गांव पहरावर में 20 घंटे बाद भी ओले नहीं पिघले हैं। रविवार को ओले को बोरे में भरकर किसान एसडीएम ऑफिस पहुंचे। छुट्टी के दिन भी एसडीएम ने ग्रामीणों की परेशानी सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार सर्वे करवाकर मुआवजा देगी।
पहरावर से आए किसान कृष्ण ने कहा कि 60 साल की उम्र में पहली बार गांव में इतनी ओलावृष्टि देखी है। न केवल फसल नष्ट हो गई, बल्कि पेड़ों के पत्ते भी गिर गए। टहनियां टूट गईं। पक्षी मर गए हैं। राजस्थान के पशुपालक गायों को लेकर गांव के बाहर आए हुए थे, ओलावृष्टि से गाय भी घायल हो गई। जो ओलावृष्टि के दौरान गांव की गलियों में बचने के लिए दौड़ रही थी। वहीं, आजाद ने कहा कि ओले ऐसे बह रहे थे, जैसे पहाड़ों पर बर्फ के नाले बहते हैं।
बैंक ने किया बीमा, ओलावृष्टि का अलग से करवाएं सर्वे
किसानों ने कहा कि सरकार की शर्त है कि किसान का पंजीकरण मेरी फसल मेरा पोर्टल पर होना चाहिए। किसान बैंक में गए थे, लेकिन बैंक ने पंजीकरण करने से मना कर दिया। अब पोर्टल बंद हो चुका है। ऊपर से ओलावृष्टि से गेहूं की फसल नष्ट हो गई। गांव में दो गौशाला हैं। उनको अनाज और चारा देने के लिए फसल नहीं बची।
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छुट्टी के दिन खोला कार्यालय, एसडीएम आज पटवारियों संग करेंगे बैठक
ओलावृष्टि से हुए नुकसान को देते हुए रविवार के दिन भी एसडीएम आशीष कुमार अपने कार्यालय पहुंचे और किसानों से मिलने के बाद नायब तहसीलदार व दूसरे अधिकारियों से बात की। साथ ही 2021 में हुए नुकसान को लेकर मुआवजा ब्रांच से रिपोर्ट मांगी। बताया कि पिछले साल रोहतक खंड में फसल के नुकसान का करीब 12 करोड़ के करीब मुआवजा सरकार ने जारी किया था, जिसमें 8 करोड़ 76 लाख रुपये मुआवजा बंट चुका है। बाकी पैन कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर व दूसरी तकनीकी वजह से मुआवजा बंटना बाकी है। तकनीकी दिक्कतों को भी दूर किया जा रहा है।
शनिवार को ही उपायुक्त अजय कुमार ने हिदायत दे दी थी कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लें। ऐसे में रविवार को पटवारियों को गांवों में भेज दिया है। पहरावर, मायना शिमली, बलियाना, खेड़ी सा, पाकस्मा, कंसाला व दूसरे गांव में नुकसान की सूचना है। गांव में कमेटी बनाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेंगे।
आशीष कुमार, एसडीएम, रोहतक
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पहरावर से आए किसान कृष्ण ने कहा कि 60 साल की उम्र में पहली बार गांव में इतनी ओलावृष्टि देखी है। न केवल फसल नष्ट हो गई, बल्कि पेड़ों के पत्ते भी गिर गए। टहनियां टूट गईं। पक्षी मर गए हैं। राजस्थान के पशुपालक गायों को लेकर गांव के बाहर आए हुए थे, ओलावृष्टि से गाय भी घायल हो गई। जो ओलावृष्टि के दौरान गांव की गलियों में बचने के लिए दौड़ रही थी। वहीं, आजाद ने कहा कि ओले ऐसे बह रहे थे, जैसे पहाड़ों पर बर्फ के नाले बहते हैं।
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बैंक ने किया बीमा, ओलावृष्टि का अलग से करवाएं सर्वे
किसानों ने कहा कि सरकार की शर्त है कि किसान का पंजीकरण मेरी फसल मेरा पोर्टल पर होना चाहिए। किसान बैंक में गए थे, लेकिन बैंक ने पंजीकरण करने से मना कर दिया। अब पोर्टल बंद हो चुका है। ऊपर से ओलावृष्टि से गेहूं की फसल नष्ट हो गई। गांव में दो गौशाला हैं। उनको अनाज और चारा देने के लिए फसल नहीं बची।
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छुट्टी के दिन खोला कार्यालय, एसडीएम आज पटवारियों संग करेंगे बैठक
ओलावृष्टि से हुए नुकसान को देते हुए रविवार के दिन भी एसडीएम आशीष कुमार अपने कार्यालय पहुंचे और किसानों से मिलने के बाद नायब तहसीलदार व दूसरे अधिकारियों से बात की। साथ ही 2021 में हुए नुकसान को लेकर मुआवजा ब्रांच से रिपोर्ट मांगी। बताया कि पिछले साल रोहतक खंड में फसल के नुकसान का करीब 12 करोड़ के करीब मुआवजा सरकार ने जारी किया था, जिसमें 8 करोड़ 76 लाख रुपये मुआवजा बंट चुका है। बाकी पैन कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर व दूसरी तकनीकी वजह से मुआवजा बंटना बाकी है। तकनीकी दिक्कतों को भी दूर किया जा रहा है।
शनिवार को ही उपायुक्त अजय कुमार ने हिदायत दे दी थी कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लें। ऐसे में रविवार को पटवारियों को गांवों में भेज दिया है। पहरावर, मायना शिमली, बलियाना, खेड़ी सा, पाकस्मा, कंसाला व दूसरे गांव में नुकसान की सूचना है। गांव में कमेटी बनाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेंगे।
आशीष कुमार, एसडीएम, रोहतक