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सरकारी अनाज मंडियां बंद कर प्राइवेट खुलवाना चाहती है सरकार : बजरंग गर्ग
Wed, 17 Dec 2025 01:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 17 Dec 2025 01:14 AM IST
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07...बैठक में व्यापारी प्रतिनिधियों को संबोधित करते व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग
रोहतक। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल की प्रदेश कोर कमेटी की बैठक रोहतक में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने की। यहां मुख्यमंत्री के आढ़तियों को बिचौलिया कहकर उनकी भूमिका समाप्त करने संबंधी बयान पर व्यापारियों ने कड़ा रोष जताया।
अध्यक्ष ने कहा कि देश और प्रदेश का व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है लेकिन सरकार लगातार आढ़तियों और किसानों के बीच आपसी भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। सरकार ने न तो धान और न ही बाजरा की फसल एक भी खरीद एमएसपी पर की है। इसके चलते किसानों को मजबूरी में फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ी।
धान में नमी के नाम पर 500 से 700 रुपये प्रति क्विंटल व बाजरा में 900 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक की कटौती की गई। धान खरीद में लगभग 275 करोड़ रुपये का आढ़तियों का कमीशन अभी तक सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया है। इस कारण से आढ़तियों में भारी रोष है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी अनाज मंडियों को बंद कर निजी मंडियों को बढ़ावा देना चाहती है। इससे किसानों का शोषण होगा। नरमा का एमएसपी 7860 रुपये है। इसके बावजूद हरियाणा में नरमा 5000 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। सरकार को झूठी घोषणाओं के बजाय हर फसल की खरीद एमएसपी पर आढ़तियों के माध्यम से करनी चाहिए।
उन्होंने धान और बाजरा खरीद में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए इसकी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की। बैठक में प्रदेश महासचिव रमेश खुराना, जिला प्रधान पंकज सचदेवा, सुधीर शर्मा, राहुल गर्ग, सुभाष गुर्जर, सतीश छिकारा, राजीव गुप्ता, विनोद जैन, पवन गर्ग सहित अनेक व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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अध्यक्ष ने कहा कि देश और प्रदेश का व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है लेकिन सरकार लगातार आढ़तियों और किसानों के बीच आपसी भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। सरकार ने न तो धान और न ही बाजरा की फसल एक भी खरीद एमएसपी पर की है। इसके चलते किसानों को मजबूरी में फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ी।
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धान में नमी के नाम पर 500 से 700 रुपये प्रति क्विंटल व बाजरा में 900 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक की कटौती की गई। धान खरीद में लगभग 275 करोड़ रुपये का आढ़तियों का कमीशन अभी तक सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया है। इस कारण से आढ़तियों में भारी रोष है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी अनाज मंडियों को बंद कर निजी मंडियों को बढ़ावा देना चाहती है। इससे किसानों का शोषण होगा। नरमा का एमएसपी 7860 रुपये है। इसके बावजूद हरियाणा में नरमा 5000 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। सरकार को झूठी घोषणाओं के बजाय हर फसल की खरीद एमएसपी पर आढ़तियों के माध्यम से करनी चाहिए।
उन्होंने धान और बाजरा खरीद में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए इसकी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की। बैठक में प्रदेश महासचिव रमेश खुराना, जिला प्रधान पंकज सचदेवा, सुधीर शर्मा, राहुल गर्ग, सुभाष गुर्जर, सतीश छिकारा, राजीव गुप्ता, विनोद जैन, पवन गर्ग सहित अनेक व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।