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सरकार बिना शर्त विशेष गिरदावरी करा प्रति एकड़ 40 हजार मुआवजा दे : दीपेंद्र हुड्डा
Wed, 06 Mar 2024 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 06 Mar 2024 11:45 PM IST
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रोहतक। सांसद दीपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में बुधवार को किसानों ने बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। आंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस भवन से शुरू हुआ प्रदर्शन उपायुक्त कार्यालय के बाहर पहुंचा।
यहां पुलिस ने प्रवेश द्वार बंद कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। अंदर जाने को लेकर प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच काफी गहमागहमी हुई। बाद में सांसद ने सरकार के नाम उपायुक्त अजय कुमार को ज्ञापन सौंपा। सरकार बिना शर्त स्पेशल गिरदावरी कराकर किसानों को प्रति एकड़ 40 हजार रुपये मुआवजा दे।।
सांसद ने कहा कि कई जगह शत प्रतिशत फसल खराब हुई है। मुआवजे की राशि उन किसानों को भी दी जाए, जिन्होंने फसलों का बीमा नहीं कराया। ठेके पर जमीन लेकर खेती करने वालों को भी राहत दी जाए। खेतों में खड़ी फसल खराब होने से जिन कृषि मजदूरों की आमदनी का कोई जरिया नहीं बचा, उन्हें भी मुआवजा दिया जाए। उन्होंने मुआवजे में पांच एकड़ की सीमा को खत्म करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसी शर्तों से किसान हतोत्साहित होते हैं। इसलिए फसल खराबे का पूरा मुआवजा दिया जाए। किसानों ने महंगा डीजल और महंगी खाद खरीद कर कड़ी मेहनत से फसल तैयार की थी। यह बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई। किसान आर्थिक रूप से बिल्कुल तबाह हो गया है। सबसे बुरी हालत उस भूमिहीन किसान की है, जिसने जमीन को ठेके पर लेकर खेती की थी। ऐसे में किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए तुरंत मुआवजे की जरूरत है।
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किसानों को पोर्टल के भरोसे छोड़कर सरकार अपना पल्ला न झाड़े। क्योंकि पोर्टल में कभी सर्वर डाउन की समस्या रहती है तो कभी तकनीकी समस्या के चलते पोर्टल अधिकांश ठप रहते हैं। ऐसे में पोर्टल न चलने से परेशान किसान मुआवजा क्लेम भी नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरन उनको अपनी जायज मांग के लिए भी सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इस मौके पर विधायक बीबी बतरा, विधायक शकुंतला खटक, पूर्व विधायक संत कुमार मौजूद रहे।
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यहां पुलिस ने प्रवेश द्वार बंद कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। अंदर जाने को लेकर प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच काफी गहमागहमी हुई। बाद में सांसद ने सरकार के नाम उपायुक्त अजय कुमार को ज्ञापन सौंपा। सरकार बिना शर्त स्पेशल गिरदावरी कराकर किसानों को प्रति एकड़ 40 हजार रुपये मुआवजा दे।।
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सांसद ने कहा कि कई जगह शत प्रतिशत फसल खराब हुई है। मुआवजे की राशि उन किसानों को भी दी जाए, जिन्होंने फसलों का बीमा नहीं कराया। ठेके पर जमीन लेकर खेती करने वालों को भी राहत दी जाए। खेतों में खड़ी फसल खराब होने से जिन कृषि मजदूरों की आमदनी का कोई जरिया नहीं बचा, उन्हें भी मुआवजा दिया जाए। उन्होंने मुआवजे में पांच एकड़ की सीमा को खत्म करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसी शर्तों से किसान हतोत्साहित होते हैं। इसलिए फसल खराबे का पूरा मुआवजा दिया जाए। किसानों ने महंगा डीजल और महंगी खाद खरीद कर कड़ी मेहनत से फसल तैयार की थी। यह बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई। किसान आर्थिक रूप से बिल्कुल तबाह हो गया है। सबसे बुरी हालत उस भूमिहीन किसान की है, जिसने जमीन को ठेके पर लेकर खेती की थी। ऐसे में किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए तुरंत मुआवजे की जरूरत है।
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किसानों को पोर्टल के भरोसे छोड़कर सरकार अपना पल्ला न झाड़े। क्योंकि पोर्टल में कभी सर्वर डाउन की समस्या रहती है तो कभी तकनीकी समस्या के चलते पोर्टल अधिकांश ठप रहते हैं। ऐसे में पोर्टल न चलने से परेशान किसान मुआवजा क्लेम भी नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरन उनको अपनी जायज मांग के लिए भी सड़कों पर धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इस मौके पर विधायक बीबी बतरा, विधायक शकुंतला खटक, पूर्व विधायक संत कुमार मौजूद रहे।