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Rohtak News: ओलावृष्टि से फसल में हुए नुकसान की भरपाई करे सरकार
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रोहतक। बारिश व ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान को लेकर किसान परेशान हैं। फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए पीड़ित किसानों ने सरकार से गुहार लगाई है। अखिल भारतीय किसान सभा ने फसलों में हुए नुकसान को लेकर मानसरोवर पार्क में सभा की और इसके बाद प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय में किसानों ने जिला राजस्व अधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह ने कहा कि जिला के दर्जनों गावों में बारिश व भारी ओलावृष्टि ने किसानों का मोटा नुकसान किया है। इसमें मायना, सुनारियां, बलम, बनियानी, मडोधी, पटवापुर, ककराना, पाकस्मा, कारोर, शिमली, खेड़ी साध, बलियाणा, भालौठ, चुलाना, मुंगान, खरावड़, पटवापुर, पहरावार, कन्हेली, नौनंद, कसरेंटी, कंसाला, आसान, अटाइल, गढ़ी बोहर, भैयापुर, बालंद, सैमान, पोलंगी समेत अन्य गाव शामिल हैं। इन किसानों की गेहूं, सरसों, समेत अन्य फसलें 100 प्रतिशत बर्बाद हुई है। इकिसान सभा सचिव सुमित कुमार ने कहा कि नुकसान की भरपाई करते हुए किसान को तुरंत राहत पहुंचाई जाए।
50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मांगा
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह मातनहेल ने बताया कि सरकार किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दे। फसल तैयार करने में किसानों का बीस-पचीस हजार रुपए प्रति एकड़ खर्च हुआ है। मेरी फसल मेरा ब्योरा और फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल को तुरंत खोला जाए ताकि किसान प्रभावित फसलों के फोटो और नुकसान की जानकारी दर्ज करा सकें।
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किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह ने कहा कि जिला के दर्जनों गावों में बारिश व भारी ओलावृष्टि ने किसानों का मोटा नुकसान किया है। इसमें मायना, सुनारियां, बलम, बनियानी, मडोधी, पटवापुर, ककराना, पाकस्मा, कारोर, शिमली, खेड़ी साध, बलियाणा, भालौठ, चुलाना, मुंगान, खरावड़, पटवापुर, पहरावार, कन्हेली, नौनंद, कसरेंटी, कंसाला, आसान, अटाइल, गढ़ी बोहर, भैयापुर, बालंद, सैमान, पोलंगी समेत अन्य गाव शामिल हैं। इन किसानों की गेहूं, सरसों, समेत अन्य फसलें 100 प्रतिशत बर्बाद हुई है। इकिसान सभा सचिव सुमित कुमार ने कहा कि नुकसान की भरपाई करते हुए किसान को तुरंत राहत पहुंचाई जाए।
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50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मांगा
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह मातनहेल ने बताया कि सरकार किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दे। फसल तैयार करने में किसानों का बीस-पचीस हजार रुपए प्रति एकड़ खर्च हुआ है। मेरी फसल मेरा ब्योरा और फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल को तुरंत खोला जाए ताकि किसान प्रभावित फसलों के फोटो और नुकसान की जानकारी दर्ज करा सकें।
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